Thursday, 30 July 2020

स्वास्थ्य विभाग की बैठक संपन्न


राष्ट्र चंडिका सिवनी .कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग द्वारा गुरूवार 30 जुलाई को कोरोना संक्रमण की रोकथाम की कार्य योजना से संबंधित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों कर्मचारियों की बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ के.सी.मेशरामसिविल सर्जन डॉ विनोद नावकर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति रही।

            बैठक में कलेक्टर डॉ फटिंग द्वारा जिले में अन्य जिलोंराज्यों से पहुंचे व्यक्तियोंहोम तथा शासकीय क्वारेंटाईन में रखे गए व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त की । साथ ही विगत दिवस ट्रू-नॉट मशीन जाँच किए गए संदिग्ध व्यक्तियों के नमूनों तथा आईसीएमआर भेजे गए नमूनों की जानकारी प्राप्त की गई । कलेक्टर डॉ फटिंग ने अधिकारियों को अधिक से अधिक व्यक्तियों के नमूने प्राप्त कर उनकी जाँच करवाने के निर्देश दिए साथ ही होम क्वारेनटाइन का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करवाने के लिए औचक रूप से निरीक्षण करने तथा निरीक्षण के दौरान घरों में न मिलने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।

लखनादौन नगरीय क्षेत्र में एक युवक मिला कोरोना पॉजिटिव तथा 2 व्यक्ति पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचे


  राष्ट्र चंडिका सिवनी.मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ के सी मेशराम द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि गुरूवार 30 जुलाई को प्राप्त आईसीएमआर जबलपुर की रिपोर्ट में लखनादौन नगरीय क्षेत्र के 30 वर्षीय युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उक्त युवक 27 जुलाई को जम्मू की यात्रा से सिवनी पहुंचा था । उन्होंने बताया कि पूर्व में पॉजिटिव पाए गए सिवनी नगरीय क्षेत्र भैरोगंज क्षेत्र के 37 वर्षीय व्यक्ति तथा छपारा विकासखण्ड के ग्राम बिहिरिया के 25 वर्षीय व्यक्ति को आज पूर्णत: स्वस्थ्य हो जाने पर कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में अब तक कुल 42 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं जिनमें से 28 पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं । वर्तमान में 10 मरीजों को ईलाज जिला चिकित्सालय स्थित डेडिकेटेड कोरोना केयर सेंटर में तथा 2 मरीजों को ईलाज मेडिकल कॉलेज नागपुर तथा एक मरीज का ईलाज मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा में किया जा रहा है ।    

Sunday, 26 July 2020

स्वदेशी राखी से इस बार भाइयों की कलाई पर बांधेगी राखी



राष्ट्र चण्डिका,बालाघाट(पंकज डहरवाल)।कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी और ईद-उल-जुहा का त्यौहार सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया जा सकेगा। चीन से चले आ रहे विवाद के बीच रक्षाबंधन के मौके पर भाईयों की कलाई पर बांधे जाने वाले रक्षा सूत्र के जरिये बहनें चीन के व्यापार को टक्कर देने की तैयारी में हैं। जहां भारत और चीन बॉर्डर पर उत्पन्न तनाव कम करने में जुटे हैं, तो वहीं चीन के विरुद्ध भारत में अभी एक विशाल लहर उमड़ी हुई है। अब वे किसी भी स्थिति में चीन में बनी राखियों को हाथ नहीं लगाएंगे, जिससे चीन को करोड़ के नुकसान होने का अंदेशा है। आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि वे किसी भी हालत में चीनी राखियों को नहीं स्वीकार करेंगे, और उसके बजाए स्वदेशी राखियों को ही बढ़ावा देंगे। “इस रक्षा बंधन पर हम चाहते हैं कि स्वदेशी राखियों को हम बढ़ावा दें। इससे देश के हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा और इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा भी मिलेगा”।
भाइयों की कलाई पर बंधेगी देशी राखी- भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन तीन अगस्त को है। बाजार में अभी से राखियां नजर आने लगी हैं। पर्व के लिए इस बार देशी राखियों की मांग बढ़ी है। इस बार चाइनीज राखियों की तुलना में लोगों की पसंद देशी राखी बनी हुई है। दुकानों पर नाममात्र की ही चाइनीज राखियां देखने को मिल रही है। लोगों का रूझान सबसे ज्यादा देश में बनी राखियों की ओर है। राखियों में जरदोजी, मोती और मिरर वर्कवाली राखियां आर्कषण का केन्द्र बनी हुई हैं।
चाइनीस राखी के नई मिल रहे खरीदार मिल रहे खरीदार-
चाइना का विरोध और स्वदेशी के प्रचार प्रसार का असर बाजार पर साफ दिख रहा है। पिछले यह पहला मौका है जब रक्षाबंधन पर्व पर चाइनीज के बजाय स्वदेशी राखी की धूम मची हुई है। ऐसा नहीं है कि बाजार में चाइनीज राखी मौजूद नहीं है। दुकानदारों ने पूर्व की तरह चाइनीज राखी दुकानों पर सजा रखी है लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं। राखी दुकानदार अमित खरे ने बताया कि देश में बनी स्टोन, मौली, इलेक्ट्रानिक और कार्टून राखियों को बड़े और बच्चे पसंद कर रहे हैं। राखियों में भाई-भाभी की जोड़ी वाली राखियों के साथ ही कड़े वाली, ब्रेसलेट समेत अनेक प्रकार की डिजाइनर राखियां पारंपरिक वर्क की राखियों की डिमांड है। पूजन वाली राखियां भी बाजार में आई हैं। बाजार में 5 रुपए से 100 रुपए तक की राखियां मौजूद हैं।
बाजार में देसी राशियों के दाम दाम के दाम- व्यापारियों ने बताया कि चावलवाली राखी 10 रुपए से लेकर 20 रुपए तक, स्टोन वाली राखी 10 रुपए से लेकर 100 रुपये तक, कार्टून राखी पांच रुपए से लेकर 30 रुपए तक में मिल रही है। इसी तरह स्पीनर लाइट राखी 30 रुपए से लेकर 70 रुपए तक, मौली राखी पांच रुपए से लेकर 20 रुपए तक, थाली रक्षा रोल राखी 30 रुपये से लेकर 100 रुपए तक, लुंबा पेपर राखी 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक, फोम राखी दो रुपए से लेकर पांच रुपए तक, रुद्राक्ष राखी पांच रुपए से लेकर 25 रुपए पीस के दाम पर बाजार में मौजूद है।
चाइना के दूसरे प्रोडक्ट से परहेज नहीं- गलवान घाटी विवाद के बाद से भारत में चाइनीज सामान के बहिष्कार की मुहिम सी चल रही है। लेकिन लोग चाइनीज सामान में राखी का बहिष्कार तो कर रहे हैं। लेकिन चाइनीज गजेट, मोबाइल की डिमांड अभी भी बनी हुई है। स्थानीय निवासी आशीष जगधारी का कहना है कि मोबाइल में देसी विकल्पों की कमी है, इसलिए लोग चाइना के मोबाइल व एसेसरीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन जहां तक जिन वस्तुओं के देसी विकल्प हैं, वहां लोग देसी को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। जानकारी अनुसार हमारी दिनचर्या से जुड़ी ज्यादातर सामग्री में चाइना जुड़ा हुआ है, लोग जहां तक संभव है, चाइना के सामान को कम से कम ले रहे हैं। लेकिन जहां विकल्प की कमी है, वहां चाइना सामान का पूर्ण बहिष्कार नहीं हो पा रहा है। लोग मोबाइल, गजेट, मोबाइल एसेसरीज, ऐप, इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान में सस्ता विकल्प न होने से चाइना के प्रोडक्ट अभी भी इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन ये भी सही है कि लोग अब चाइना के सामान की खपत पहले से धीरे-धीरे कम करते जा रहे हैं।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्तत-राखी बांधने का मुहूर्त- 09:27:30 से 21:11:21 तक।  रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त- 13:45:16 से 16:23:16 तक। रक्षा बंधन प्रदोष मुहूर्त- 19:01:15 से 21:11:21 तक।
मुहूर्त अवधि : 11 घंटे 43 मिनट। 
जानिए शुभ संयोग के बारे मेंं-इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान योग के साथ ही सूर्य शनि के समसप्तक योग, सोमवती पूर्णिमा, मकर का चंद्रमा श्रवण नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग बन रहा है। इसके पहले यह संयोग साल 1991 में बना था। इस संयोग को कृषि क्षेत्र के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।

