Sunday, 30 January 2022

हमें ना भूलो हम जीना चाहते हैं गोवंश

लघु लेख(पं.शिवकुमार उपरिंग)।किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे एक सज्जन व्यक्ति काफी दिनों से परेशान कई डॉक्टरों के चक्कर काटने एवं कई प्रकार की दवाइयां के लेने के बाद एक और किसी के बताने पर कि वह बहुत ही जानकार डॉक्टर(वैद्य)है वहां पहुंचे वैद्य जी के पास काफी भीड़ लगी हुई थी कई लोग अपना इलाज करा रहे थे जैसे तैसे  वैद्य जी से मिलने का नंबर आ गया डॉक्टर ने पूछा बताओ क्या तकलीफ है सज्जन व्यक्ति ने अपनी शरीर में हो रही तकलीफ को बताया और साथ में यह भी बताया कि आप से पहले कई और डाक्टरों से भी इलाज करा चुका हूं पर पूर्णरूपेण आराम नहीं मिल रहा है वैद्य जी ने नब्ज चेकअप करके कुछ दवाइयां दी और कहां की इनमें से जो एक दवा है  वह आपको गाय के शुद्ध दूध के साथ लेना है आपको आराम चंद दिनों में ही मिल जाएगा वह सज्जन व्यक्ति दवाई लेकर अपने वापस घर लौट आए पहले उनके घर कई गाय हुआ करती थी पर आज अब एक भी गाय उनके घर नहीं है घर आकर सोचने लगे कि शुद्ध गाय का दूध कहां से लाएंगे जिसे  मिलाकर दवाई का सेवन करना है आस पड़ोस में भी गाय नहीं थी सज्जन व्यक्ति सोच में पड़ गए उनकी बिल्कुल पास में ही गांव था जिसमें उनके दूर के रिश्तेदार रहते थे उनके यहां दो गाय पल रही थी सोचा उनके हां चल कर बात करूं रिश्तेदार केहां पहुंचे उनको पूरी बात बताई  रिश्तेदार ने सहज ही  कहा कि बिल्कुल हम आपको गाय का दूध आपके घर अपने बेटे के हाथ भिजवा दिया करेंगे सज्जन व्यक्ति की खुशी का ठिकाना ना रहा एक महीने बाद जब उन सज्जन व्यक्ति ने अपने पुराने रोग की जांच कराई तो वह रोग पूरी तरह ठीक हो चुका था

अब मैं अपनी मूल बात पर आ जाता हूं वर्तमान समय में हम देख रहे हैं कि गोवंश की हालत ठीक नहीं है आवारा सड़कों पर फिरते हुए आपको जगह जगह गोवंश दिख जाएगा धीरे धीरे गोवंश में कमी आना मानव जाति के लिए अच्छा संकेत नहीं देता है मैं निष्पक्ष भाव से उन लोगों की प्रशंसा करना चाहता हूं जो लोग वास्तविकता में गौ सेवा में लगे हुए हैं पहले से अधिक गौशालाओं का निर्माण होना बहुत ही अच्छी और सुंदर बात है पर उनका संचालन भी ठीक से होना जरूरी है उदाहरण के लिए किसी जिले में 50 से ऊपर गौशाला संचालित हो रही हूं फिर भी सड़कों पर गोवंश देखना व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है एवं दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी भी इसका एक प्रमुख कारण है एक बहुत अच्छा  गौ सेवा का उदाहरण देखने को भी मिला है एक कस्बे में गौ सेवकों द्वारा गायों की सेवा निरंतर की जा रही है गोवंश को  तेज पड़ रही ठंड से बचाने के लिए कई उपाय किए गए हैं इसी तारतम्य में उन्हें खाने के लिए गुड़ से बना हरीला भी दिया गया है अपने मन की भावनाओं को थोड़ा सा गोवंश की सेवा मैं भी लगाया जाए तो सुखद और शानदार अनुभव के साथ अच्छे परिणाम भी सामने आएंगे।



Friday, 28 January 2022

कोरोना का आया एक और खतरनाक वैरिएंट नियोकोव, वुहान के वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

जब दुनिया में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस कम होते दिख रहे हैं तो एक और वैरिएंट ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोविड के नियोकोव वैरिएंट को घातक बताया जा रहा है। चीन के वुहान के वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है कि कोविड का नियोकोव वैरिएंट पिछले सभी वैरिएंट से अधिक घातक हो सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोविड से पहले संक्रमित हो चुके या कोविड का टीका लेने के बाद भी लोग नियोकोव और PDF-2180-CoV से लोग संक्रमित हो सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने और क्या बताया है?

वुहान में वैज्ञानिकों के एक रिसर्च पेपर के मुताबिक नियोकोव मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम या MERS-कोरोनावायरस से संबंधित है। पेपर को बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है और अभी तक इसकी समीक्षा नहीं की गई है। दक्षिण अफ्रीका में एक चमगादड़ में खोजा गया यह वायरस सिर्फ जानवरों के बीच फैलने के लिए जाना जाता था। हालांकि अब यह देखा गया है कि नियोकोव और PDF-2180-CoV एंट्री के लिए बैट ACE2 और ह्यूमन ACE2 सहित कुछ प्रकार के एंजियोटेंसिन-परिवर्तित एंजाइम का इस्तेमाल करते हैं।

क्या हैं इसके लक्षण?

