पार्टी के लिये वरदान है राजा
स्तीफा ना मंजूर, विरोधियों के मंसूबों पर फिरा पानी
हाईकमान चाहता है राजा को दिया जाये मौका
राजा को डॉमीनेट करने का रचा था षडय़ंत्र
अगर यूं कहे कि कांग्रेस का भूत भविष्य और वर्तमान राजा बघेल पर है तो अतिश्योंक्ति नहीं होगी। राजा के लिये हाईकमान के नेतागण भी हर समय समर्पित रहते हैं यहां तक कि अनेक नेताओं ने तो राजा को यह तक आश्वासन दिया है कि अगर सिवनी में कोई आंदोलन होगा तो हम तुम्हारे साथ है।
यह सब जानते हैं कि राजा ने हमेशा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया है और उन्हें आदर भी दिया है चाहे स्व. हरवंश सिंह रहे हो या ठा. रजनीश सिंह या फिर सुश्री विमला वर्मा, आशुतोष वर्मा, राजकुमार खुराना, प्रसन्न मालू या फिर वरिष्ठ कांग्रेसीजन सभी के प्रति आदर का भाव रखना इनकी फितरत में है, इन्होंने कभी किसी की चाटुकारिता नहीं की। हाईकमान ने देश के किसी कोने में भी इनकी उपयोगिता समझी और आदेश दिया इन्होंने इस आदेश को सिरोधार करते निभाया जिसमें हाईकमान ने अनेकों बार प्रदेश के विभिन्न पदों का दायित्व सौंपा। आज जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं का जो सम्मान बचा है उसका श्रेय भी राजा को जाता है क्योंकि आंदोलनों के दौरान जिन कार्यकर्ताओं को संगठित कर विरोध प्रदर्शन किया जाता है परदे के पीछे राजा बघेल की अहम भूमिका होती है।
सड़कों पर आकर आंदोलन करने के दौरान किसी भी परिणामों की चिंता ना करना और आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाना इनका स्वभाव है। बेहतर है ऐसे कार्यकर्ता का पार्टी सम्मान करे तभी पार्टी में ऊर्जा आयेगी।
स्तीफा ना मंजूर, विरोधियों के मंसूबों पर फिरा पानी
हाईकमान चाहता है राजा को दिया जाये मौका
राजा को डॉमीनेट करने का रचा था षडय़ंत्र
राष्ट्रचंडिका/जिला कांग्रेस कमेटी सिवनी में पिछले दिनों हुए घटनाक्रमों को लोग पचा नहीं पा रहे हैं। युवा कार्यकर्ता राजा बघेल ने जैसे ही अपना स्तीफा सौंपा था वैसे ही कांग्रेस के एक खेमे में उत्सव मनाते हुए मिठाई तक बांटी और पार्टी भी दी थी लेकिन जिलाध्यक्ष हीरा आसवानी एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें मनाने की जो पहल की उसमें वे सफल भी रहे लेकिन जिन लोगों ने उत्सव मनाया था उनके इरादों पर पानी फिर गया।
यह सर्वविदित है कि राजा बघेल ना केवल अच्छे वक्ता के रूप में जाने पहचाने जाते हैं बल्कि उनके द्वारा सभी कांग्रेसियों का मनोबल बढ़ाने के हमेशा प्रयास किया गया लेकिन राजा बघेल के प्रयासों और बढ़ते कदम को लेकर यह बात कांग्रेस के ही एक विरोधी गु्रप को हजम नहीं हो रहा था जिसके चलते उन्होंने श्री बघेल के खिलाफ षडय़ंत्र रचने का प्रयास किया जब इसकी भनक श्री बघेल के खिलाफ षडय़ंत्र रचने का प्रयास किया जब इसकी भनक श्री बघेल को लगी तो उन्होंने तत्काल अपनी स्तीफा देते हुए यह बताने का प्रयास किया कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ता है और पार्टी में बिना पद के भी वे अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
विरोधी खेमे द्वारा रचा गया षडय़ंत्र ताश के पत्तों की तरह ढह गया है लेकिन हाइकमान चाहती है कांग्रेस की भलाई के लिए राजा बघेल जैसे होनहार कार्यकर्ता की जरूरत है और इन्हें पार्टी से अगर दायित्व सौंपती है तो उसका निर्वहन करना भी इन्हें आता है आज भी कांग्रेस के कार्यकर्ता राजा बघेल के एक इशारे पर हर आंदोलन के लिये आगे आ जाते हैं।अगर यूं कहे कि कांग्रेस का भूत भविष्य और वर्तमान राजा बघेल पर है तो अतिश्योंक्ति नहीं होगी। राजा के लिये हाईकमान के नेतागण भी हर समय समर्पित रहते हैं यहां तक कि अनेक नेताओं ने तो राजा को यह तक आश्वासन दिया है कि अगर सिवनी में कोई आंदोलन होगा तो हम तुम्हारे साथ है।
यह सब जानते हैं कि राजा ने हमेशा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया है और उन्हें आदर भी दिया है चाहे स्व. हरवंश सिंह रहे हो या ठा. रजनीश सिंह या फिर सुश्री विमला वर्मा, आशुतोष वर्मा, राजकुमार खुराना, प्रसन्न मालू या फिर वरिष्ठ कांग्रेसीजन सभी के प्रति आदर का भाव रखना इनकी फितरत में है, इन्होंने कभी किसी की चाटुकारिता नहीं की। हाईकमान ने देश के किसी कोने में भी इनकी उपयोगिता समझी और आदेश दिया इन्होंने इस आदेश को सिरोधार करते निभाया जिसमें हाईकमान ने अनेकों बार प्रदेश के विभिन्न पदों का दायित्व सौंपा। आज जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं का जो सम्मान बचा है उसका श्रेय भी राजा को जाता है क्योंकि आंदोलनों के दौरान जिन कार्यकर्ताओं को संगठित कर विरोध प्रदर्शन किया जाता है परदे के पीछे राजा बघेल की अहम भूमिका होती है।
सड़कों पर आकर आंदोलन करने के दौरान किसी भी परिणामों की चिंता ना करना और आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाना इनका स्वभाव है। बेहतर है ऐसे कार्यकर्ता का पार्टी सम्मान करे तभी पार्टी में ऊर्जा आयेगी।
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