गाडरवारा पशु बाजार में गौवंशो के नाम पर चल रही है
अवैध वसूली
राष्ट्रचंडिका/नरसिंहपुर - यूं तो नरसिहपुर जिले की पुलिस गौवंशो की सुरक्षा को लेकर काफी मुस्तैद है और कई थाना क्षैत्रों में गौवंशो की सुरक्षा के नाम पर उचित कार्यवाही भी कर रही है किंतु कई ऐसे भ्रष्ट पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हैैं जो गोवंशों की रक्षा के नाम पर कटने जा रहे गौवंशो के परिवहन से अपनी जेबे भर रहें हैं शर्मनाक बात यह भी है कि तथाकथित रूप से गौवंशो की रक्षा का भार जो लोग अपने ऊपर लेकर समाज में परचम लहरा रहें हैं उनका डर भी इन अवैध वसूली करने वालों के मन में कहीं दिखाई नहीं देता है इससे यह सवाल उठता हेै कि आखिर इसके पीछे कहीं न कहीं एक संगठित गिरोह तो इस पूरे गोरखधंधे में जिले में सक्रिय तो नहीं हैं ।
पुलिस विभाग,नगरपालिका व अन्य के गोरखधंधे का स्ंिटग आया सामने
गत जून माह में नरसिंहपुर थाना कोतवाली के अंतगर्त अपने पालतू गौवंशो को आर्थिक तंगी से बेचने डांगीढाना बाजार ले जा रहे गरीबों के साथ जिस तरह से हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओ ने मारपीट कर उनके दो बैल छुड़ाकर उन्हें गौतस्करी का आरोपी बनाते हुये जिस तरह की कार्यवाही पुलिस से करवाते हुये उन्हें जेल भिजवाया था वह अब इस तरह से खुलेआम हो रही गौवंशो के परिवहन की बसूली और उन्हें कौन कहां ले जा रहा है इसकी पूछताछ कर उन पर कार्यवाही करने का दबाब डालकर गाडरवारा में की जा रही अवैध बसूली बंद कराने का प्रयास करेगें ेै ।
गाडरवारा में इस तरह से हो रही गौवंशो की अवैध वसूली को लेकर वहां के जनप्रतिनिधियों के द्वारा मौन साधे रहना भी अपने आप में इन मूक गौवंशो की दर्दशा के लिये काफी हद तक जिम्मेदार है । सत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गाडरवारा में काफी लंबे समय से पशुओं के व्यापार में अवैध वसूली की जा रही है और इसमें पुलिस विभाग नगरपालिका सहित अन्य लोगों का जमकर हिस्सा वांट होता है जिसके चलते कभी भी इस मामले में किसी पर कार्यवाही तक नहीं की गई है ।
गाडरवारा में प्रति रविवार भरने वाले पशुओं के बाजार में गौवंशो के परिवहन को लेकर की जा रही अवैध वसूली पर हमारी टीम द्वारा किये गये स्टिंग के दौरान हुये वार्तालाप -
दिनांक 28 अगस्त 2016
स्थान - गाडरवारा पशु बाजार की सड़क
(जहां पर पुलिस विभाग का एक कर्मचारी बगैर वर्दी के अपने एक साथी के साथ खड़ा है )
तभी एक टाटा एसी वाहन जिसमें कुछ गौवंश जा रहे थे उसे हाथ देकर रोका जाता है उसमें बैठा शख्स पुलिसकर्मी से कहता है - अपनई है घरे ले जा रहे हैं ,
पुलिसकर्मी - ठीक है 50 देओ और आगे बढ़ाओ ।
तभी भोपाल के नंबर की एक बोलेरो पिकअप गाड़ी जिसमें एक पार्टी का झंडा सामने बोनट के पास लगा है उसे रोका जाता है वाहन में बैठा हुआ व्यक्ति कहता है ।
व्यक्ति - नइ जा रये यार हम तो देके जात हैं,कक्का तुम्हई बताओं आर शक्ल देख के पहचान जात है
(तभी उक्त पुलिसकर्मी वाहन के नजदीक जाता है वाहन में बैठा व्यक्ति कुछ रूपये देता हेै जिसे पुलिसकर्मी अपनी जेब में रख लेता हेै )
रिपोर्टर- काय कैसे हो बाजार ?
