बावनथड़ी नदी किनारे बसे गांव के नागरिको के लिये बनी मुसीबत बिना एप्रोच रोड के आवागमन हुआ बाधित
राष्ट्र चंडिका बालाघाट । बावनथड़ी नदी पर 38 साल पुराना पुल क्षतिग्रस्त होने के पश्चात भंडारा जिला कलेक्टर के आदेशानुसार बड़े वाहनो की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया था। जिसके कारण आम नागरिको के अलावा वाहन चालको को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही मार्ग बंद होने के कारण वाहन चालको को लम्बी दूरी तय कर महाराष्ट्र आवागमन कर रहें है। साथ ही क्षतिग्रस्त पुल से मात्र दो पाहिया वाहन ही आवाजाही कर रहे थे। परंतु महाराष्ट्र प्रशासन द्वारा पुलिया का जीर्णोद्वार करने के बजाय दो पहिया वाहनो की आवाजाही रोकने के लिए जेसीबी मशीन चलाकर खुदाई कर मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया हैैं। जिसके कारण आम नागरिको को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि एप्रोच रोड नही होने के कारण नाकाडोंगरी जो कि बावनथड़ी नदी से 2 कि.मी. है। नाकाडोंगरी आने जाने के लिये अब नागरिको को कुड़वा कालोनी या मोवाड़ 20कि.मी. घुमकर 2 कि.मी. का सफर तय करने पर मबजूर चुके है। महाराष्ट्र प्रशासन के तुगलकी आदेश से नागरिको को अनेको समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चूंकि नदी में पानी होने कारण राहगीरो के लिए भी यह एक मुसीबत बनी हुई है। नदी में पानी होने कारण आम नागरिको को आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। जबकि बालाघाट कलेक्टर क्षेत्रीय विधायक के द्वारा जिला कलेक्टर भंडारा को सड़क मार्ग बहाल करने के संदर्भ में पत्र प्रेषित कर नागरिको को हो रही आसुविधाओ की ओर ध्यान आकृर्षित कराया गया इसके बावाजूद संबंधित प्रशासन द्वारा समस्या का समाधान करने के बजाय उल्टा मुसीबत खड़ी कर दी गई हैं। दो पहिया वाहन व पैदल आने जानेे वाले राहगीर को महाराष्ट्र जाने के लिए उक्त मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यहा तक कि नदी के किनारे बसे नागरिको को समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। और उन्हें काफी लम्बी दूरी तय कर महाराष्ट्र आवागमन कने के लिए मजबूर है।
मरीजों के लिये बनी मुसीबत- स्मरण रहें कि बावनथड़ी नदी पुलिया जो कि दो राज्यों की सीमा को जोड़ती है और निरंतर मरीजों को महाराष्ट्र ईलाज के लिए जाने हेतु यह मार्ग सुलभ हुआ करता है परंतु कुछ दिनों पूर्व बड़े वाहनों की आवाजाही पर भंडारा कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगाया गया। जिसके पश्चात पहिया वाहन सहित आम नागरिक आवाजाही उक्त पुलिया से कर रहे थे परंतु प्रशासन द्वारा तुगलकी आदेश जारी करते हुये दो पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाने के लिये जेसीबी से खुदाई की गई है। जिसके कारण अब पूरी तरह से महाराष्ट्र का संपर्क टूट चुका है। यह तक कि नदी में पानी होने के कारण नागरिको को ईलाज व अन्य कार्यो के लिए महाराष्ट्र जाना दूभर हो गया है। जबकि प्रशासन को चाहिए था कि संबंधित पुलिया के मरम्मत होने तक एप्रोच रोड का निर्माण करना अनिवार्य था ताकि नागरिको को सुविधा का लाभ मिल सके परंतु आम नागरिको की समस्या का समाधान करने के बजाय उल्टा महाराष्ट्र प्रशासन द्वारा आवाजाही को प्रतिबंध कर दिया गया है जिससे अब दोपहिया वाहन तथा बड़े वाहनो को मोवाड़ या तिरोड़ी खवासा होते हुये नागपुर आवागमन करना होगा जिससे समय पैसा तो बर्बाद होगा ही साथ ही मरीजो को समय पर उपचार नही मिल पायेगा। प्रशासन को चाहिए कि नागरिको की समस्याओं को ध्यान में रखते हुये तत्काल एप्रोच रोड का निर्माण कार्य किया जाये ताकि आम नागरिको के अलावा मरीजो को महाराष्ट्र ईलाज हेतु जाने में सुविधा का लाभ मिल सके।
मरीजों के लिये बनी मुसीबत- स्मरण रहें कि बावनथड़ी नदी पुलिया जो कि दो राज्यों की सीमा को जोड़ती है और निरंतर मरीजों को महाराष्ट्र ईलाज के लिए जाने हेतु यह मार्ग सुलभ हुआ करता है परंतु कुछ दिनों पूर्व बड़े वाहनों की आवाजाही पर भंडारा कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगाया गया। जिसके पश्चात पहिया वाहन सहित आम नागरिक आवाजाही उक्त पुलिया से कर रहे थे परंतु प्रशासन द्वारा तुगलकी आदेश जारी करते हुये दो पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाने के लिये जेसीबी से खुदाई की गई है। जिसके कारण अब पूरी तरह से महाराष्ट्र का संपर्क टूट चुका है। यह तक कि नदी में पानी होने के कारण नागरिको को ईलाज व अन्य कार्यो के लिए महाराष्ट्र जाना दूभर हो गया है। जबकि प्रशासन को चाहिए था कि संबंधित पुलिया के मरम्मत होने तक एप्रोच रोड का निर्माण करना अनिवार्य था ताकि नागरिको को सुविधा का लाभ मिल सके परंतु आम नागरिको की समस्या का समाधान करने के बजाय उल्टा महाराष्ट्र प्रशासन द्वारा आवाजाही को प्रतिबंध कर दिया गया है जिससे अब दोपहिया वाहन तथा बड़े वाहनो को मोवाड़ या तिरोड़ी खवासा होते हुये नागपुर आवागमन करना होगा जिससे समय पैसा तो बर्बाद होगा ही साथ ही मरीजो को समय पर उपचार नही मिल पायेगा। प्रशासन को चाहिए कि नागरिको की समस्याओं को ध्यान में रखते हुये तत्काल एप्रोच रोड का निर्माण कार्य किया जाये ताकि आम नागरिको के अलावा मरीजो को महाराष्ट्र ईलाज हेतु जाने में सुविधा का लाभ मिल सके।

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