जनता की अदालत में देंगे जवाब? या नाच गाना होगी औपचारिकता
पहले जवाब दे फिर दिखाये नाच गाना
राष्ट्रचंडिका/ सिवनी। देश जब आजाद नहीं हुआ था तब राजाओ का शासन था और हर व्यक्ति को शिक्षा सुलभता से नहीं मिल पाती थी तब राजा का कोई विरोध ना करे इसलिए राजा महाराजा अपने क्षेत्र की जनता के मनोरंजन के लिये नृतकी बुलवाकर उनका मनोरंजन किया करते थे लेकिन आजादी के बाद नृत्य को भले ही कला का नाम मिला हो मगर सभ्य समाज नृत्य को अच्छा नहीं मानता, हाल ही में सिवनी के विधायक लखनादौन की तरह सिवनी में भी लोगों को सुरा सुंदरी और नाच गाने के माध्यम से राजा महाराजाओ की तरह मनोरंजन करना चाहते हैं।
हम यहां उनसे एक प्रश्र पूछना चाहते हैं कि अगर दिनेश राय जनता की अदालत में प्रश्र की का जवाब देना चाहते हैं तो वे सर्वप्रथम अपने मनोरंजन के कार्यक्रम के पूर्व जनता के सवालों का जवाब के दे इसके बाद अपने उस आयोजन को करायें क्योंकि तीन वर्षो से जनता इंतेजार मे हैं कि दिनेश राय ने जो जनता से वायदे किये थे उन्हें पूरा क्यों नहीं किया। सिवनी में युवाओं को रोजगार के लिये क्यों उद्योग नहीं प्रारंभ किये गये, किसानों की समस्याआं के लिए किये गये आंदोलन से उन्होंने दूरी क्यों बनायी? सिवनी में विश्वविद्यालय खोले जाने एवं मेडिकल कॉलेज खोले जाने को लेकर उन्होंने क्या प्रयास किये। क्या विधानसभा के पटल पर प्रश्र रखने से उनका कर्तव्य पूरा हो जाता है। विधायक दिनेश राय पर यह भी आरोप लगता है कि वे कभी कांग्रेस के पाले में तो कभी भाजपा के पाले में जाने की अफवाह उड़ाते रहे हैं और हकीकत क्या है वह भी स्पष्ट करें जिस जनता ने राष्ट्रीय पार्टी को दरकिनार कर उन्हें पूर्ण बहुमत से जिताया था उन भोले भाले लोगों की समस्याओं का समाधान के मामले में आपके प्रयास क्या रहे? फोरलेन के मामले में आपके वायदे प्रयास क्या रहे हैं, शायद इसका जवाब आपके पास ना हो इसी तरह नगर पालिका भ्रष्टाचार के मामले में आपका मौन रहना आपकी छवि को धूमिल कर रहा है। अस्पताल में यूनियनबाजी के चलते शासन की योजनाओं से लोग वंचित हो रहे हैं। क्या जनता की अदालत में दिनेश राय दे पायेंगे जवाब? या फिर नाच गाना कराकर इस कार्यक्रम की औपचारिकता
पहले जवाब दे फिर दिखाये नाच गाना
राष्ट्रचंडिका/ सिवनी। देश जब आजाद नहीं हुआ था तब राजाओ का शासन था और हर व्यक्ति को शिक्षा सुलभता से नहीं मिल पाती थी तब राजा का कोई विरोध ना करे इसलिए राजा महाराजा अपने क्षेत्र की जनता के मनोरंजन के लिये नृतकी बुलवाकर उनका मनोरंजन किया करते थे लेकिन आजादी के बाद नृत्य को भले ही कला का नाम मिला हो मगर सभ्य समाज नृत्य को अच्छा नहीं मानता, हाल ही में सिवनी के विधायक लखनादौन की तरह सिवनी में भी लोगों को सुरा सुंदरी और नाच गाने के माध्यम से राजा महाराजाओ की तरह मनोरंजन करना चाहते हैं।हम यहां उनसे एक प्रश्र पूछना चाहते हैं कि अगर दिनेश राय जनता की अदालत में प्रश्र की का जवाब देना चाहते हैं तो वे सर्वप्रथम अपने मनोरंजन के कार्यक्रम के पूर्व जनता के सवालों का जवाब के दे इसके बाद अपने उस आयोजन को करायें क्योंकि तीन वर्षो से जनता इंतेजार मे हैं कि दिनेश राय ने जो जनता से वायदे किये थे उन्हें पूरा क्यों नहीं किया। सिवनी में युवाओं को रोजगार के लिये क्यों उद्योग नहीं प्रारंभ किये गये, किसानों की समस्याआं के लिए किये गये आंदोलन से उन्होंने दूरी क्यों बनायी? सिवनी में विश्वविद्यालय खोले जाने एवं मेडिकल कॉलेज खोले जाने को लेकर उन्होंने क्या प्रयास किये। क्या विधानसभा के पटल पर प्रश्र रखने से उनका कर्तव्य पूरा हो जाता है। विधायक दिनेश राय पर यह भी आरोप लगता है कि वे कभी कांग्रेस के पाले में तो कभी भाजपा के पाले में जाने की अफवाह उड़ाते रहे हैं और हकीकत क्या है वह भी स्पष्ट करें जिस जनता ने राष्ट्रीय पार्टी को दरकिनार कर उन्हें पूर्ण बहुमत से जिताया था उन भोले भाले लोगों की समस्याओं का समाधान के मामले में आपके प्रयास क्या रहे? फोरलेन के मामले में आपके वायदे प्रयास क्या रहे हैं, शायद इसका जवाब आपके पास ना हो इसी तरह नगर पालिका भ्रष्टाचार के मामले में आपका मौन रहना आपकी छवि को धूमिल कर रहा है। अस्पताल में यूनियनबाजी के चलते शासन की योजनाओं से लोग वंचित हो रहे हैं। क्या जनता की अदालत में दिनेश राय दे पायेंगे जवाब? या फिर नाच गाना कराकर इस कार्यक्रम की औपचारिकता
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