Saturday, 10 November 2012

त्यौहार के चलते हो रही मिलावट खोरी

त्यौहार के चलते हो रही मिलावट खोरी

राष्ट्रचंडिका/सिवनी। (अखिलेश दुबे)दीपोत्सव पर्व के चलते जहां चारों ओर बाजार में रौनक छाई हुई है वहीं खोवा व मिष्ठान व्यापारी अपनी-अपनी चांदी काटने मंे लगे हुए हैं। त्यौहारों के चलते एक ओर जहां मिठाई के भाव आसमान छू रहे हैं वहीं दूसरी ओर मिलावट भी जोरों पर है, वहीं दूसरी ओर जिले का स्वास्थ एवं खाद्य विभाग गहरी नींद मंे सो रहा है। विगत वर्षो मंे शहरी क्षेत्र की कुछ दुकानों मंे जहां इन विभागो नें दबिश दी भी थी वहीं इस वर्ष पता नहीं क्यों ये जानबूझकर अनजान बनें बैठे हैं देश के कोने-कोने से जहां मिलावटी मावा की खबरें आ रही हैं चाहे वे जबलपुर हो या नागपुर, कानपुर  हो या चंडीगढ पर सिवनी में अब तक कोई कार्यवाही न होना दाल में काले की ओर इंगित करता है। नागपुर के विधायक अनिल देशमुख तो स्वयं ही मिठाई की दुकानों में असली और नकली के सेंपल लेने निकल पडे थे जबकि हमारे क्षेत्र से एक भी जनप्रतिनिधि इस ओर जागरूक नहीं हैं। मिठाई ही नहीं बल्कि आसमान के दाम छूती सब्जियां भी वर्तमान में बासी और दूषित होने के बाद भी बाजार मंे बिक रही है। जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है जो प्रतिदिन सुबह शाम आम आदमी अपनी थाली मंे चाहता ही है। इतना ही नहीं दूध और पानी के पैकेट  ठंडा रखने के नाम पर 3 -3 रू. अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं।     वहीं नापतौल में भी इन दिनों भारी गोलमाल किया जाता है क्योंकि ग्राहकों की लंबी-लंबी कतारें लगी होती हैं, शासन का नियम है कि प्रत्येक दुकान का पंजीकृत होना आवश्यक है साथ ही उस दुकान मंे लगे तौल कांटे का प्रतिवर्ष नापतौल विभाग से निरीक्षण करवाकर अनापत्ति लेना आवश्यक है। पर यह सब इन विभागांे के कर्मचारियों के द्वारा किया जाना संभव नहीं जान पडता क्योंकि कई बडी बडी दुकानें और उनके तौल कांटे तो इन अधिकारियों के लिये हमेशा खुले रहते हैं। प्रशासन से सिवनी के वे नागरिक जो इस लूट खसोट से त्रस्त्र हैं उन्होनें अपील की है कि सिवनी ही नहीं वरन केवलारी, बरघाट, छपारा, लखनादौन और धूमा के साथ-साथ भारी मात्रा में खोवा उत्पादन क्षेत्र भोमा की प्रत्येक दुकान का सेंपल एकत्रित कर जांच कराई जावे। ताकि आम जनता के स्वास्थ पर स्वयं के पैसों से खरीदे जा रहे इस मीठे जहर से बचाव हो सकें।

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