इटारसी सतना इटारसी शटल को पूर्वत: चलाये जाने की मांग को लेकर संपन्न हुआ धरना
राष्ट्रचंडिका/नरसिंहपुर। पश्चिम मध्य रेल्वे के अंतगर्त चलने वाली रेलगाडिय़ों का संचालन जिस अव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है उसका खामियाजा क्षैत्र के आमजन को भुगतना पड़ रहा है । रेलों के संचालन के बाद रेलों में जिस तरह से सुविधाओं के नाम पर यात्रियों की जेबों से नये नये नियम बनाकर पैसे निकाले जा रहें हैं इससे लगता है कि सरकार रेलसेवा दिये जाने की आड़ में आमजनता के गाढ़े खून पसीने की कमाई को किसी न किसी बहाने अपने कब्जे में लेना चाह रही है ।
पश्चिम मध्य रेल्वे के अंतगर्त इटारसी सतना इटारसी शटल गाड़ी संख्या 51673/51674 जो कि इटारसी सतना रेलखंड के छोटे छोटे स्टेशनों तक की यात्रा करने वाले साधारण आमजन के लिये पिछले कई सालों से सुविधाजनक और किफायती थी उस का संचालन रेलमंडल ने पिछले कई माह से बंद कर दिया है जिसके चलते इस गाड़ी से रोजमर्रा के कामकाज सहित छोटे छोटे कामधंधे करने वाले दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों व तीज त्यौहारों सहित शादी विवाह के सीजन में परिवार सहित आने जाने वाले लोगों को अन्य गाडिय़ों से यात्रा करना जहां एक ओर महंगा व भारी असुविधाजनक हो रहा है ।
इटारसी सतना इटारसी शटल गाड़ी लोगों के जीवन का एक हिस्सा बन गई थी और इस तरह से उसका संचालन बंद किया जाना रेल्वे विभाग का जनविरोधी निर्णय है । रेल्वे द्वारा शटल गाड़ी का संचालन बंद किये जाने को लेकर नरसिंहपुर जिले के अनेक गांवों व कस्बों के लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर अनेक सामाजिक संगठनों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं व जागरूक नागरिकों द्वारा इस संबंध में एक दिवसीय सांकेतिक धरना जिला मुख्यालय नरसिंहपुर के जनपद मैदान में दिया गया ।
इस धरने में उपस्थित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेल विभाग के शटल बंद किये जाने के निर्णय को लेकर शीघ्र ही इसे पूर्वत: चलाये जाने के मांग की । धरने में अपने उदबोधन के दौरान पंतजलि योग समिति की तहसील प्रभारी इुंदुसिंह ने कहा कि 1977 में स्वर्गीय हरिविष्णु कामथ जी के प्रयासों से प्रारंभ हुई शटल के बंद किये जाने की पूर्ति कोई अन्य गाड़ी के माध्यम से नहीं हो सकती और इसके पुन: चलाये जाने की मांग को लेकर धरना रूपी इस जनयज्ञ में सभी लोगों को अपनी अपनी ओर से मांग रूपी आहुति देनी होगी । शटल को बंद करके गरीबों की लाइफलाइन को काट दिया गया है । मां भारती मानव सेवा समिति के पदाधिकारी सुनील चौकसे ने बताया कि जनता को उम्मीद नहीं थी कि शटल की सुविधा छीन ली जायेगी और इसे विद्युतीकरण के कार्य होने के नाम पर बंद कर दिया जायेगा रेल विभाग इस तरह से अनुचित निर्णय लेकर जनता के साथ छलावा कर रहा है । जागरूक नागरिक मंच के मंजीत छाबड़ा ने कहा कि शटल बंद करना रेल्वे को निजीकरण की दिशा में लिये जा रहें निर्णयों की तरह एक कदम है जिस तरह से रेलवे के स्टैेशनों को निजी हाथों मे ंसौंपा जा रहा है उसी तरह से ट्रेनों को भी सौंपा जायेगा । क्रांतिकारी क ोटवार संघ के सरंक्षक लीलाधर मेहरा ने सरकार के इस तरह से लिये जा रहें निर्णय को लेकर लोगों को गुलामी की ओर ले जाने की दिशा में एक कदम बताया ओर जहां चुनाव पूर्व किये बादों की बात बताई उसके विपरीत सरकार द्वारा लिये जा रहें जनविरोधी निर्णयों से