Tuesday, 27 October 2020

MP में आ सकता है बड़ा भूकंप, तबाह हो जाएंगे ये 28 जिले !

 



राष्ट्र चंडिका भोपाल। प्रदेश में धड़ल्ले से हो रहे अवैध उत्खनन, बेतरतीब और अनियंत्रित निर्माण बड़ी तबाही की वजह बन सकते हैं। 28 जिलों का बड़ा भू-भाग भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील जोन चार में पहुंच चुका है। ऐसे में यदि कभी प्रदेश में केंद्रित भूकंप आता है तो इस भू-भाग को बड़ा नुकसान झेलना होगा। चिंता का कारण यह है कि पिछले तीन सालों में भूकंपों की आवृत्ति बढ़ी है।
सर्वाधिक खतरनाक है जोन पांच-भू-वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप का खतरा देश में हर जगह अलग-अलग है। खतरे के हिसाब से देश को पांच हिस्सों में बांटा गया है, जैसे जोन-1, जोन-2, जोन-3, जोन-4 तथा जोन-5। सबसे कम खतरे वाला जोन-1 और जोन-2 है तथा सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन-5 है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यहां हिमालयन क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधियों से भूकंप आता है। 
इस लिहाज से जिस जगह इन गतिविधियों को असर कम है वह एक, दो और 3 जोन में है जहां अधिक या बहुत अधिक है। उन्हें 04 और 05 जोन में रखा गया है। जोन 04 और 05 के इलाकों में भूकंपीय गतिविधियों के केंद्र भी हो सकते हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं ये जिले-विभाग के अनुसार सर्वाधिक प्रभावितों में जबलपुर, खरगौन, इंदौर, खंडवा, धार, रायसेन, देवास, सीहोर, बैतूल, सीधी, शहडोल, नरसिंहपुर, दमोह, होशंगाबाद, बड़वानी, झाबुआ, उमरिया, छिंदवाड़ा, हरदा, बुरहानपुर, अनूपपुर, सागर, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, कटनी, सिंगरौली और अलीराजपुर शामिल हैं।
यहां से भी पड़ रहा है असर-मौसम विज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के अनुसार चीन और भारत दोनों बॉर्डर पर खूब निर्माण कर रहे हैं। चाइना ने ब्रह्मपुत्र नदी पर विशाल बांध बना दिया है। पाकिस्तान के साथ व्यापारिक गलियारा बना रहा है। दोनों ही निर्माण से बैलेंस बिगड़ रहा है। ये भी भविष्य में उथल-पुथल का कारण बनेंगे।
प्लेटों की टक्कर से क्यों उपजी आशंका-विभाग के अनुसार द ग्रेट हिमालयन रेंज में यूरेशियन प्लेट व इंडियन प्लेट में टक्कर हो रही है। यूरेशियन प्लेट ऊपर है, जो इंडियन प्लेट को नीचे दबा रही है। इसमें इंडियन प्लेट के नीचे दबने से ऊर्जा के इस रिलीज का दुष्प्रभाव इस प्लेट से प्रभावित देशों में ज्यादा पड़ रहा है।
- पहले की तुलना में भूकंप ज्यादा आ रहे हैं। प्रदेश में जोन 3 वाले 28 जिलों का काफी हिस्सा जोन 4 में भी शामिल है। ऐसे में यदि भूकंप आता है तो इन हिस्सों को खासा नुकसान पहुंचेगा।
अनुपम काश्यपि, डायरेक्टर, मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल 

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