Friday, 11 November 2022

शनिवार को शाम 04 बजे सिवनी आ सकते हैं सूबे के निजाम! सपरिवार आएंगे मुख्यमंत्री

 

सोमवार को सुबह रवाना हो सकते हैं भोपाल के लिए!

(अखिलेश दुबे) सिवनी । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार 12 नवंबर को शाम 04 बजे सिवनी पहुंच सकते हैं। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वे सुखतरा हवाई पट्टी पर उतरेंगे या नागपुर के रास्ते सिवनी पहुंचेंगे।
उक्ताशय की बात मुख्यमंत्री निवास के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने परिवार के साथ पेंच नेशनल पार्क के कर्माझिरी वाले हिस्से में पहुंचेंगे। वे परिवार के साथ 12 से 14 नवंबर तक पेंच नेशनल पार्क के कर्माझिरी क्षेत्र में रूकेंगे।
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल जो कार्यक्रम तय हुआ है उसके अनुसार शनिवार 12 नवंबर को शिवराज सिंह चौहान सिवनी पहुंचेगे। सूत्रों ने जिस बात की संभावना व्यक्त की है कि उसके अनुसार वे सुखतरा हवाई पट्टी पर विशेष विमान से उतरेंगे और उसके बाद वे सड़क मार्ग से कर्माझिरी गेट से पेंच नेशनल पार्क के मोगली गेस्ट हाऊस पहुंचेंगे।
सूत्रों ने बताया कि मोगली गेस्ट हाऊस पहुंचने के बाद उनका कार्यक्रम रिजर्व रखा गया है, अर्थात उसके बाद वे किसी से भेंट नहीं करेंगे। रविवार 13 नवंबर को दिन भर की व्यस्तताओं के बारे में भी सूत्रों ने कहा कि यह कार्यक्रम भी रिजर्व ही माना जा सकता है। इसके बाद सोमवार 14 नवंबर को शिवराज सिंह चौहान सुबह अपने परिवार के साथ सुखतरा हवाई पट्टी से भोपाल के लिए विशेष विमान से रवाना हो जाएंगे।

अधिकारी ले रहे तैयारियों का जायजा
पेंच नेशनल पार्क के सूत्रों के हवाले से बताया कि सिवनी जिले में पेंच नेशनल पार्क के कमाझिरी गेट के आसपास दो तीन दिनों से हलचल तेज ही नजर आ रही है। कर्माझिरी के आसपास साफ सफाई, रंग रोगन आदि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारी स्वयं ही तैयारियों का जायजा लेते देखे जा सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा बिजली विभाग का अमला भी कर्माझिरी क्षेत्र में बिजली के तारों, ट्रांसफार्मर आदि की जांच पड़ताल में जुटा हुआ दिख रहा है ताकि सूबे के निजाम अगर वहां रात्रि विश्राम करते हैं तो लाईन ट्रिप न हो और उनके आराम में खलल न पड़े। पेंच नेशनल पार्क के अंदर बने वन विभाग के मोगली कॉटेजेज को भी चकाचक किया जा रहा है। मोगली कॉटेज के क्षेत्र में तीन कॉटेज एवं एक भोजनशाला है, इन्हें भी सुधारा जा रहा है।

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