राष्ट्र चंडिका सिवनी।कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार नाइट कर्फ्यू लगा दी है। लेकिन जिले में नाइट कर्फ्यू की धज्जियां उड़ा रही है। पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों की सुस्ती की वजह से नाइट कर्फ्यू सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है। कई इलाकों में रात को पुलिस की गश्ती नहीं होने से आने जाने वाले लोगों को कोई रोकने टोकने वाला नहीं है। हालांकि की ठंड की वजह से रात को कम लोग ही घर से निकल रहे हैं। लेकिन रात को आने जाने वाले लोग कहां और क्यों जा रहे हैं, यह कोई पूछने वाला नहीं है। जिस कारण नाइट कर्फ्यू की बात यहां बेमानी हो चुकी है। शुक्रवार की दरमियानी रात बारापत्थर क्षेत्र में रात के 12 बजे तक बेधड़क डीजे का शोर चलता रहा । मजे की बात तो यह है कि बारापत्थर क्षेत्र वीआईपी इलाका कहलाता है जहां पर सांसद, विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारी के निवास भी है। शायद सांसद विधायक और प्रशासनिक अधिकारी के कानों तक यह डीजे का शोर नहीं पहुंच रहा है जिसके चलते, नाइट कर्फ्यू का डीजे संचालक माखौल उड़ा रहे हैं।कोरोना से बचने के लिए लोगों को सजग होना पड़ेगा, प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी इस खतरे से हम बच सकते हैं। खुद को बचाकर समाज की रक्षा की जा सकती है।
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