पुलिसकर्मी - कछ़ नई अब तो गुजरयाई है, वो अभे तुमरे सामने पचास को दे गओ है ।
(पुलिस कर्मी के साथ खड़ा व्यक्ति भी हां में हां मिलाता है और कहता है कि अब तो गजरयाई बाजार चल रहे है )
इसके बाद अचानक पुलिसकर्मी अपने साथी से कहता है कि अरे जाओ आज वा आई है भर गई हुई है वाहे देख लो और ने होये तो 400 में ठेका करा दइयो ।
रिपोर्टर - देखलो नइ तो कौन है वाहे अंदर करा दो ।
पुलिसकर्मी - मुस्करा देता है और कहता है कि भोपाल जा रई है आत रहत है । इसके बाद पुलिसमकर्मी का साथी मोटर साइकिल स्टार्ट कर वहां से चला जाता है । इस प्रकार से अन्य वाहनों से भी जिनमें गौवंशो को भरकर ले जाया जाता है उनसे इसी प्रकार की अवैध वसूली का क्रम जारी रहता है । अन्य वातें करते हुये हमारे स्टिंग रिर्पोटर वहां से अन्य स्थान पहुंचता हेै जहां पर नगरपालिका का एक कर्मचारी कुसी लगाकर बेठा है जिसे मोटर साइकिलों से आये कई लोग गंदी गंदी गालियां देते हुये गंड़ई से पैसे वसूलने के लिये मना कर रहें हैं तथा उसे सम्मानीय जाति का होने से जूता नहीं मारने की कह रहे हेँ ।
( गाडरवारा पशु बाजार में इस तरह से प्रति रविवार को की जाने वाली अवैध वसूली को लेकर नगरपालिका,पुलिस प्रशासन सहित अन्य लोगों के द्वारा किये जा रहे गौवंशो के इस व्यापार की आड़ में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन न किये जाने पर समाजहित में हमने यह स्ंिटग किया था )
अवैध वसूली
राष्ट्रचंडिका/नरसिंहपुर - यूं तो नरसिहपुर जिले की पुलिस गौवंशो की सुरक्षा को लेकर काफी मुस्तैद है और कई थाना क्षैत्रों में गौवंशो की सुरक्षा के नाम पर उचित कार्यवाही भी कर रही है किंतु कई ऐसे भ्रष्ट पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हैैं जो गोवंशों की रक्षा के नाम पर कटने जा रहे गौवंशो के परिवहन से अपनी जेबे भर रहें हैं शर्मनाक बात यह भी है कि तथाकथित रूप से गौवंशो की रक्षा का भार जो लोग अपने ऊपर लेकर समाज में परचम लहरा रहें हैं उनका डर भी इन अवैध वसूली करने वालों के मन में कहीं दिखाई नहीं देता है इससे यह सवाल उठता हेै कि आखिर इसके पीछे कहीं न कहीं एक संगठित गिरोह तो इस पूरे गोरखधंधे में जिले में सक्रिय तो नहीं हैं ।
पुलिस विभाग,नगरपालिका व अन्य के गोरखधंधे का स्ंिटग आया सामने
गत जून माह में नरसिंहपुर थाना कोतवाली के अंतगर्त अपने पालतू गौवंशो को आर्थिक तंगी से बेचने डांगीढाना बाजार ले जा रहे गरीबों के साथ जिस तरह से हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओ ने मारपीट कर उनके दो बैल छुड़ाकर उन्हें गौतस्करी का आरोपी बनाते हुये जिस तरह की कार्यवाही पुलिस से करवाते हुये उन्हें जेल भिजवाया था वह अब इस तरह से खुलेआम हो रही गौवंशो के परिवहन की बसूली और उन्हें कौन कहां ले जा रहा है इसकी पूछताछ कर उन पर कार्यवाही करने का दबाब डालकर गाडरवारा में की जा रही अवैध बसूली बंद कराने का प्रयास करेगें ेै ।