थानों में अभ्रन्ता व्यवहार कर रही पुलिस: सोंलकी शिवसेना 




प्रदेश उपाध्यक्ष पवन सोंलकी जल्द एडीजी दिनेश चंद्र सागर से करेंगे चर्चा 
राष्ट्र चण्डिका,बालाघाट(पंकज डहरवाल)। आमजन या समाजसेवक से थानों या अन्य चेकिंग पॉइंट पर गालीगलौज अभ्रन्ता व्यवहार पुलिस करें तो तत्काल निलंबित किया जाए (जो बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डे) ने निर्देश जारी किये की कोई भी पुलिस अधिकारी एवं थानों पर गालीगलौज करें तो तत्काल निलंबित किया जाएगा। शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष पवन सोलंकी ने बताया कि थानों में कोई व्यक्ति या महिला अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए नजदीक थाने पर जाती हैं तो थाना क्षेत्र दूसरा लगना पता कर उनकी शिकायत दर्ज नहीं करते हैं एवं अभ्रन्ता व्यवहार किया जाता हैं। अब ऐसी परिस्थितियों में अगर कोई आम जन शिकायत करने पुलिस थाने में पहुचता हैं तो उनके साथ अभ्रन्ता भाषा की सच्चाई का वीडियो बनाने की कोशिश करता है तो वहाँ मौजूद पुलिस स्टाफ के लोग मोबाइल छीन कर जूठे केस में फ़साने की धमकियां देते हैं। इस बीच कुछ महिला शर्मिन्दगी के मारे नहीं जाती थाने मैं, क्योंकि वहां के लोग महिलाओ से इस प्रकार पेश आते हैं कि महिला को बोल पाना मुश्किल सा बन जाता हैं ऐसे में अफ़राधि अपनी मनमानी करता रहता हैं एवं पीड़ित महिला आत्महत्या करने का प्रयास करने में विवश हो जाती हैं। ऐसी परिस्थिति में पुलिस अपराधियों पर रहम दिखाते हुए आवेदन करता पर दबाव बनाते हैं। शिवसेना पवन सोलंकी ने निवेदन में म.प्र डीजीपी विवेक जोहरी एवं जिला पुलिस अधीक्षक से कहा कि जिला, तहसील एवं प्रत्येक थानों में यदि किसी भी महिला के साथ जबरदस्ती पुलिस मारपीट करती हैं या अभ्रन्ता व्यवहार कर गालीगलौज करती हैं तो तत्काल निलंबित किया जाए ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास बना रहे, क्योंकि पुलिस विभाग द्वारा आम जनता की सुरक्षा के लिए कड़ी मेहनत मशक्कत करते रहते हैं और अगर उन्हें में से स्टाफ को गंदगी का दाग लगा दे तो सारी मशक्कत भी बेकार हो जाती है इसीलिए जो फरियाद लेकर थाना पहुंचते हैं उनके साथ अच्छे से पेश आया जाए और उनकी समस्या का जल्द निराकरण किया जाए।

