Saturday, 25 February 2017

रेत का अवैध खनन

रेत का अवैध खनन
  नर्मदा तट पिपरहा घाट से रातों रात हो रहा है
ग्रामीणों ने शिकायत कर रेत खनन को बंद किये जाने की मांग की
राष्ट्रचंडिका/नरसिंहपुर। जिले में नर्मदा सेवा यात्रा को लेकर गये हुये चंद दिन ही बीत पाये हैं और नर्मदा नदी में जिस तरह से अवैध खनन और प्रदूषण को लेकर जो दावे और बातें शासन और प्रशासन ने दोहराई थी वह सब हवा हवाई हो गई हैं ।
नर्मदा नदी में बहने वाली भारी मात्रा में जलीय वनस्पति का हाल यह है कि हर घाट में नर्मदा जल के ऊपर यह एक बड़ी परत के रूप में हर घाट पर भारी मात्रा में दिखाई दे रही है जिससे लोगों को पहले की तरह नर्मदा जल में नहाने आदि में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
नर्मदा में अवैध खनन को लेकर भी अनेक शिकायतें आने लगी हैं करेली जनपद पंचायत के अंतगर्त आने वाली गुरसी ग्राम पंचायत के पिपरहा गांव पर स्थित धुंआधार षाट पर पिछले चार पांच माह से रातों रात जारी लगातार अवैध खनन से नर्मदा तट पर एकत्रित रेत का बेतहाशा खनन किया जा रहा है इस संबंध में गांव के ही ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर ,खनिज विभाग के अधिकारियों सहित पुलिस थाने में भी इस संबंध में शिकायत कर नर्मदा तट से किये जा रहे अवैध खनन को बंद कराये जाने की मांग की है ।
नर्मदा तट पर बसे इस पिपरहा गांव से ही आसपास के गांव व शहरों में ट्रेक्टर ट्रालियों से रेत भरकर ले जायी जा रही है जिसकों उंचे दामों पर बेचा जा रहा है इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि जब रेत खनन करने वालों को रेत खनन करने से मना किया जाता है तो उनका कहना है कि वे कहते हैं कि जाओं जहां शिकायत करना है कर दो हमारा कोई कुछ नहीं बिगड़ लेगा हम सभी जगह पैसे देते हैं । इस तरही बातें जब सामने आती है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि खनन करने वाले किस तरह से बैखौफ होकर मां नर्मदा को छलनी कर रहें हैं और अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई तो अन्य घाटों की तरह  पिपरहा घाट से भी  रेत खनन कर इस घाट को भी रेतविहीन कर दिया जायेगा । 

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