नरसिंहपुर जिले की सीमा में हाइवे पर पैदल चल रहे मजदूरों को मिलेगी राहत सुविधाएं और भोजन
राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) नरसिंहपुर -लॉक डाउन के चलते रोजी रोटी के संकट से जूझते हजारों मजदूर एक ओर जहां पूरे देश मे हजारों किलोमीटर का सफर भूखे प्यासे रहकर तय कर रहे हैं ऐसे में नरसिंहपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने नरसिंहपुर जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल चलने वाले गरीब मजदूरों के लिये भोजन पानी और विश्राम की उचित व्यवस्था कर उन्हें जिले की सीमा से सकुशल रवानगी के निर्देश जारी किये हैं जिसके तहत उन्होंने बताया कि 1. महाराष्ट्र, कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों से उत्तरप्रदेश एव कुछ अन्य राज्यों के मज़दूर वापस लौट रहे हैं और ज़िले की सीमाओं में यदाकदा पैदल चलते दिख जा रहे हैं. 2. अन्य प्रदेशों के लिये पैदल निकल रहे मज़दूरों के हेतू 20-25 किमी के अंतराल पर अल्पविश्राम के लिये हाईवे पर कैंप पांईटस निर्धारित किये जायें. इन पांईटस पर छाया, भोजन, पानी आदि की समुचित व्यवस्था ग्राम पंचायतों द्वारा की जाये. इस कार्य के लिये NGOs और समाजसेवी व्यक्तियों का भी सहयोग लिया जा सकता है. यदि NGOs और समाजसेवी अपने स्तर से भी ऐसे कैंप पाइंटस बनाने के लिये तैयार हो तो उन्हें अनुमति प्रदान की जाये. 3. इन पाइंटस पर पैदल चल रहे मज़दूरों को ठहराया जाये. उन्हें भोजन-पानी कराया जाये और फिर बसों में बैठाकर ज़िले की बार्डर तक छोड़ दिया जाये. 4. पाइंटस पर तैनात कर्मचारियों और स्वयंसेवियों के लिये फ़ेस मास्क, हैंड सेनेटाईजर की समुचित व्यवस्था रखी जाये , महत्वपूर्ण बात यह है कि गत दिवस प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश में प्रवासी मजदूरों को भोजन सहित अन्य सुविधाएं मिल सके इसकी चर्चा की थी , इस सम्बंध में जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना के द्वारा जारी निर्देश के चलते जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 26 एवं 12 पर पैदल चलने वाले हजारों मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी और जिले में मजदूरों से सम्बंधित किसी भी प्रकार की असुविधा से होने वाली परेशानी से दो चार भी नहीं होना पड़ेगा ।
राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) नरसिंहपुर -लॉक डाउन के चलते रोजी रोटी के संकट से जूझते हजारों मजदूर एक ओर जहां पूरे देश मे हजारों किलोमीटर का सफर भूखे प्यासे रहकर तय कर रहे हैं ऐसे में नरसिंहपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने नरसिंहपुर जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल चलने वाले गरीब मजदूरों के लिये भोजन पानी और विश्राम की उचित व्यवस्था कर उन्हें जिले की सीमा से सकुशल रवानगी के निर्देश जारी किये हैं जिसके तहत उन्होंने बताया कि 1. महाराष्ट्र, कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों से उत्तरप्रदेश एव कुछ अन्य राज्यों के मज़दूर वापस लौट रहे हैं और ज़िले की सीमाओं में यदाकदा पैदल चलते दिख जा रहे हैं. 2. अन्य प्रदेशों के लिये पैदल निकल रहे मज़दूरों के हेतू 20-25 किमी के अंतराल पर अल्पविश्राम के लिये हाईवे पर कैंप पांईटस निर्धारित किये जायें. इन पांईटस पर छाया, भोजन, पानी आदि की समुचित व्यवस्था ग्राम पंचायतों द्वारा की जाये. इस कार्य के लिये NGOs और समाजसेवी व्यक्तियों का भी सहयोग लिया जा सकता है. यदि NGOs और समाजसेवी अपने स्तर से भी ऐसे कैंप पाइंटस बनाने के लिये तैयार हो तो उन्हें अनुमति प्रदान की जाये. 3. इन पाइंटस पर पैदल चल रहे मज़दूरों को ठहराया जाये. उन्हें भोजन-पानी कराया जाये और फिर बसों में बैठाकर ज़िले की बार्डर तक छोड़ दिया जाये. 4. पाइंटस पर तैनात कर्मचारियों और स्वयंसेवियों के लिये फ़ेस मास्क, हैंड सेनेटाईजर की समुचित व्यवस्था रखी जाये , महत्वपूर्ण बात यह है कि गत दिवस प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश में प्रवासी मजदूरों को भोजन सहित अन्य सुविधाएं मिल सके इसकी चर्चा की थी , इस सम्बंध में जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना के द्वारा जारी निर्देश के चलते जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 26 एवं 12 पर पैदल चलने वाले हजारों मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी और जिले में मजदूरों से सम्बंधित किसी भी प्रकार की असुविधा से होने वाली परेशानी से दो चार भी नहीं होना पड़ेगा ।

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