Monday, 30 November 2020

नगरपालिका प्रशासन ध्यान दे ..!

 


राष्ट्र चंडिका(अमर नोरिया) नरसिंहपुर - गत वर्ष माह दिसम्बर 2019 में मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के तहत नरसिंहपुर निकाय क्षेत्र के अंतर्गत जारी निर्देशों के अनुसार नरसिंहपुर शहर से विज्ञापन सम्बंधित होर्डिंग्स, बैनर, फ्लैक्स आदि समस्त सामग्री हटाई गई थी । वर्तमान में शहर में मॉडल रोड के बिजली पोल सहित अन्य स्थानों पर पुनः फ्लैक्स एवं विज्ञापन बोर्ड लगा दिये गये हैं । नगरपालिका प्रशासन इस सम्बंध में क्या मध्यप्रदेश आउटडोर मीडिया नियम 2017 के तहत इन्हें अनुमति जारी कर विज्ञापन प्रदर्शन की अनुमति प्रदान कर रहा है या यह अवैध रूप से लगे हैं इसकी जांच कर कार्यवाही करे ।

Saturday, 28 November 2020

कोरोना का नया लक्षण! दांतों में हो रही ऐसी दिक्कत तो हो जाएं सतर्क

 


कोरोना वायरस का इंसान के दांतों  पर भी बुरा असर देखने को मिल रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 की चपेट में आए कुछ लोगों में कमजोर मसूड़ों और दांत झड़ने की समस्या देखी गई है. ऐसी घटनाओं के बाद वैज्ञानिक ये जानने में जुट गए हैं कि क्या वाकई कोरोना वायरस दातों की सॉकेट को कमजोर करता है.न्यूयॉर्क में रहने वाली 43 वर्षीय फराह खेमिली ने बताया कि उन्होंने जैसे ही एक विंटरग्रीन ब्रेथ मिंट अपने मुंह में दबाई, उन्हें नीचे के दांतों में अजीब सी झनझनाहट महसूस हुई. उन्होंने छूकर देखा तो पता लगा वो दांत हिल रहा था. शुरुआत में खैमिली को लगा कि ब्रेथ मिंट की वजह से ऐसा हुआ है, लेकिन वजह कुछ और ही थी.अगले दिन सुबह वही दांत टूटकर खैमिली के हाथ में आ गया. दांत टूटने पर न तो खून निकला और न ही दर्द हुआ. बता दें कि कुछ दिन पहले ही खैमिली कोविड-19 के चपेट में आई थीं और तभी से वह एक ऐसे ऑनलाइन सपोर्ट ग्रुप को फॉलो करने लगीं, जहां लोगों ने इस बीमारी के लक्षण और अनुभव साझा किए हैं.अभी तक इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं कि संक्रमण से दांतों के झड़ने या टूटने की समस्या होती है. लेकिन उस सपोर्ट ग्रुप पर उन्हें ऐसे कई लोग मिले जिन्होंने संक्रमण के बाद दांत टूटने और मसूड़ों में सेंसटिविटी का अनुभव साझा किया था. कुछ डेंटिस्ट पर्याप्त डेटा न होने के बावजूद ऐसा मानते हैं कि कोविड-19 दांत से जुड़े लक्षणों का कारण बन सकता है.यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह के पीरियडॉन्टिस डॉ. डेविड ओकानो कहते हैं, 'किसी व्यक्ति के दांत का अचानक से सॉकेट से बाहर आ जाना बेहद आश्चार्यजनक है. दांतों से जुड़ी ये समस्या और भी भयंकर हो सकती है. इस बीमारी से रिकवर होने के बाद भी लोगों में लंबे समय तक इसका असर रहता है.'

हालांकि कुछ डेंटिस्ट और एक्सपर्ट इस विषय पर शोध की जरूरत महसूस करते हैं. सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की साल 2012 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल या उससे ज्यादा उम्र के 47 प्रतिशत लोगों को पीरियडॉन्टल डिसीज, मसूड़ों में इंफेक्शन-इनफ्लेमेशन और दांतों के आस-पास हड्डियां कमजोर होने की समस्या हो सकती है.रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना की चपेट में आने से पहले भी खैमिली को दांतों में दिक्कत होती थी. दांत झड़ने के अगले दिन जब वह डेंटिस्ट के पास गईं तो उन्हें बताया गया कि उनके मसूड़ों में कोई इंफेक्शन नहीं हुआ है, बल्कि स्मोकिंग की वजह से दांतों के आस-पास की हड्डियां कमजोर हो गई हैं. इसके बाद उन्हें किसी बड़े स्पेशलिस्ट से मिलने की सलाह दी गई.हालांकि ये समस्या यहीं तक सीमित नहीं थी. खैमिली के पार्टनर ने सोशल मीडिया पर सर्वाइवर कॉर्प नाम के एक पेज को फॉलो किया. यहां उन्हें पता चला कि इस पेज की फाउंडर डायना बैरेंट के 12 साल के बेटे को भी हू-ब-हू ऐसी ही दिक्कतें हुई हैं. बच्चे में कोविड-19 के हल्के लक्षण दिखे थे, जिसके बाद उसका एक दांत टूट गया था. ऑर्थोडॉन्टिस्ट का कहना है कि बच्चा एकदम सेहतमंद था और उसके दांतों में पहले ऐसी कोई समस्या भी नहीं थी.