Thursday, 23 July 2020

माझी समाज में सुनाई देने लगे हैं राजनीतिक दलों के खिलाफ विरोध के स्वर  



राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ प्रदेश के माझियों में विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं उसकी वजह यह कि लाखों की संख्या में प्रदेश में निवास करने वाले माझी समाज के ढीमर,कहार, केवट,मल्लाह, कश्यप,भोई,बाथम,रैकवार सोंधिया सहित अन्य अपने अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक हक और अधिकार की मांग को लेकर 1992 से लगातार आवाज उठा रहे हैं  । माझी समाज को उसके हक और अधिकारों को लेकर प्रदेश के राजनीतिक दलों ने हर चुनावों के पहले इतने सब्जबाग दिखाये हैं किंतु जब उनपर कार्यवाही किये जाने की बात आई तो वह सब बातें केवल एक दिवास्वप्न  बनकर रह गई   देश के संविधान में  1950,1956 में मिली माझी जनजाति की श्रेणी की सुविधा का लाभ प्रदेश के माझी निषाद लोगों को नहीं मिल रहा है इसके लिये समाज के अनेक संगठनों सहित अनेक वरिष्ठ समाजसेवियों के द्वारा सड़कों से लेकर न्यायालयों तक अपनी मांग दोहराई जाती रही है । इतना सब कुछ करने और लगभग 3 दशकों से माझी जनजाति आरक्षण की मांग करते हुए समाज आज भी उसी जोश और जुनून से अपने हक और अधिकार की बात उठा रहा है,  मध्यप्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी ने माझियों के इस मांग के अभियान को दिग्भ्रमित करने हेतु अपने अपने दलों में मछुआरों के नाम पर प्रकोष्ठ का गठन कर उनकी समस्याओं को निराकरण करने का लॉलीपॉप भी दिया है किन्तु राजनीतिक दलों के इन प्रकोष्ठ के माध्यम से वर्षों से चली आ रही माझी आरक्षण की मांग को लेकर कोई कार्ययोजना बीजेपी कांग्रेस के पास आज भी नहीं है । प्रदेश के कुछ जिलों में माझी निषाद समाज के लोगों को 1950 से मिली जनजाति की सुविधा के नाम पर कुछ प्रमाणपत्र ही जारी हुए हैं, किन्तु अधिकतर लोग आज भी संवैधानिक अधिकार से वंचित हैं । प्रदेश में जिस भी दल की सरकार रही उसके मुख्यमंत्री ने माझियों को आरक्षण दिये जाने को लेकर सार्वजनिक मंचों से घोषणाएं भी की गई किन्तु उनके द्वारा इस सम्बंध में आदेशों को निकाले जाने का इंतजार आज भी किया जा रहा है , वर्ष 2003 में राज्य मंत्री परिषद में एक प्रस्ताव के माध्यम से माझी की उपजातियों को पिछड़े वर्ग की सूची के क्रमांक 12 से विलोपित करने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई थी किन्तु उसके बाद आज 17 साल बीत जाने के पश्चात उस प्रस्ताव पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई । महत्वपूर्ण बात यह भी है कि प्रदेश में अन्य जातियों के मामले में उनकी उपजातियों को विलोपित कर उन्हें अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल कर लिया गया है किंतु मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग की सूची में क्रमांक 12 पर दर्ज ढीमर,कहार, केवट,भोई,मल्लाह,निषाद आदि के विलोपन किये जाने को लेकर मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार की पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तत्कालीन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार भी नोटशीट लिख चुकी हैं किंतु उसके बावजूद भी पिछड़े वर्ग की सूची से माझी की उपजातियों को विलोपित नहीं किया जा रहा है ऐसे में लगता है कि बीजेपी सरकार की मंशा यह है कि वह केवल अपने लोक लुभावन वादों और घोषणा करके प्रदेश के माझियों की वोट लेती रहे बाकी उन्हें जो आरक्षण का लाभ है वह कब मिलेगा इसकी कोई तिथि तय नहीं है और इसी बात को लेकर मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव में माझी समाज में सरकार की नीतियों को लेकर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं ।

सुरक्षा हेतु सैनिक व स्वस्थ रहने के लिए एक-एक पौधा अति महत्वपूर्ण:सनोडिया

 
राष्ट्र चण्डिका, बालाघाट(पंकज डहरवाल)। उत्तर सामान्य वन मंडल के अंतर्गत उत्तर लामता परिक्षेत्र में इस समय वन अधिकारियों का पौध रोपण और कूप उपचार कार्यो को संपादित करने के लिये अधिनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को मार्गदर्शन देने के लिये लगातार दौरा हो रहा हैं। इसके साथ ही वे उन कार्यो की निगरानी भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में बालाघाट वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री एन.एस.सनोडिया, वन मंडलाधिकारी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव व आर्ब्जवर अधिकारी आईएफएस मोहम्मद माज ने 22 जुलाई को उत्तर लामता परिक्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होने कूप उपचार कार्यो का निरीक्षण किया और उसमें कमी होने पर उसके सुधार के उपाय बताये गये। इस दौरान सीसीएफ श्री सनोडिया ने कहा कि देश का एक एक सैनिक सुरक्षा की दृस्टि से महत्वपूर्ण है तथा उनके स्वस्थ रहने के लिए हमारा एक एक पौधा भी अति महत्वपूर्ण है। अत: पौधों की सुरक्षा व रक्षा को लेकर भी हमें गंभीर रहना हैं। उन्होने वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित अन्य कर्मचारियों को पौध रोपण के अलावा कूप उपचार के कार्यो को लेकर दिशा-निर्देश भी दिये। साथ ही कूप उपचार किस तरह से किया जाता हैं, इस संदर्भ में बताया भी। सीसीएफ श्री सनोडिया, डीएफओ श्री श्रीवास्तव उत्तर लामता परिक्षेत्र में 22 जुलाई को पहुंचें थे। जहां पर इन अधिकारियों ने कूप उपचार कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होने निरीक्षण के दौरान बताया कि कार्यो में सुधार के अंतर्गत रूट शूट को जो उपरी सिरा जमीन सतह पर अच्छी तरह दबा हुआ होना चाहिए तथा झुके भाग के पीछे व्ही. सेप में मिट्टी दबी होना चाहिए। इसी तरह से सलाई पौधों के ट्रेंचो में संसोधन के रूप में गेप देकर 3 से 4 भाग के ट्रेंच बनाने के लिये भी कहा गया। असल में कुछ स्थान पर व्ही सेप में मिटटी दबी नहीं थी। कर्मचारियों द्वारा कूप उपचार के दौरान सही तरीके से उपचार नहीं किये जाने पर उन्होने नाराजगी भी जतायी व उसमें सुधार के उपाय भी बताये गये। सीसीएफ श्री सनोडिया ने बांस भिर्रे जो बिगड़ गये हैं उन्हें पूर्व पद्धति जिसमें ऊपरी हिस्से में चंद्राकर ट्रेंच बनाकर मिट्टी को भिर्रो में डाल दिया जाता था न करते हुऐ भिर्रो को व्ही. सेप में खोलकर सफाई कर भिर्रो की मिट्टी लूज करने के निर्देश दिये। इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी एन.के. काकोड़िया ने बताया कि उत्तर लामता वन परिक्षेत्र में सीसीएफ श्री सनोडिया, डीएफओ श्री श्रीवास्तव, आर्ब्जवर आईएफएस अधिकारी मो माज का लगातार क्षेत्र में दौरा व निरीक्षण हो रहा हैं। जिसके माध्यम से बाँस उत्पादन, वन एंव वन्यजीव के संरक्षण को लेकर मार्गदर्शन मिलता हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने के साथ ही अधिनस्थ कर्मचारियों को सीखने का मौका मिल रहा हैं। अधिकारियों ने अपने निरीक्षण के दौरान कूप उपचार की विधि बतायी और बांस भीर्रो को व्यवस्थित करने को लेकर भी जानकारी से अवगत कराया हैं।

Monday, 20 July 2020

तीन माह से अपनी नाबालिग बेटी की  तलाश कर रहा है बेबस पिता !

तीन माह से अपनी नाबालिग बेटी की  तलाश कर रहा है बेबस पिता !


राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया )नरसिंहपुर - जिले सहित प्रदेश भर में जारी लॉकडाउन और गांव गांव लोगों की आवाजाही की जानकारी के बीच थाना ठेमी के अंतर्गत ग्राम डूडी सिमरी में गत 14 अप्रैल 2020 की रात करीब 10 से 1 बजे के बीच कक्षा 10 वीं में अध्ययनरत एक बालिका को गांव का ही एक युवक लक्ष्मण पिता धनपत लोधी बहलाफुसला कर कहां ले गया है इसकी जानकारी नहीं लग रही है । अपनी नाबालिग बेटी को लगभग 3 माह से अपने रिश्तेदारों सहित अन्य स्थानों पर खोज खबर लेते हुए पिता ने बताया कि उसने अपनी बेटी के घर से अचानक गायब होने की सूचना थाना ठेमी में दर्ज कराई जिसपर 15 अप्रैल 2020 को प्रकरण क्र.0137/2020 धारा 363 दर्ज किया गया है किन्तु पुलिस को जिस युवक की नामजद सूचना दी गई थी उसको ठेमी पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया है । बेटी की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद किसी भी प्रकार की पुलिस कार्यवाही न होने को लेकर पीड़ित पिता गत 27 मई 2020 को पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर के पास भी अपनी फरियाद लेकर पहुंचा था जिसमें उसने एक आवेदन देकर गांव के ही एक युवक लक्ष्मण पिता धनपत लोधी के द्वारा अपनी बेटी को बहलाफुसला कर ले जाने बात कही  किन्तु उसके बाद भी उसकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं कुछ दिन बाद वह एक बार फिर अपनी की गई शिकायत की जानकारी लेने कार्यालय पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर पहुंचा था किंतु उसे कार्यालय की शिकायत शाखा से थाना ठेमी जाने की बात कहकर वहां से वापिस कर दिया गया । इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही जबलपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक ने जोन के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक ली थी उस बैठक का जो प्रेसनोट जारी हुआ था उसमें गुम इंसान के मामलों में गंभीरता से अभियान चलाये जाने की बात कही गई थी वाबजूद इसके थाना ठेमी में दर्ज गुम इंसान के इस मामले में एक बेबस पिता आज 3 महीने से अपनी बेटी की तलाश में इधर से उधर भटक रहा है ।

Thursday, 16 July 2020

मेरे मन में चिंता पैदा कर रहा है जिस गति से संक्रमण फैल रहा है -मुख्यमंत्री शिवराज

● नवनियुक्त मंत्रियों का जगह-जगह हो रहा है स्वागत हो रही है सोशल डिस्टेंस तार तार

"प्रदेश में नवनियुक्त मंत्रियों का जगह-जगह स्वागत और उनके समर्थन में रैलियां निकाली जा रही है किंतु मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है उनके कार्यकर्ता ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और ना ही मास्क का उपयोग इस बात पर उनका मन चिंतित नहीं है कि इससे भी यह संक्रमण फैल सकता है."