आमजनता को जिस तरह से परेशान किया जा रहा है यह बर्दाश्त करने वाली बात नहीं है । एडवोकेट सुलभ जैन ने शटल बंद किये जाने के विरोध में दिये जा रहे सांकेतिक धरने को अंधेरे में दिये जलाने के समान बताया और कहा कि आने वाले समय में शटल को बंद किये जाने के इस अंधेरे पूर्ण लिये गये निर्णय को जनता का एक एक व्यक्ति अपने एक एक दीपक के प्रकाश से उजाला फैलाकर पुन: शटल को प्रारंभ किये जाने का कार्य करेगा । समाजसेवी शशिकांत मिश्र ने शटल को बंद किया जाना आमजनता के हितों की अनदेखी बताया और इस पूरे मामले में जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर भी आने वाले समय में इस बात को लेकर उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराये जाने की बात कही ।
समाजसेवी बाबू लाल पटैल ने अपने उदबोधन में शटल को बंद किये जाने के खिलाफ आगामी समय में नरसिंहपुर जिलें में शटल संदेश यात्रा निकालने के प्रस्ताव को लेकर बताया कि इसके माध्यम से गांव गांव जाकर लोगों को उनकी लाइफलाइन कही जाने वाली शटल गाड़ी को बंद किये जाने के सरकार के इस निर्णय के खिलाफ लगातार जनजागरण अभियान चलाया जायेगा और फिर एक वृहद आंदोलन किया जायेगा । धरने में मनु विश्वकर्मा समाज संगठन के उपाध्यक्ष मोहन लाल विश्वकर्मा, सहित प्रमुख रूप से उमाशंकर पटैल,राकेश चरण दुबे, निहाल सिंह पटैल,अनिल श्रीवास्तव,शैलेन्द्र विल्थरे करेली से,चंद्रप्रकाश अग्रवाल चंदपुरा ,मनोज लोधी,मनीष लोधी सुजवारा, स्कन्द शर्मा समनापुर, किशोरी लोधी हर्रई, सोबरन सिंह लोधी, सुंदरलाल यादव छीताघाट, गोविंद सिंह पटैल, गोगावली, गिरिराज यादव मड़ेसुर,श्रीमती मंजु ठाकुर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।
राष्ट्रचंडिका/नरसिंहपुर। पश्चिम मध्य रेल्वे के अंतगर्त चलने वाली रेलगाडिय़ों का संचालन जिस अव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है उसका खामियाजा क्षैत्र के आमजन को भुगतना पड़ रहा है । रेलों के संचालन के बाद रेलों में जिस तरह से सुविधाओं के नाम पर यात्रियों की जेबों से नये नये नियम बनाकर पैसे निकाले जा रहें हैं इससे लगता है कि सरकार रेलसेवा दिये जाने की आड़ में आमजनता के गाढ़े खून पसीने की कमाई को किसी न किसी बहाने अपने कब्जे में लेना चाह रही है ।
पश्चिम मध्य रेल्वे के अंतगर्त इटारसी सतना इटारसी शटल गाड़ी संख्या 51673/51674 जो कि इटारसी सतना रेलखंड के छोटे छोटे स्टेशनों तक की यात्रा करने वाले साधारण आमजन के लिये पिछले कई सालों से सुविधाजनक और किफायती थी उस का संचालन रेलमंडल ने पिछले कई माह से बंद कर दिया है जिसके चलते इस गाड़ी से रोजमर्रा के कामकाज सहित छोटे छोटे कामधंधे करने वाले दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों व तीज त्यौहारों सहित शादी विवाह के सीजन में परिवार सहित आने जाने वाले लोगों को अन्य गाडिय़ों से यात्रा करना जहां एक ओर महंगा व भारी असुविधाजनक हो रहा है ।
इटारसी सतना इटारसी शटल गाड़ी लोगों के जीवन का एक हिस्सा बन गई थी और इस तरह से उसका संचालन बंद किया जाना रेल्वे विभाग का जनविरोधी निर्णय है । रेल्वे द्वारा शटल गाड़ी का संचालन बंद किये जाने को लेकर नरसिंहपुर जिले के अनेक गांवों व कस्बों के लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर अनेक सामाजिक संगठनों सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं व जागरूक नागरिकों द्वारा इस संबंध में एक दिवसीय सांकेतिक धरना जिला मुख्यालय नरसिंहपुर के जनपद मैदान में दिया गया ।