Saturday, 21 November 2020

सिवनी में रात 01:45 पर भूकंप का जोरदार झटका, तीव्रता 4.7 दर्ज

 



 राष्ट्र चंडिका सिवनी, मध्य प्रदेश : सिवनी में शनिवार रविवार मध्यरात्रि 01 :45 बजे भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया, भूकंप का झटका इतना जोरदार था कि नींद से जाग लोग घर से बाहर ठंड में ठिठुरते नज़र आये। रात में महसूस जबरदस्त भूकंप के झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 दर्ज हुई । समाचार लिखे जाने तक जानमाल को कोई नुकसान की खबर सामने नहीं आयी है ।जमीनी सतह से ऊपर प्रथम, द्वितीय, तृतीय मंजिल में रहने वाले लोगों को यह भूकंप का झटका और भी ज्यादा जोरदार तरीके से महसूस हुआ।सिवनी में भी पृथ्वी की गति में परिवर्तन के कारण ही भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि सिवनी 4.7 रिक्टर स्केल का भूकंप दर्ज किया गया. जो कि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादा खतरनाक नहीं होता है. वैज्ञानिकों ने भूकंप मापने के दो पैमाने बताए है, एक है भूकंप की तीव्रता यानी किस गति से भूकंप आया, और दूसरा है समय अंतराल अर्थात कितनी देर तक भूकंप आया. 
. वैज्ञानिकों के अनुसार अक्सर भूकंप 30 से 40 सेकंड का आता है. जो सामान्य और कम नुकसानदायक है
. अगर यही भूकंप दो मिनट से ज्यादा तक आ गया, तो ये क्षेत्र को भयंकर नुकसान पहुंचा सकता है. 
. 6.0 से कम तीव्रता के भूकंप देश में 100 से ज्यादा बार दर्ज किए जाते है, जो 150 किलोमीटर के क्षेत्र को हानी पहुंचा सकता है. 
. 6.0 से 6.9 की तीव्रता वाला भूकंप 160 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक होता है. 
. 7.0 से 7.9 की ताव्रता वाला भूकंप साल में औसतन 15 से 20 बार दर्ज किया जाता है. जो एक बड़े क्षेत्र को नुकसान पहुंचा सकता है. 
. 8.0 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप कई सौ किलोमीटर वाले क्षेत्र में भयंकर तबाही मचा सकता है. जो साल में मुश्किल से एक बार दर्ज किया जाता है. 
. 9.0 से 9.9 हजारों किलोमीटर वाले क्षेत्र को बर्बाद करने के लिए काफी है. जो 15 से 20 सालों में एक बार देखने को मिलता है. 
. दुनिया में आज तक 10 से ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आज तक दर्ज नहीं किया गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इस तीव्रता का भूकंप किसी छोटे देश को पूरी तरह तबाह कर सकता है. 
सिवनी में 4.7 तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया है, जिससे 10 किलोमीटर की गहराई तक महसूस किया गया है. हालांकि अभी तक किसी जान-माल की हानी के बारे में पता नहीं चल सका है.

Friday, 20 November 2020

2.5 लाख से ज्यादा अखबारों के टाइटल किए निरस्त वाली खबर का सच

  


मजे की बात तो यह है कि यह जो समाचार वायरल हो रहा है यह 26 मई 2017 में किसी ब्लॉग में या खबर डाली थी जो अब 2020 फिर से वायरल हो रही है.



राष्ट्र चंडिका नई दिल्ली। मोदी सरकार ने पिछले एक साल की जांच के बाद ढाई लाख से अधिक अखबारों के टाइटल निरस्त कर दिए हैं, साथ ही सैंकड़ों अखबारों को डीएवीपी की सूची से बाहर कर दिया है। सोशल मीडिया पर ये खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे मीडिया जगत में हड़कंप मच गया, जिसके बाद जल्द । भारत सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इस खबर की हकीकत बताई। पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया कि यह दावा फर्जी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।इस फेक न्यूज में यह दावा किया गया कि भारत सरकार ने 269556 समाचार पत्रों का टाइटल निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि 804 अखबारों को डीएवीपी ने विज्ञापन सूची से बाहर कर दिया है। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम को पुरानी सारी गड़बड़ी की जांच के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही इसमें अपात्र अखबारों और मैगजींस को सरकारी विज्ञापन देने की शिकायतों की जांच भी शामिल है। इसमें गड़बड़ी पाए जाने पर रिकवरी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी हैं।  

Wednesday, 18 November 2020

मां नर्मदा के सहारे कैसे होता था जीवन यापन और कैसे गुजारे मां नर्मदा के सहारे जीवन के कई साल ...!