राष्ट्र चंडिका भोपाल। अनलॉक के बाद से कोरोना के मामलों में आई तेजी पर मुख्यमंत्री शिवराज ने चिंता व्यक्ति की है। प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, कोरोना जैसी महामारी का सामना हमे करना पड़ेगा यह कभी सोचा नहीं था। आज सारा विश्व इस महामारी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने जनता और कोरोना योद्धाओं के सहियोग से हर संभव प्रयास किया। एक हद तक कोरोना पर नियंत्रण भी प्राप्त कर लिया है। 
 अनलॉक के साथ हुए असावधान-मुख्यमंत्री ने कहा, आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए लॉकडाउन से अनलॉक की ओर जाना पड़ा। लेकिन अनलॉक के शुरू होने के साथ ऐसा लगता है कि हम कुछ असावधान हो गए है। अनावश्यक रूप से बाहर निकल रहें है, कई लोग चेहरे पर मास्क नहीं लगा रहे, शादियों के आयोजनों में भी निर्धारित संख्या से ज्यादा भीड़ इखट्टी हो रही। इन असावधानियों के कारण पूरे देश में और प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ाने लगी। मुख्यमंत्री ने बढ़ते संक्रमण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, आज जिस गति से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है वो मेरे और आप के मन में चिंता पैदा कर रही है। 
 असावधानी भयंकर खतरे में डाल सकती है-मुख्यमंत्री ने कहा समय फिर आ गया है कि इस बीमारी से सावधान हो कर निपटा जाए। उन्होंने कहा हमारी असावधानी हमे भयंकर खतरे में डाल सकती है। इसलिए मैं सब से निवेदन करता हूं कि, सरकार और समाज हम सब मिल कर एक बार फिर कोरोना को नियंत्रित करने के लिए ना केवल अनुशासन रखें बल्कि सख्त कदम भी उठाए। 
त्यौहार मनाने की इजाजत कोरोना नहीं देता-आने वाले त्यौहारों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा की, जुलाई से लेकर सितंबर-अक्टूबर तक अनेकों त्यौहार आने वाले है। त्यौहार हम उत्साह से मनाए यह हमारी परंपरा है लेकिन कोरोना हमे इस बात की इजाज़त नहीं देता। उन्होंने कहा संक्रमण अधिक ना बढ़े इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने तय किया है कि किसी भी त्यौहार के अवसर पर कोई भी सार्वजनिक आयोजन नहीं किया जाएगा। झांकी, ताजिया, जुलूस जैसी कोई भी गतिविधियां नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है कि विवाह समारोह में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इसमें 10 लोग वर पक्ष के होंगे और 10 वधु पक्ष के होंगे। पारिवारिक कार्यक्रम जैसी की जन्मदिन उसमे 10 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। 
 राजनीतिक दलों के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं - प्रदेश में नवनियुक्त मंत्रियों का जगह-जगह स्वागत और उनके समर्थन में रैलियां निकाली जा रही है किंतु मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है उनके कार्यकर्ता ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और ना ही मास्क का उपयोग इस बात पर उनका मन चिंतित नहीं है कि इससे भी यह संक्रमण फैल सकता है. नेताओं और मंत्रियों के लिए गृह मंत्रालय के आदेश कोई मायने नहीं रखते . यह आदेश प्रदेश की जनता के लिए बस है .
  जहान के साथ जान बची रहे-मुख्यमंत्री ने कहा सरकार चाहती है कि जहान तो चले लेकिन जान भी बची रहे। इसलिए लोगों से प्रार्थन है की बिना मास्क लगाए घरों से ना निकले। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक बिल्कुल ना घूमे। दो गज की दूरी का पालन करें, समय समय पर साबुन से हाथ धोते रहे। अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए योग, प्राणायाम और साथ मे आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करें। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए स्थानीय प्रशासन जो नियम बनाती है उसका पालन करें।
 उठाने होंगे कड़े कदम-अनलॉक में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है और इसको तत्काल रोकने के लिए अगर हमने कदम नहीं उठाए तो हम ना केवल अपने आप को बल्कि अपने परिवार, गाओं शहर और प्रदेश को बड़े संकट में डालेंगे। इसलिए अपील है कि सावधानी रखें सावधानी में ही सुरक्षा है। बतादें, प्रदेश में कोरोना मरीज की संख्या में जो उछाल देखने को मिल रहा है वह 1 जून से शुरू हुआ है। क्योंकि 1 जून से ही लॉकडाउन को हटाकर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद तेजी से प्रदेश में संक्रमण फैला और लोग बीमार होते चले गए। अब तक पूरे प्रदेश में कोरोना के 20378 मामले आ चुके है, जिसमे से 14127 लोग स्वस्थ हो चुके है। 5562 एक्टिव केस अभी भी प्रदेश में है। वहीं अब तक कुल 689 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

Wednesday, 15 July 2020

’15 जून से देश भर में दोबारा लॉकडाउन लागू होगा’- सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर

राष्ट्र चंडिका देश में कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन को अब धीरे-धीरे खोला जा रहा है। अनलॉक फेज-1 के लागू होने के बाद से ही इंटरनेट पर एक फ़ोटो तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा कि देशव्यापी लॉकडाउन एक बार फिर 15 जून से लागू होने जा रहा है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इस वक्त तेज़ी से एक हिंदी न्यूज़ चैनल की फ़ोटो को वायरल किया जा रहा, जिसमें यह दावा किया गया है कि लॉकडाउन 15 जून से दोबारा शुरू होने वाला है। उस फ़ोटो में यह खबर लिखी गई है कि गृह मंत्रालय ने 15 जून से देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने की दिशा में संकेत दिया है, जिसमें दोबारा से उड़ानों और ट्रेनों पर प्रतिबंध भी शामिल है।हालाँकि, बाद में यह पता चला कि कथित तौर पर एक हिंदी समाचार चैनल से संबंधित तस्वीर फर्जी और लोगों को गुमराह करने के लिए फैलाई जा रही थी। 15 जून से देश में एक और लॉकडाउन की अफवाहों को आधिकारिक तौर पर प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक टीम ने खारिज किया है। पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने लॉकडाउन के फिर से शुरू होने की खबर को फर्जी घोषित किया है। यह जरूरी था ताकि लॉकडाउन को लेकर लोगों के बीच फैलाए जा रहे भ्रम को खत्म किया जा सके।गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने देश में फिर से लॉकडाउन को लागू करने के संबंध में कोई भी घोषणा नहीं की है। इसके अलावा लॉकडाउन को लेकर जिस खबर की फोटो को इंटरनेट पर फैलाया जा रहा है, उसको जानबूझकर अफवाह फैलाने के लिए बनाया गया है। यहाँ तक जिस चैनल की तरफ से यह दावा किया जा रहा, उसे भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि 1 जून से केंद्र सरकार द्वारा दोबारा से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और आम जीवन को सामान्य करने लिए अनलॉक किए जाने वाले फैसले के बाद से ही लॉकडाउन को फिर से लागू करने वाली अफवाहें सामने आई थीं। 8 जून तक स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्र की स्थिति के आधार पर कार्यालयों, मॉल, रेस्तरां और धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने सहित देश ने सभी तीन चरणों को पूरा कर लिया था। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए सरकार द्वारा फ्लाइट और ट्रेनों को दोबारा से चलाने के लिए नए-नए तरीके भी अपनाए जा रहे हैं।

Monday, 13 July 2020

ईनामी फरार गांजा तस्करी के दम्पती आरोपी गिरफ्तार सवा लाख का गांजा के साथ हुए थे गिरफ्तार, सुबह 5 बजे हुए थाने से फरार



