*50 से 60 पैसे का हुआ करता था जो आज पहुंचा सात रुपए के पास
*धान के भूसे में गिट्टी की ट्रस्ट मिलाकर बेच रहे राइस मिलर्स
राष्ट्र चंडिका सिवनी. ईटों के निर्माण कर्ताओं ने फिलहाल इस समय काफी परेशान नजर आ रहे हैं.बताया जाता है कि धोबीसर्रा के आसपास राइस मिलर्स धान का भूसा जो उछाल मारता नजर आ रहा है जो कि किसी समय 50 से 60 पैसे का हुआ करता था,वह आज सात रुपए तक पहुंच गया है इसमें भी बताया जाता है कि गिट्टी की ट्रस्ट मिलाकर भूसा बेचा जा रहा है जिससे ईट का निर्माण करने वाले लोगों में काफी परेशानी देखी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जब राइस मिलर में हड़ताल जारी थी जिसके चलते धान की भूसे का दाम बढ़ा दिया गया था किंतु अब सारी राइस मिल पुनः चालू हो गई है फिर भी राइस मिलर्स दिन बा दिन धान का भूसे का रेट बढ़ाते नजर आ रहे हैं जिसके चलते ईट का निर्माण करने वाले छोटी व्यवसाई काफी परेशान नजर आ रहे हैं। ईट भट्टा के संचालकों से "राष्ट्र चंडिका" ने विशेष चर्चा कर इस बारे में जानने का प्रयास किया। ईटों के निर्माण कर्ताओं ने बताया कि शासन के नियम के अनुसार एक जाति विशेष से कुंभकार प्रजापति कहा जाता है को रियल्टी में एक निश्चित सीमा तक की छूट तो है। पर एक निर्माण में लगने वाली अन्य सामग्री जैसे रेत और खासकर धान का भूसा महंगा हो गया है। समस्या ईटों के निर्माणकर्ताओं ने जनप्रतिनिधि से आग्रह है कि हमारी इस समस्या का शीघ्र अतिशीघ्र समाधान करें.

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