Thursday, 23 July 2020

सुरक्षा हेतु सैनिक व स्वस्थ रहने के लिए एक-एक पौधा अति महत्वपूर्ण:सनोडिया

 
राष्ट्र चण्डिका, बालाघाट(पंकज डहरवाल)। उत्तर सामान्य वन मंडल के अंतर्गत उत्तर लामता परिक्षेत्र में इस समय वन अधिकारियों का पौध रोपण और कूप उपचार कार्यो को संपादित करने के लिये अधिनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने के लिये लगातार दौरा हो रहा हैं। इसके साथ ही वे उन कार्यो की निगरानी भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में बालाघाट वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री एन.एस.सनोडिया, वन मंडलाधिकारी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव व आर्ब्जवर अधिकारी आईएफएस मोहम्मद माज ने 22 जुलाई को उत्तर लामता परिक्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होने कूप उपचार कार्यो का निरीक्षण किया और उसमें कमी होने पर उसके सुधार के उपाय बताये गये। इस दौरान सीसीएफ श्री सनोडिया ने कहा कि देश का एक एक सैनिक सुरक्षा की दृस्टि से महत्वपूर्ण है तथा उनके स्वस्थ रहने के लिए हमारा एक एक पौधा भी अति महत्वपूर्ण है। अत: पौधों की सुरक्षा व रक्षा को लेकर भी हमें गंभीर रहना हैं। उन्होने वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित अन्य कर्मचारियों को पौध रोपण के अलावा कूप उपचार के कार्यो को लेकर दिशा-निर्देश भी दिये। साथ ही कूप उपचार किस तरह से किया जाता हैं, इस संदर्भ में बताया भी। सीसीएफ श्री सनोडिया, डीएफओ श्री श्रीवास्तव उत्तर लामता परिक्षेत्र में 22 जुलाई को पहुंचें थे। जहां पर इन अधिकारियों ने कूप उपचार कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होने निरीक्षण के दौरान बताया कि कार्यो में सुधार के अंतर्गत रूट शूट को जो उपरी सिरा जमीन सतह पर अच्छी तरह दबा हुआ होना चाहिए तथा झुके भाग के पीछे व्ही. सेप में मिट्टी दबी होना चाहिए। इसी तरह से सलाई पौधों के ट्रेंचो में संसोधन के रूप में गेप देकर 3 से 4 भाग के ट्रेंच बनाने के लिये भी कहा गया। असल में कुछ स्थान पर व्ही सेप में मिटटी दबी नहीं थी। कर्मचारियों द्वारा कूप उपचार के दौरान सही तरीके से उपचार नहीं किये जाने पर उन्होने नाराजगी भी जतायी व उसमें सुधार के उपाय भी बताये गये। सीसीएफ श्री सनोडिया ने बांस भिर्रे जो बिगड़ गये हैं उन्हें पूर्व पद्धति जिसमें ऊपरी हिस्से में चंद्राकर ट्रेंच बनाकर मिट्टी को भिर्रो में डाल दिया जाता था न करते हुऐ भिर्रो को व्ही. सेप में खोलकर सफाई कर भिर्रो की मिट्टी लूज करने के निर्देश दिये। इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी एन.के. काकोड़िया ने बताया कि उत्तर लामता वन परिक्षेत्र में सीसीएफ श्री सनोडिया, डीएफओ श्री श्रीवास्तव, आर्ब्जवर आईएफएस अधिकारी मो माज का लगातार क्षेत्र में दौरा व निरीक्षण हो रहा हैं। जिसके माध्यम से बाँस उत्पादन, वन एंव वन्यजीव के संरक्षण को लेकर मार्गदर्शन मिलता हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने के साथ ही अधिनस्थ कर्मचारियों को सीखने का मौका मिल रहा हैं। अधिकारियों ने अपने निरीक्षण के दौरान कूप उपचार की विधि बतायी और बांस भीर्रो को व्यवस्थित करने को लेकर भी जानकारी से अवगत कराया हैं।

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