Sunday, 23 April 2017

आरोप के बाद भी करोसिया पर मेहरबानी

लग चुके हैं कई गंभीर आरोप, पूरी नगर पालिका है मौन

आरोप के बाद भी करोसिया पर मेहरबानी

राष्ट्रचंडिका/सिवनी। नगर पालिका परिषद सिवनी में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है उसका मुख्य कारण है कि अधिकारी तो अधिकारी लिपिक एवं बाबुओ का राज चल रहा है। नगर पालिका में हाल ही में दो बाबुओ पर लोकायुक्त एवं अन्य कार्यवाही में गाज गिरी लेकिन आज भी यहां की व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। नगर पालिका में अगर आपको कोई कार्य कराना है तो आप कहीं और ना जाकर अगर यहां के वरिष्ठ लिपिक का प्रभार संभाल रहे संतोष करोसिया के पास चले जायेंगे तो आप के सारे आड़े-तिरछे सभी काम आसानी से हो जायेंगे।
करोसिया के पास हर काम कराने की मास्टर की है वे नगर पालिका के के हर विभाग में काम सुलभता से कराना जानते है और इसके एवज में आपको क्या करना है यह बताने की आवश्यकता नहीं है। करोसिया के पूर्व केसियर का दायित्व महेश यादव संभालते थे और उन्होंने अपनी बेदाग छवि के साथ सेवानिवृत भी हुए लेकिन उनके रिटायरमेंट के बाद सीएमओ और अन्य अधिकारियों की एप्रोच से इन्हें मुख्य लिपिक का दायित्व सौंपा गया और अपनी कार्यकुशलता मे ंनिपुण कोई भी सही गलत कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में इनके साथ साथ अधिकारी भी शामिल है।
संतोष करोसिया की कार्यप्रणाली से तंग आकर अनेक कर्मचारियों ने इनका विरोध भी किया लेकिन पालिका के अधिकारियों ने एक ना सुनी और ना तो इन्हें हटाया और ना कार्यवाही की। अनेक ऐसे बिल है जिन्हें बड़ी सफाई के साथ पास करना और अपने साथ साथ अधिकारियों को भी उपकृत करना आम बात है। चाहे मजदूरों को सफाई कर्मचारियों के पेमेंट के मामले में इतनी सफाई के साथ फर्जी बिल बाऊचर बनाये जाते है कि सूक्ष्मता से जांच करने पर भी कोई इनकी चोरी ना पकड़ सके।
अपने खिलाफ कोई बात ना उठे इसलिए कुछ गिने चुने समाचार पत्रों को भी विज्ञापन के माध्यम से उपकृत करते रहते हैं। आखिर इतनी भ्रष्ट कर्मचारी के खिलाफ आखिर पार्षद, उपयंत्री एवं जनप्रतिनिधि या विपक्षी दल आवाज कयों नहीं उठाते। अगर समय रहते इन्हेंं नही ंहटाया गया तो ये सुरसा की तरह पूरी नगर पालिका को चट कर जायेगा।

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