नगर पालिका के पार्षद खुद ही बन गए ठेकेदार
राष्ट्रचंडिका/सिवनी नगर पालिका द्वारा जो काम ठेके पर दिए जाते हैं उनमें पार्षदों की क्या भूमिका रहती है यह जांच का विषय है। जनता में इस बात की चर्चा रहती है कि कई वार्डों में पार्षदों द्वारा ही विकास कार्यों के बेनामी ठेके लिए जाते हैं। ठेका किसी अन्य के नाम से लिया जाता है और असल में सारा काम खुद पार्षद करवाते हैं। इसी कारण वार्डों में होने वाले सडक़, पगडंडी, रेलिंग, डंगे के सभी काम निम्न स्तर के हो रहे हैं। जिन पार्षदों को काम का स्तर देखना चाहिए वे कथित रूप से खुद ही ठेके ले काम कर रहे हैं यह भी जांच का विषय है।
ऐसा स्टाफ पार्षदों के दबाव में रहता है। पार्षद अपनी मर्जी से वार्ड के विकास कार्यों की योजना बनवाते हैं और खुद काम करवाते देखे जाते हैं।
मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पिछले सालों में नगर के वार्डों में हुए विकास कार्यों की जांच करवाई जाए कि इन कार्यों की योजना किस नीति-नियम से बनाई गई और किन ठेकेदारों द्वारा काम करवाया गया और उसमें पार्षदों की क्या भूमिका रही। जगह पार्षद अपने दोस्तों व संबंधियों को खुश करने के लिए ही काम करवाते हैं, आम जनता के हितों का ध्यान नहीं रखा जाता और न ही विकास कार्यों की प्लानिंग में स्थानीय जनता की भागीदारी रहती है। व्यक्ति विशेष के लाभ के लिए बड़े डंगे लगवाए जाते रहे हैं और आम लोगों के लिए रास्ते तक नहीं बनवाए जाते। सिवनी नगर पालिका के अध्यक्ष भी बड़े दावे करने के बावजूद वार्डों के कामों में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कदम नहीं उठाए। उधर, सदस्यों के पास शिकायतें होती हैं तो वे भी समाधान नहीं करते।
राष्ट्रचंडिका/सिवनी नगर पालिका द्वारा जो काम ठेके पर दिए जाते हैं उनमें पार्षदों की क्या भूमिका रहती है यह जांच का विषय है। जनता में इस बात की चर्चा रहती है कि कई वार्डों में पार्षदों द्वारा ही विकास कार्यों के बेनामी ठेके लिए जाते हैं। ठेका किसी अन्य के नाम से लिया जाता है और असल में सारा काम खुद पार्षद करवाते हैं। इसी कारण वार्डों में होने वाले सडक़, पगडंडी, रेलिंग, डंगे के सभी काम निम्न स्तर के हो रहे हैं। जिन पार्षदों को काम का स्तर देखना चाहिए वे कथित रूप से खुद ही ठेके ले काम कर रहे हैं यह भी जांच का विषय है।ऐसा स्टाफ पार्षदों के दबाव में रहता है। पार्षद अपनी मर्जी से वार्ड के विकास कार्यों की योजना बनवाते हैं और खुद काम करवाते देखे जाते हैं।
मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पिछले सालों में नगर के वार्डों में हुए विकास कार्यों की जांच करवाई जाए कि इन कार्यों की योजना किस नीति-नियम से बनाई गई और किन ठेकेदारों द्वारा काम करवाया गया और उसमें पार्षदों की क्या भूमिका रही। जगह पार्षद अपने दोस्तों व संबंधियों को खुश करने के लिए ही काम करवाते हैं, आम जनता के हितों का ध्यान नहीं रखा जाता और न ही विकास कार्यों की प्लानिंग में स्थानीय जनता की भागीदारी रहती है। व्यक्ति विशेष के लाभ के लिए बड़े डंगे लगवाए जाते रहे हैं और आम लोगों के लिए रास्ते तक नहीं बनवाए जाते। सिवनी नगर पालिका के अध्यक्ष भी बड़े दावे करने के बावजूद वार्डों के कामों में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कदम नहीं उठाए। उधर, सदस्यों के पास शिकायतें होती हैं तो वे भी समाधान नहीं करते।
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