राष्ट्र चंडिका, बालाघाट(पंकज डहरवाल)। पुलिस विभाग की लापरवाही कहें या अपराधी की चालाकी यह तो वहीं अपराधी ही जाने, २४ घंटे पहले गांजा तस्करी के दम्पंती आरोपी को पुन: गिरफ्तार करने में पुलिस कामयाब हो गयी। इन आरोपी दम्पतियों पर एसपी अभिषेक तिवारी ने १० हजार रूपये का ईनाम रखा था। जो पुलिस विभाग की सक्रियता से आरोपी महाराष्ट्र राज्य में प्रवेश करने जा रहे थे जो पुलिस ने दीनी पूनी ग्राम के पास से मंगोली घाट में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार बालाघाट शहर में इन दिनों गांजा तस्करी का मामला गर्मा हुआ है जो पूर्व से ही पुलिस विभाग को मिल रही जानकारी अनुसार ही गांजा तस्करी को रोकने में पुलिस प्रशासन सक्त नजर आ रहा है, देखा जाये तो इन दिनों शहर में गांजा का उपयोग करने वालों की संख्या में दिनो-दिन ईजाफा होते जा रहा है जिससे पुलिस प्रशासन की लापरवाही या कहें गांजा तस्करों की चालाकी कहा जा सकता है। गांजा के उपयोग अधिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है जो कैसंर के मरीज बढ़ रहें है।
ज्ञात होगा कि  पुलिस हिरासत से गांजा तस्करी के आरोपी में गिरफ्तार बालाघाट कोतवाली थाना से सुबह 5 बजे पति पत्नी फरार हो गए थे।  जिसमें कहा जाय की कोतवाली पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई थी, इन आरोपी फरार दंपत्ति पर रखा 10 हजार का इनाम भी रखा गया था।  12 जुलाई को सारेखा चौक में चेकिंग के दौरान 5 किलो गांजा सहित पकड़ाए थे जो युवक सुखबीर उर्फ नवीन कुमार पिता जगबीर जाट उम्र 25 वर्ष और महिला अंजली उर्फ मनीषा पति सुखबीर उर्फ नवीन कुमार उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम बरोली थाना सदर जिला जींद(हरियाणा) बताया उनके पास से पॉच किलो गांजा पाया गया है। जिसकी किमत सवा लाख रूपये आंकी थी, आरोपी जगदलपुर, छतिसगढ़ से फरीदाबाद जा रहें थे और युवक से पुछताछ में बताया कि महिला पत्नी है जो हम फरीदाबाद जा रहें है। पुलिस ने दोनों आरोपी पर धारा 8/20 एमबीपीएस अधिनियम के तहत कार्यवाही कि जा रही है।
आरोपी निकले साथिर-देखा जाये तो पुलिस कस्टींडी से फरार गांजा आरोपी लगाता है कि पुर्व से ही ऐसी ही अपराधिक प्रक्रिया से लिप्त दिखाई दे रहें है जो कोतवाली पुलिस को चकमा देते हुए वह भागने में कामयाब भी हो गये यहीं नहीं आरोपी दम्पती तो जिले से बाहार भागने में भी सफल हो जाते अगर  पुलिस मुखबिरी से पता न चलता तो वह ग्राम पंचायत दिनी पूनी के पास से मंगोली घाट को पार करने से पहले ही बालाघाट पुलिस की सक्रियता से पुन: गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी छतिसगढ़ से फरीदाबाद गांजा का तस्करी करने में गिरफ्तार किया गया था।
गांजा तस्कर के तार है लम्बे- पुलिस कस्टीडी से फरार होना बहुत ही सौचने की बात है जिससे यहीं अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांजा तस्कर के आरोपी दंम्पतियों का तार लम्बा है जो आये दिन यहीं कारोबार करते  रहें होगें। आरोपी दम्पती जो एक राज्य से दूसरे राज्य में गांजा बहुंचाने के लिए एक से दो राज्य की अंतर्राज्य सीमा को लांघ कर अपने अवैध कारोबार का अंजाब दे रहें थे जिससे अब वह बालाघाट पुलिस की गिरफ्त में आ गये है। इन आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जायेगा।
इनका कहना हैै- पुलिस कस्टडी से फरार हुए गांजा तस्करी के आरोपी को  24 घन्टे में फिर से हिरासत में लिया गया है इन आरोपियों पर सूचना देने वालों के लिए 10 हजार का इनाम भी रखा गया था। इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अभिषेक तिवारी
एस.पी. बालाघाट

Sunday, 12 July 2020

वन और राजस्व सीमा के विवाद में पिस गये गरीब 


राष्ट्र चंडिका नरसिंहपुर(अमर नोरिया) - जिले की करेली तहसील के अंतर्गत धरमपुरी गांव में शासन द्वारा वर्ष 1972 -73 में गरीबों को प्रदान किये गये कृषि भूमि के पट्टे के मामले में मार्च 2020 के महीने में वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा पट्टेधारियों जो वर्तमान में राजस्व रिकार्ड में बतौर भूस्वामी के रूप में कृषि भूमि पर काबिज हैं उनको बगैर किसी पूर्व सूचना के ज़मीन का नापजोख कर जो विवाद बना हुआ है वह थमने का नाम नहीं ले रहा है । वनविभाग द्वारा गरीबों की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा किये जाने के विरोध में गत 25 जून से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 12 परिवार धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार करेली के द्वारा 15 दिवस में दिये गये जांच के आश्वासन पर कुछ सहमत होकर प्रशासन से न्याय की उम्मीद तो लगा चुके हैं,धरमपुरी गांव के इस मामले में राजस्व रिकार्ड के अनुसार कई पेंच हैं जिनका निराकरण किये बिना इस विवाद का उचित हल नहीं निकल सकता है । वनविभाग के अनुसार उसकी वनभूमि के जो खसरे नम्बर म.प्र.राजपत्र में 1984 में प्रकाशित किये जाकर वनभूमि घोषित की गई है उक्त भूमि से लगी राजस्व भूमि इन पट्टेदारों को 1972-73 से खसरे के बटांकन के अनुसार ही पट्टे पर प्रदान की गई थी जो कि हल्के वल्द रामप्रसाद खसरा नम्बर 2/2,भुजबल वल्द दलीप खसरा नम्बर 7/2,नर्मदा प्रसाद वल्द परमू खसरा नम्बर 7/3,बड़े भाई वल्द नन्हई खसरा न.9/3, मिहीलाल वल्द खुमान खसरा न.9/4,गनेश वल्द इमरत खसरा न.9/5, गोमती पत्नी गोविंद खसरा न. 9/6,बड़े भाई वल्द नन्हई खसरा न.10,मानसिंह वल्द जयराम खसरा न.61/3,देवीप्रसाद वल्द नन्हेवीर खसरा न.61/4,हुलकर वल्द छिदामी खसरा न.61/5,अन्नीलाल वल्द सुखराम खसरा न.61/6 अन्य यह सभी पट्टेदार वर्ष 2003-04 तक राजस्व रिकॉर्ड में बतौर भू स्वामी के दर्ज थे ।  वर्ष 2004 -05 से इनमें से कुछ लोगों के खसरे नम्बर बदल दिये गये तो कुछ लोग जिसमें की देवी सिंह वल्द नन्हेवीर जिनका खसरा न. 61/4 जो 1972 में था वह आज 2020-21 में भी 61/4 ही है और राजस्व रिकार्ड में यह आज भी भू स्वामी हैं और अपनी कृषि भूमि पर काबिज हैं किंतु उस भूमि पर राजस्व विभाग के नापजोख के बाद वनविभाग अपना दावा बता कर तार फेसिंग करवा चुका है । इस भूमि से ही लगी मानसिंह वल्द जयराम खसरा नम्बर 61/3 की भूमि है जिसपर वह काबिज हैं किंतु राजस्व के रिकार्ड में उनका नाम गायब है, तो इनसे ही लगी भूमि हुलकर वल्द छिदामी खसरा नम्बर 61/5 है उसका खसरा नम्बर बदलकर खसरा नम्बर 72 कर दिया गया है, वह वर्तमान में अपनी खसरा नम्बर 61/5 भूमि पर ही काबिज हैं जिसपर वनविभाग अपना दावा जता रहा है महत्वपूर्ण बात यह कि इन खसरा नम्बरो का वनविभाग की भूमि के खसरा नम्बरों में भी जिक्र या उल्लेख नहीं है । भुजबल वल्द दलीप खसरा नम्बर 7/2 इनका नाम राजस्व रिकार्ड में गायब है जबकि इनके साथ लगी भूमि नर्मदा प्रसाद वल्द परमू खसरा नम्बर 7/3 जिस पर आज भी वह बतौर भू स्वामी काबिज हैं 1972 से लेकर 2020-21 तक राजस्व रिकार्ड में दर्ज है किंतु यह भूमि भी वनविभाग अपनी बताकर तारफेंसिंग कर चुका है जबकि वनविभाग की भूमि में खसरा नम्बर 7/3 शामिल ही नहीं है । खसरा नम्बर 2/2 जो हल्के वल्द रामप्रसाद के नाम था वह वर्तमान में राजस्व रिकार्ड में खसरा नम्बर 67 बता रहा है किंतु उक्त पट्टेदार/भू स्वामी खसरा नम्बर 2/2 में ही काबिज हैं जिस भूमि को भी वनविभाग अपनी खसरे की सूची में शामिल न होने पर अपनी बता रहा है फिलहाल 15 दिन की समयसीमा पूर्ण होने में अब कुछ दिन ही शेष हैं किंतु इस मामले के जो पेंच हैं वह कब तक सुलझेंगे ....इसका इंतजार वह सभी गरीब बेसब्री से कर रहे हैं जिन्होंने लगभग 40-45 साल उस बंजर भूमि को अपनी मेहनत से खेती करते हुए उपजाऊ बनाकर अपने परिवारों का अब तक पालन पोषण करते आ रहे हैं ...!सभी सहयोगी पत्रकार साथियों, विधि विशेषज्ञ एवं प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों से मार्गदर्शन व सुझाव और संवाद की प्रक्रिया सतत जारी है ...

Wednesday, 8 July 2020

नेहरू स्पोर्टिंग ने सबके सहयोग और प्रयास से मिली जिले को एस्ट्रोटर्फकी सौगात-राजेश पाठक 

 

