Wednesday, 24 March 2021

चिकित्सक हैं अघोषित अवकाश पर, पा रहे पूरी पगार !

 0 सीएमएचओ का जोर नहीं बचा स्वास्थ्य विभाग पर!



राष्ट्र चंडिका सिवनी सिवनी जिले में जबसे स्वास्थ्य विभाग की कमान प्रभारी अधिकारियों के हाथों में है, उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग बुरी तरह लड़खड़ा कर चलता दिख रहा है। जिले में लगभग आधा दर्जन चिकित्सक स्नातकोत्तर की पढ़ाई में लगे हैं, जिसके चलते वे वेतन भी ले रहे हैं और अघोषित तौर पर अवकाश पर भी हैं! चिकित्सक काम भी नहीं कर रहे हैं और वेतन भी पूरा पूरा ले रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने राष्ट्र चंडिका को बताया कि सरकारी सेवा में आने के बाद जिले के कुछ चिकित्सकों के द्वारा स्नातकोत्तर (पीजी) की तैयारी की जा रही है। इसके लिए इन चिकित्सकों के द्वारा अवकाश नहीं लिया गया है। बिना अवकाश लिए ये चिकित्सक ब्हाय रोगी विभाग (ओपीडी) में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही ये पूरा पूरा वेतन भी पा रहे हैं। चिकित्सकों की कमी का रोना हमेशा रोने वाले स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भी यह सब दिखाई शायद नहीं दे पा रहा है।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि इनमें से एक चिकित्सक को तो कोविड 19 के वेक्सीनेशन में टीका लगने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए पाबंद किया गया है। विडम्बना ही कही जाएगी कि कोविड 19 के वेक्सीनेशन जैसे काम ड्यूटी लगने के बाद भी संबंधित चिकित्सक वहां मौजूद नहीं रहते। सूत्रों ने बताया कि प्रभारी सीएमएचओ के वरद हस्त के चलते चिकित्सक भी बेलगाम होते जा रहे हैं। पिछले दिनों अनेक मरीजों की तबियत बिगड़ने के बाद भी उन्हें मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिल पाया है।  सूत्रों के द्वारा बताई गई इस बात की तसदीक अगर जिलाधिकारी डॉ. राहुल हरीदास फटिंग चाहें तो जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र (जहां वेक्सीनेशन किया जा रहा है) में लगे सीसीटीवी कैमरों को देखकर कर सकते हैं, जिसमें उन चिकित्सक जिनकों वहां पाबंद किया गया है, की उपस्थिति साबित हो सकती है। सूत्रों ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि छपारा में पदस्थ दो चिकित्सक और सिवनी में पदस्थ एक चिकित्सक आने वाले समय में पीजी की परीक्षा देने वाले हैं। ये तीनों चिकित्सक अघोषित अवकाश पर ही बताए जा रहे हैं। सूत्रों ने राष्ट्र चंडिका से कहा कि अगर इन चिकित्सकों को परीक्षा की तैयारी करना है तो उन्हें अवकाश ले लेना चाहिए, पर वेतन का मोह वे छोड़ नहीं पा रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा के अधीन दो चिकित्सक हैं, जो संभवतः पीजी की तैयारी कर रहे हैं, उन चिकित्सकों की ड्यूटी इमरजेंसी सेवा में लगाई गई है।
डॉ. सुभाशीष बनर्जी,
बीएमओ, छपारा.

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