गाडरवारा में इस तरह से हो रही गौवंशो की अवैध वसूली को लेकर वहां के जनप्रतिनिधियों के द्वारा मौन साधे रहना भी अपने आप में इन मूक गौवंशो की दर्दशा के लिये काफी हद तक जिम्मेदार है । सत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गाडरवारा में काफी लंबे समय से पशुओं के व्यापार में अवैध वसूली की जा रही है और इसमें पुलिस विभाग नगरपालिका सहित अन्य लोगों का जमकर हिस्सा वांट होता है जिसके चलते कभी भी इस मामले में किसी पर कार्यवाही तक नहीं की गई है ।
गाडरवारा में प्रति रविवार भरने वाले पशुओं के बाजार में गौवंशो के परिवहन को लेकर की जा रही अवैध वसूली पर हमारी टीम द्वारा किये गये स्टिंग के दौरान हुये वार्तालाप -
दिनांक 28 अगस्त 2016
स्थान - गाडरवारा पशु बाजार की सड़क
(जहां पर पुलिस विभाग का एक कर्मचारी बगैर वर्दी के अपने एक साथी के साथ खड़ा है )
तभी एक टाटा एसी वाहन जिसमें कुछ गौवंश जा रहे थे उसे हाथ देकर रोका जाता है उसमें बैठा शख्स पुलिसकर्मी से कहता है - अपनई है घरे ले जा रहे हैं ,
पुलिसकर्मी - ठीक है 50 देओ और आगे बढ़ाओ ।
तभी भोपाल के नंबर की एक बोलेरो पिकअप गाड़ी जिसमें एक पार्टी का झंडा सामने बोनट के पास लगा है उसे रोका जाता है वाहन में बैठा हुआ व्यक्ति कहता है ।
व्यक्ति - नइ जा रये यार हम तो देके जात हैं,कक्का तुम्हई बताओं आर शक्ल देख के पहचान जात है
(तभी उक्त पुलिसकर्मी वाहन के नजदीक जाता है वाहन में बैठा व्यक्ति कुछ रूपये देता हेै जिसे पुलिसकर्मी अपनी जेब में रख लेता हेै )
रिपोर्टर- काय कैसे हो बाजार ?
पुलिसकर्मी - कछ़ नई अब तो गुजरयाई है, वो अभे तुमरे सामने पचास को दे गओ है ।
(पुलिस कर्मी के साथ खड़ा व्यक्ति भी हां में हां मिलाता है और कहता है कि अब तो गजरयाई बाजार चल रहे है )
इसके बाद अचानक पुलिसकर्मी अपने साथी से कहता है कि अरे जाओ आज वा आई है भर गई हुई है वाहे देख लो और ने होये तो 400 में ठेका करा दइयो ।
रिपोर्टर - देखलो नइ तो कौन है वाहे अंदर करा दो ।
पुलिसकर्मी - मुस्करा देता है और कहता है कि भोपाल जा रई है आत रहत है । इसके बाद पुलिसमकर्मी का साथी मोटर साइकिल स्टार्ट कर वहां से चला जाता है । इस प्रकार से अन्य वाहनों से भी जिनमें गौवंशो को भरकर ले जाया जाता है उनसे इसी प्रकार की अवैध वसूली का क्रम जारी रहता है । अन्य वातें करते हुये हमारे स्टिंग रिर्पोटर वहां से अन्य स्थान पहुंचता हेै जहां पर नगरपालिका का एक कर्मचारी कुसी लगाकर बेठा है जिसे मोटर साइकिलों से आये कई लोग गंदी गंदी गालियां देते हुये गंड़ई से पैसे वसूलने के लिये मना कर रहें हैं तथा उसे सम्मानीय जाति का होने से जूता नहीं मारने की कह रहे हेँ ।
( गाडरवारा पशु बाजार में इस तरह से प्रति रविवार को की जाने वाली अवैध वसूली को लेकर नगरपालिका,पुलिस प्रशासन सहित अन्य लोगों के द्वारा किये जा रहे गौवंशो के इस व्यापार की आड़ में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन न किये जाने पर समाजहित में हमने यह स्ंिटग किया था )
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