Saturday, 10 December 2016

ढ़े पिता को आज भी पता नहीं कि उसके बंदी बेटे की मौत कैसे हुई थी?

बूढ़े पिता को आज भी  पता नहीं कि उसके बंदी बेटे की मौत कैसे हुई थी?
नरसिंहपुर जिला जेल में चार साल पहले हुई थी बंदी दिनेश की मौत 
अमर नौरिया
राष्ट्रचंडिका/ नरसिंहपुर- भोपाल जेल ब्रेक के बाद जिस तरह से प्रदेश की जेलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कवायद की जा रही हैं और जेल के अंदर बंद कैदियों का हाल चाल पूछा व परखा जा रहा है किंतु यह कवायद कितने दिनों तक अपने आप में जेल प्रबंधन रख पायेगा यह अपने आप में जेल के अंदर बंद केैदियों से अच्छा कोई नहीं जान सकता कुछ इसी तरह के एक मामले में वर्ष 2012 में नरसिंहपुर केंद्रीय जेल में बंद एक बंदी दिनेश की मौत के बाद आज तक उसकी मौत का कारण क्या था इस बात की जानकारी उसके बूढ़े हो चुके पिता व उसकी दो मासूम बेटियों के जेहन में आज भी एक सवाल बनकर कौंध रहा है । 
नरसिहपुर जिला जेल में दिनांक 16 अक्टूबर 2012 को सुबह 9 बजे के करीब अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में सजा काट रहे बंदी दिनेश पिता चन्नी लाल की मौत जेल के अंदर बिजली के खंबे पर चढक़र कूदने से होने की बात कही जा रही थ्ज्ञी किंतु जब उसके बूढ़े पिता को अपने बेटे की  मृत्यु का प्रमाण पत्र की आवश्यकता हुई तो उसे जारी किये जाने क ो लेकर जो  बात सामने आयी तो उसकी मौत को लेकर  उसकी मृत्यु का स्थान किस जगह था इस बात को लेकर अनेक आवेदन देने के बाद उसे उसके बेटे की मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी किया गया । 
जिला जेल में बंद बंदी दिनेश की मौत जेल के अंदर किस प्रकृति की हूुई है इस बात को लेकर जेल अधीक्षक नरसिंहपुर के पत्र क्रंमाक 607/बारंट/नरसिंहपुर दिनांक 11/02/2012 के अनुसार दिनेश आत्मज चन्नीलाल सत्र न्यायाधीश महोदय नरसिंहपुर के सत्र प्रकरण क्रं 188/11 अपराध धारा 302 भादवि निण्र्रय दिनांक 26/6/2012 आजीबन काराबास की सजा काट रहा था जो कि दिनांक 16/10/2012 को जेल के अं्रदर एक बिजली के खंये पर चढ गया था और खंबे से कूदने से गिरने के कारण उसकी मौत हुई थी  जिसकी न्यायिक जांच की जा रही थी किंतु बंदी दिनेश की मौत किस कारण और किस बजह से उसने बिजली के खंबे से कूदकर अपनी जान दे दी थी इसकी जानकारी आज दिनांक तक उसके बूढ़े पिता को नहीं लग पाई है । 
 गत दिनों जेलों की व्यवस्थाओं व बंदियों की पूछ परख को लेकर बंदी दिनेश के पिता चन्नीलाल से हमने फोन कर उसके मृतक बैटे दिनेश की मौत को लेकर की जा रही जांच को लेकर किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त होने के संबेंध मेें जानकारी चाही गई तो उन्होने ंबताया कि चार साल हो गये  उसके बेटे दिनेश की मौत जेल के अंदर किन परिस्थितियों के चलते हुई थी इसके बारे में उसे अभी तक किसी भी प्रकार की जानकारी नहींं मिल पाई है ऐसे में भोपाल जेल बेंक के बाद जिस तरह से जेलों की व्यवस्थाओं को लेकर जो जांच पड़ताल की जा रही है यह कितनी कारगर व जेल में बंद कैदियों के लिये कितनी सार्थक है यह बंदी दिनेश की मौत के चार साल बाद भी जेल की व्यवस्थाओं और जेल के अंदर एक कैदी की मौत से स्पष्ट तौर पर सामने आती है । 

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