कहां से आ रहे विक्षिप्त?
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। अपराधियों की पनाहगार रह चुकी सिवनी में अब विक्षिप्तो की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। पहले कुछेक ही विक्षिप्त हुआ करते थे लेकिन कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि बस स्टैण्ड क्षेत्र में कुछ मानसिक विक्षिप्त चहलकदमी करते नजर आ रहे है। बस स्टैण्ड क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इनकी मानसिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे कई बार यात्रियों पर पत्थर तक बरसा चुके हैं, इतना ही नहीं वहां खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। जिला कलेक्टर से क्षेत्रीयजनों की मांग है कि विक्षिपतो की बढ़ती संख्या को गंभीरता से लेते हुए उन्हें अन्यत्र पहुंचवाने की कार्यवाही करें।
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। अपराधियों की पनाहगार रह चुकी सिवनी में अब विक्षिप्तो की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। पहले कुछेक ही विक्षिप्त हुआ करते थे लेकिन कुछ दिनों से देखने में आ रहा है कि बस स्टैण्ड क्षेत्र में कुछ मानसिक विक्षिप्त चहलकदमी करते नजर आ रहे है। बस स्टैण्ड क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इनकी मानसिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे कई बार यात्रियों पर पत्थर तक बरसा चुके हैं, इतना ही नहीं वहां खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। जिला कलेक्टर से क्षेत्रीयजनों की मांग है कि विक्षिपतो की बढ़ती संख्या को गंभीरता से लेते हुए उन्हें अन्यत्र पहुंचवाने की कार्यवाही करें।
No comments:
Post a Comment