Sunday, 2 August 2015

कोचिंग सेंटर बने ईश्कबाजी का अड्डा

कोचिंग सेंटर बने ईश्कबाजी का अड्डा
राष्ट्रचंडिका/ शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही मजनुओं का मौसम भी शुरू हो जाता है। इन दिनों मजनुओं को छात्राओं का पीछा व छेडख़ानी करते आसानी से देखा जा सकता है। इतना ही नहीं व्हीआईपी इलाकों में चलने वाले कोचिंग सेंटर भी मजनुओं के लिए जन्नत से कम नही हैं।
हम बात कर रहे हैं नगर में बढ़ रही छेडख़ानी की घटनाओं पर। हम आपकों यहां बता दें कि नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है। कुछ असामाजिक तत्व (मजनू) छात्राओं के स्कूल जाने वाले मार्ग पर बढिय़ा टीप-टॉप होकर खड़े हो जाते हैं और उनके ऊपर तंज कसने से भी बाज नहीं आते। कई बार तो यह देखा जाता है कि यह टपोरी किस्म के लड़के लड़कियों को राह चलते प्रपोच भी कर देते हैं और जब लड़की द्वारा इसका विरोध किया जाता है तो वह दूसरे दिन रास्ता ही बदल देते हैं।
ट्यूशन सेंटर भी बनने लगे ईश्कबाजी का अड्डा
प्रेमी छात्रों के लिए ट्यूशन ही मिलने के लिए सर्वोत्तम स्थान है, इस बहाने ट्यूशन चलाने वाले मास्टरों की दाल भी गल जाती है और प्रेमी युगलों का मिलन भी हो जाता है। नगर के बाबूजी नगर, एसपी बंगले के पास, बबरिया रोड, भैरोगंज, शुक्रवारी, मिलन चौक, जबलपुर रोड में भी ऐसे कई ट्यूशन संचालक है जो सिर्फ छात्रों से मोटी रकम  लेना ही जानते हैं। शिक्षकों को इस बात की खबर नहीं होती कि प्रेमी युगल उनके कोचिंग सेंटर को अपना मिलाप का अड्डा बन चुके हैं और यदि मालूम भी हो जाये तो उन्हें उससे क्या मतलब, उन्हें तो मतलब है सिर्फ ट्यूशन के नाम पर मोटी फीस लेने से।
मुंह में कपड़ा बांधकर होता है मिलाप
जागरूक नागरिकों ने हमें बताया कि छात्र-छात्राएं फलां-फलां गली में खड़े रहते हैं, जो ट्यूशन न जाकर सूनसान गलियों में घंटों प्रेमवार्ता करते रहते हैं। इन छात्रों के परिजनों को इस बात की खबर शायद ही हो कि उनके जिगर के टुकड़े पढ़ाई छोड़ ईश्कबाजी में मशगूल हैं...। अक्सर सुनसान गलियों में (एसपी बंगले के पीछे) प्रेमी युगलों की जोड़ी मुंह में कपड़ा बांधे घंटो बात करते रहते हैं ताकि उन्हें कोई पहचान न सके।
धनपिशाच ट्यूशन सेंटर खामोश
दिनों-दिन बढ़ रही छेडख़ानी व बलात्कार की घटनाएं वाकई चिंतनीय है लेकिन इसका समाधान भी है। नगर के धनपिशाच शिक्षक (ट्यूशन संचालक) यदि अपने छात्रों की सही निगरानी करें तो ऐसी घटनाएं कम ही होगी। ऐसे शिक्षकों को केवल मोटी फीस से ही मतलब होता है। 

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