राष्ट्र चंडिका (चिनकी घाट नरसिंहपुर से अमर नोरिया कि एक चर्चा) आज नर्मदा तट चिनकी घाट पर हुई अचानक एक दादा जी से मुलाकात के दौरान बातों का जो सिलसिला चला उसमें उम्र के 82 पड़ाव पार कर चुके ग्राम रमपुरा निवासी श्री मनराखन ने मां नर्मदा किनारे रहने वाले अपने दौर के लोगों के बारे में बड़ी विस्तार से चर्चा की , इस दौरान जब अनायास ही उनके द्वारा अनेक लोगों के जीवन यापन का सहारा बनी मां नर्मदा की धार के प्रति जो चिंता दर्शाई गई अचानक लगा हमारे इन बुजर्गों के मन मे आज जो पीड़ा है उसका दर्द सालों मां नर्मदा किनारे अपना जीवन व्यतीत करने वालों से अच्छा कोई अहसास नहीं कर सकता । काफी लंबे अंतराल के बाद जब बात पता ठिकाने की पूछ परख की आई तो फिर बातों ही बातों में समाज के हालातों पर भी बात पहुंची जिसमें युवा पीढ़ी का नशा के प्रति रुझान बढ़ना, गौ वंशों के प्रति लोगों का मोह  खत्म होना आदि आदि ..और अंत मे जो बात निकली वह यह कि हम लोगों के पास न उतनी जमीन जायदाद है और न ही लोगों के पास नोकरी चाकरी हम लोगों की तो जैसे तैसे कट रही है और कट जायेगी किन्तु अब समाज को अन्य लोगों को देखकर जागरूक होकर अपने बाल बच्चों को शिक्षित करना पड़ेगा,युवाओं को नशे आदि के दुष्प्रभाव अगर आज समझ नहीं आये तो आनेवाले समय में हम गरीबी के दल दल से किसी भी हाल में बाहर नहीं निकल पायेंगे ..!

Friday, 6 November 2020

अखिल भारतीय ब्राम्हण एकता परिषद के जिला संयोजक संजय मिश्रा नियुक्त



 राष्ट्र चंडिका सिवनी.अखिल भारतीय ब्राम्हण एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पंडित  के.एन. तिवारी (पूर्व डी.जी.पी. मध्यप्रदेश पुलिस) द्वारा एवं जिला अध्यक्ष कमलेश्वर दीक्षित(एडवोकेट)की अनुशंसा पर  संजय मिश्रा, आर्चीपुरम, सी. व्ही. रमन वार्ड को जिला संयोजक के पद पर नियुक्ति की गई है! स्वच्छ छवि और समाजसेवी भाव रखने वाले  संजय मिश्रा को सभी विप्र बंधुओं एवं इष्ट मित्रों ने बधाई दी है! श्री मिश्रा ने सभी बधाई कर्ताओं का आभार व्यक्त किया है! उन्होंने कहा कि इस पद की गरिमा को बनाये रखूंगा और निः स्वार्थ भाव से समाज के हित में इसका पालन करुगा! शीघ्र ही सिवनी जिला समिति के सभी प्रकोष्ठ की समिति का गठन किया जावेगा!


Thursday, 5 November 2020

बजरंगियों ने 66 यूनिट रक्तदान किया और 110 प्रशिक्षण किये गए

 


राष्ट्र चंडिका सिवनी. विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल सिवनी नगर मे हुत्तात्मा दिवस के उपलक्ष में जिसमें उपस्थित रहे जिला के पदाधिकारी एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष राजेंद्र बनवारी नगर संयोजक निकेश विश्वकर्मा बजरंग दल जिला गौ रक्षा प्रमुख दीपक यादव जिला मंत्री सूर्य जंगेला जिला सह संयोजक विक्की बघेल नगर सुरक्षा प्रमुख दीपांशु सनोडिया नगर गौरक्षा प्रमुख दिलीप डेहरिया जिला बल उपासना प्रमुख देवेंद्र सेन जिला संयोजक विशाल राय जिला गौरक्षा प्रमुख पंकज भगत खुरई ब्लॉक गौरक्षा प्रमुख शेर सिंह राठौर जिला सत्संग प्रमुख कांता प्रसाद सनोडिया प्रखंड संयोजक शुभम बघेल प्रखंड सह संयोजक राजू  मर्सकोले औराई प्रखंड मंत्री रंजीत पारदी हरि ओम बघेल शिवा सनोडिया देवेंद्र चौहान केवल राम चौहान रामेश्वर मसराम धर्मेंद्र रघुवंशी अजय साहू प्रदीप यादव सानू साहू महेंद्र चौधरी धर्मेंद्र रंगडाले उपस्थित रहे एवं और भी सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे