ठेकेदारी की मलाई में गोते खा रहे नपा के कर्मचारी
अधिकारियों के कृपापात्र है करोसिया
नगर पालिका सिवनी में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों की मानो मोनोपल्ली चल रही है। नगर को स्वच्छ बनाने के लिये लगभग डेढ़ सौ से 200 (सफाईकर्मी) दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करते हैं और ये कर्मचारी कहां काम करते हैं कोई नहीं जानता। इन लोगों का वेतन निकालने का दायित्व संतोष करोसिया का है चूंकि सभी कर्मचारी संतोष करोसिया के आपने कुछ परिजन है इसलिए इन्हें उपकृत कर बिना ड्यूटी के वेतन निकाला जाता है।
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। अनेक कर्मचारी तो ऐसे भी है जो ड्यूटी में आते ही नहीं लेकिन उनका वेतन इसलिए निकाला जाता है कि उसमें सीएमओ और संतोष करोसिया की मिलीभगत होती है, किसी के घर कोई कार्यक्रम हो अथवा कोई पर्व के अवसर पर ड्यूटी लगाने के लिये सीएमओ और संतोष करोसिया द्वारा वार्ड जमादार को कहा जाता है, वार्ड जमादार संतोष करोसिया के इशारे पर ऐसे लोगों की ड्यूटी लगाते हैं जो उन्हें किसी प्रकार से कमीशन या लाभ प्रदान नहीं करते। नगर पालिका की स्टेशनरी खरीदना हो गया सफाई के लिये उपयोग आने वाली सामग्री सभी के बिल भी संतोष करोसिया द्वारा आसानी से पास किये जाते हैं और इन बिलों में कमीशन के रूप में मिलने वाली राशि का बंदरबांट करना आम बात हो गयी है। कलेक्टर के निकट होने का सीएमओ किशन ठाकुर द्वारा भरपूर लाभ उठाया जा रहा है चूंकि संतोष करोसिया सभी को लाभ पहुंचाते हैं इसलिए कोई उनका विरोध करने से डरते हैं जब कोई व्यक्ति उनकी शिकायत लेकर जाता है तो वे कहते हैं कि आप शिकायत दे दें उस पर कार्यवाही होगी लेकिन उस शिकायत को दबा दिया जाता है क्या ऐसे व्यक्ति को नगर पालिका के केशियर जैसे पद पर रहने का अधिकार है।देखने एवं बातचीत करने में इतने भोले भाले दिखते हैं मानो पानी को पानी ना कहकर मम कहते हों लेकिन इनके क्रियाकलाप चांदनी रात में उस अमावश की तरह है जो चांदनी की रोशनी को भी दबा देती है। क्या नगर पालिका परिषद के पास कोई और कर्मचारी नहीं जो वास्तव में लोगों को इस पद की गरिमा के अनुकूल सुविधा दिला सके तथा भ्रष्टाचार को समाप्त कर सके।

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