राष्ट्र चण्डिका,बालाघाट(पंकज डहरवाल)। बालाघाट जिले की बहुप्रतिक्षित एस्ट्रोटर्फ की मांग पूरी होने के बाद जिले के खेलप्रेमी में उत्साह का माहौल हैं खासकर हॉकी खिलाड़ियों में हॉकी मैदान के एस्ट्रोटर्फ में परिवर्तित होने की खबर ने उनकी खेल उर्जा को बढ़ा दिया है, अब वह दिन दूर नहीं, जब जिले के हॉकी खिलाड़ी भी एस्ट्रोटर्फ मैदान में हॉकी का प्रशिक्षण लेंगे। जिससे भविष्य में उनकी खेल में नई गति और नई तेजी देखने को मिलेगी। बालाघाट के हॉकी खेल मैदान को एस्ट्रोटर्फ में बदलने की मिली सौगात, सबके सहयोग और प्रयास का नतीजा है। हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने के लिए सालों से नेहरू स्पोर्टिंग प्रयासरत रहा। जिसके लिए उसने समय-समय पर जिले के जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी इस मांग को रखा। जिसका परिणाम है कि जिले के सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से बालाघाट जिले के हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने की सौगात मिली है। जिसके लिए पूर्व मंत्री गौरीशंकर, पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे और तत्कालीन नपाध्यक्ष अनिल धुवारे के प्रयासों को भुलाया नहीं जा सकता। हर सफलता की मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का स्थान महत्वपूर्ण होता है, उसी प्रकार बालाघाट के हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने की मिली सफलता के पीछे सीढ़ियों के कड़ी दर कड़ी प्रयास है, जिसमें जिले के जनप्रतिनिधियों के अलावा तत्कालीन और वर्तमान कलेक्टर एव पुलिस अधीक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यह बात नेहरू स्पोर्टिंग क्लब अध्यक्ष राजेश पाठक ने प्रेस से चर्चा करते हुए कही। बालाघाट के हॉकी खेल मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने की मिली प्रशासकीय स्वीकृति और राशि आबंटन के बाद नेहरू स्पोर्टिंग क्लब ने प्रेसवार्ता का आयोजन क्लब कार्यालय में किया था। जिसमे ंनेहरू स्पोर्टिंंग क्लब अध्य राजेश पाठक, पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व नपाध्यक्ष अनिल धुवारे, महासचिव विशाल वर्मा और समाजसेवी एवं क्लब से जुड़े वरिष्ठ सदस्य किरणभाई त्रिवेदी उपस्थित थे। इस दौरान प्रेस से चर्चा करते हुए नेहरू स्पोर्टिंग क्लब अध्यक्ष राजेश पाठक ने कहा कि जहां तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे गौरीशंकर बिसेन और तत्कालीन नपाध्यक्ष अनिल धुवारे के कार्यकाल के दौरान नपा के हॉकी खेल मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने के लिए पूरी फाईल तैयार की गई। जिसके बाद खेल मैदान को खेल विभाग को सौंपे जाने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। जब दस्तावेज प्रक्रिया पूरी हो गई, तब तत्कालीन कांग्रेस शासनकाल मंे मंत्री रहे प्रदीप जायसवाल और विधानसभा उपाध्यक्ष रही सुश्री हिना कावरे को हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने के लिए बजट और प्रशासकीय स्वीकृति दिलवाने की मांग की गई। जिसे विधायकद्वय द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समक्ष रखा। इन सबके संयुक्त प्रयास का परिणाम है कि आज बालाघाट के हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने के लिए शासन स्तर पर संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 726.26 लाख रुपये की प्रशासकिय स्वीकृति जारी कर दी गई है। हमारा प्रयास होगा कि हर साल नये वर्ष मंे आयोजित किये जाने वाले स्व. नारायणसिंह मेमोरियल अखिल भारतीय स्वर्ण कप हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन एस्ट्रोटर्फ मैदान में आयोजित किया जाये। बालाघाट जिले को हॉकी खेलप्रेमियों की भावना का ख्याल रखते हुए एस्ट्रोटर्फ मैदान की सौगात देने वाले जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, एस्ट्रोटर्फ मैदान के लिए प्रमुखता से खबर लगाकर सरकार का ध्यानाकर्षण करवाने वाले मीडियाकर्मियों, खिलाड़ियों, खेलप्रेमियों एवं जनता का नेहरू स्पोर्टिंग क्लब की ओर से हम सभी साथी कृतज्ञतापूर्वक आभार व्यक्त करते है। नेहरू स्पोर्टिंग महासचिव विजय वर्मा ने कहा कि विगत 15 वर्षो से नेहरू स्पोर्टिंग क्लब बालाघाट के हॉकी मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने के लिए सतत प्रयासरत था। समय-समय पर क्लब के अध्यक्षों के माध्यम से जिले के जनप्रतिनिधियों की ओर से सरकार तक इस बात को पहुंचाने का प्रयास किया गया। आज वह प्रयास साकार होता दिखाई दे रहा है। जिसके लिए क्लब अपनी ओर से जिले के जनप्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से एस्ट्रोटर्फ मैदान के लिए प्रयासरत रहने वालो का आभार व्यक्त करता है। नेहरू स्पोर्टिंग पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व नपाध्यक्ष अनिल धुवारे ने कहा कि बालाघाट के हॉकी खेल मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान में बदलने की मिली स्वीकृति के बाद राजनीतिक दल के नेताओं में श्रेय लेने की होड़ मच गई है। जबकि इसके लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराजसिंह चौहान, तत्कालीन पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और नपा परिषद ने इसके लिए काफी अथक प्रयास किये। नपा ने मैदान, खेल विभाग को हस्तांतरित किया और तत्कालीन मंत्री गौरीशंकर बिसेन के साथ क्लब के पदाधिकारियों ने भोपाल मंे तत्कालीन भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की। उनके प्रयास से आज स्वीकृति मिली है, बावजूद हमारा मानना है कि बालाघाट के हॉकी खेल मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में सभी के संयुक्त प्रयास से मिली सौगात है। उन्होने कहा कि एस्ट्रोटर्फ मैदान को लेकर श्रेय लेने की होड़ से कहीं जिले के खिलाड़ियों का नुकसान न हो जायें, श्रेय के चक्कर में इसका काम न रूक जायें। हमारा प्रयास होगा कि जल्द से जल्द मैदान को एस्ट्रोटर्फ मैदान के रूप में बदलने का काम वर्तमान अध्यक्ष राजेश पाठक के नेतृत्व में जल्द से जल्द हो, ताकि जिले के हॉकी खिलाड़ियों को खेल मैदान में खेलने का अवसर मिल सकें। नेहरू स्पोर्टिंग क्लब ने एस्ट्रोटर्फ मैदान की सौगात दिलाने में भूमिका निभाने वालो के प्रति जताया आभार जिले को एस्ट्रोटर्फ मैदान की सौगात दिलाने में भूमिका निभाने वाले शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि, मीडियाकर्मियों सहित खेलप्रेमियों, खिलाड़ियों एवं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति नेहरू स्पोटिग क्लब अध्य राजेश पाठक, पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व नपाध्यक्ष अनिल धुवारे, महासचिव विजय वर्मा, समाजसेवी एवं क्लब से जुड़े वरिष्ठ सदस्य किरणभाई त्रिवेदी, ज्ञानचंद बाफना, ऋषभदास वैद्य, प्रकाश चतुरमोहता, मोती कोचर, सुशील वर्मा, अजय वर्मा, अरविंद जायसवाल, मकरंध अंधारे, तुषार मानकर, सुब्रत रॉय, रमेश उईके, हीरालाल नागोसे, विनोद साव, ब्रजेश मिश्रा, वामन उईके, सुधांशु तिवारी, जतिन्दरसिंघ परमार सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्यों ने खुशी जाहिर करते हुए सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।