इस धरने में उपस्थित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रेल विभाग के शटल बंद किये जाने के निर्णय को लेकर शीघ्र ही इसे पूर्वत: चलाये जाने के मांग की । धरने में अपने उदबोधन के दौरान पंतजलि योग समिति की तहसील प्रभारी इुंदुसिंह ने कहा कि 1977 में स्वर्गीय हरिविष्णु कामथ जी के प्रयासों से प्रारंभ हुई शटल के बंद किये जाने की पूर्ति कोई अन्य गाड़ी के माध्यम से नहीं हो सकती और इसके पुन: चलाये जाने की मांग को लेकर धरना रूपी इस जनयज्ञ में सभी लोगों को अपनी अपनी ओर से मांग रूपी आहुति देनी होगी । शटल को बंद करके गरीबों की लाइफलाइन को काट दिया गया है । मां भारती मानव सेवा समिति के पदाधिकारी सुनील चौकसे ने बताया कि जनता को उम्मीद नहीं थी कि शटल की सुविधा छीन ली जायेगी और इसे विद्युतीकरण के कार्य होने के नाम पर बंद कर दिया जायेगा रेल विभाग इस तरह से अनुचित निर्णय लेकर जनता के साथ छलावा कर रहा है । जागरूक नागरिक मंच के मंजीत छाबड़ा ने कहा कि शटल बंद करना रेल्वे को निजीकरण की दिशा में लिये जा रहें निर्णयों की तरह एक कदम है जिस तरह से रेलवे के स्टैेशनों को निजी हाथों मे ंसौंपा जा रहा है उसी तरह से ट्रेनों को भी सौंपा जायेगा । क्रांतिकारी क ोटवार संघ के सरंक्षक लीलाधर मेहरा ने सरकार के इस तरह से लिये जा रहें निर्णय को लेकर लोगों को गुलामी की ओर ले जाने की दिशा में एक कदम बताया ओर जहां चुनाव पूर्व किये बादों की बात बताई उसके विपरीत सरकार द्वारा लिये जा रहें जनविरोधी निर्णयों से आमजनता को जिस तरह से परेशान किया जा रहा है यह बर्दाश्त करने वाली बात नहीं है । एडवोकेट सुलभ जैन ने शटल बंद किये जाने के विरोध में दिये जा रहे सांकेतिक धरने को अंधेरे में दिये जलाने के समान बताया और कहा कि आने वाले समय में शटल को बंद किये जाने के इस अंधेरे पूर्ण लिये गये निर्णय को जनता का एक एक व्यक्ति अपने एक एक दीपक के प्रकाश से उजाला फैलाकर पुन: शटल को प्रारंभ किये जाने का कार्य करेगा । समाजसेवी शशिकांत मिश्र ने शटल को बंद किया जाना आमजनता के हितों की अनदेखी बताया और इस पूरे मामले में जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर भी आने वाले समय में इस बात को लेकर उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराये जाने की बात कही ।
समाजसेवी बाबू लाल पटैल ने अपने उदबोधन में शटल को बंद किये जाने के खिलाफ आगामी समय में नरसिंहपुर जिलें में शटल संदेश यात्रा निकालने के प्रस्ताव को लेकर बताया कि इसके माध्यम से गांव गांव जाकर लोगों को उनकी लाइफलाइन कही जाने वाली शटल गाड़ी को बंद किये जाने के सरकार के इस निर्णय के खिलाफ लगातार जनजागरण अभियान चलाया जायेगा और फिर एक वृहद आंदोलन किया जायेगा । धरने में मनु विश्वकर्मा समाज संगठन के उपाध्यक्ष मोहन लाल विश्वकर्मा, सहित प्रमुख रूप से उमाशंकर पटैल,राकेश चरण दुबे, निहाल सिंह पटैल,अनिल श्रीवास्तव,शैलेन्द्र विल्थरे करेली से,चंद्रप्रकाश अग्रवाल चंदपुरा ,मनोज लोधी,मनीष लोधी सुजवारा, स्कन्द शर्मा समनापुर, किशोरी लोधी हर्रई, सोबरन सिंह लोधी, सुंदरलाल यादव छीताघाट, गोविंद सिंह पटैल, गोगावली, गिरिराज यादव मड़ेसुर,श्रीमती मंजु ठाकुर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।

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