हालांकि एक एकदम से नया वैरिएंट नहीं है। MERS-CoV वायरस बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के मामले में SARS-CoV-2 जैसा है। 2012 से 2015 के दौरान मिडिल ईस्ट के देशों में फैला था। इससे हुए संक्रमण के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी।

मृत्यु और ट्रांसमिशन दर दोनों उच्च

रिसर्च में नतीजों के आधार पर बताया गया है कि MERS-CoV Beta-CoV (मर्बेकोवायरस) के वंश C से संबंधित है, जो करीब 35 फीसद की उच्च मृत्यु दर को देखते हुए एक बड़ा खतरा बन गया है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि स्टडी से पता चला है कि MERS से संबंधित वायरस में ACE2 के इस्तेमाल के पहले मामले को प्रदर्शित करता है। इसकी मृत्यु दर और ट्रांसमिशन दर दोनों उच्च है। मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम में वायरस संक्रमित ड्रोमेडरी ऊंटों से इंसानों में ट्रांसफर किया गया था। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के मुताबिक वायरस की उत्पत्ति कैसे हुई, यह पूरी तरह से साफ नहीं है लेकिन वायरस के जीनोम विश्लेषण किए जाने के बाद यह माना जाता है कि इसकी उत्पति चमगादड़ों में हुई थी और बाद में समय में ऊंटों में फैल गई।

45 दिन बाद भी नहीं हुआ भुगतान, अब किसान ने वापस मांगी धान, कहा 1 दिन लेट होने पर वसूलते ब्याज

राष्ट्र चंडिका सिवनी । विकासखंड कुरई के पिपरवानी धान उपार्जन केंद्र में किसान दुर्गाप्रसाद डहरवाल ने 13 दिसम्बर 2021 को धान बेचा था। विक्रय धान का भुगतान अभी तक नहीं हुआ। पीड़ित किसान ने अब अपनी ही फसल सरकार को बेचने के 45 दिन बाद भी पेमेंट नहीं हुआ है अब मुझे सरकार से पेमेंट नहीं चाहिए मुझे अपनी धान वापस चाहिए मैं प्रशासन से ही मांग करता हूं कि मुझे जल्द से जल्द धान वापस दी जाए जिसे मैं उसे खुले बाजार में बेच कर अपनी जरूरत पूरी कर सकूं सरकारी पैसा 1 दिन भी लेट होता है तो हम किसानों से ब्याज लिया जाता है और मुझे 45 दिनों से अधिकारी कर्मचारियों द्वारा टालमटोल किया जा रहा है।

शिकायत के संबंध में कृषक दुर्गाप्रसाद डहरवाल ग्राम पीपरवानी कृषक कोड 218370590367 ने बताया कि 13 दिसम्बर 2021 को समिति के धान उपार्जन केन्द्र पीपरवानी में 148.80 क्विटल धान सादा विक्रय किया था जिसका रूपये 288672/- का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है।

24 जनवरी 2022 को आपसे चर्चा करने पर आप के द्वारा संयुक्त संचालक खाप नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचानालय भोपाल को पुनः स्मरण पत्र प्रेषित कर तकनीकी समस्या को ठीक कर कृषक का भुगतान करने के लिये कहा गया किन्तु आज दिनांक तक कृषक को जे आई पोर्टल पर इ०पी०ओ० नहीं जारी किया गया और ना ही आफ लाईन भुगतान किया गया जिससे कृषक द्वारा केन्द्र पर बेची गई धान को वापस करने के लिये समिति पर दबाव बनाया जा रहा है।

Monday, 24 January 2022

सेन समाज ने मनाया जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती

 


राष्ट्र चंडिका (अनुज सेन)उमरिया । भारतीय सेन समाज द्वारा सेन समाज के जननायक बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर जी का जयंती मनाया विदित हो कि उमरिया स्थित मोहनपुरी सिद्ध बाबा के पास भारतीय सेन समाज कार्यालय में सेन समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित होकर पूर्व मुख्यमंत्री कपूरिया ठाकुर जी को याद कर उनके द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा की एडवोकेट शिवरतन सेन ने बताया कि  जब पहली बार जननायक कर्पूरी ठाकुर बिहार के मुख्यमंत्री बने वह बिहार से कभी भी विधानसभा चुनाव नहीं हारे हैं वह सभी जातियों को साथ लेकर चलने वाले कि व्यक्तित्व के धनी थे उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता केश शिल्पी प्रदेश सचिव अनुज सेन ने बताया जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म 24/01/ 1924 को बिहार के एक छोटे से गांव पितोझिया जिसे आज कर्पूरी ग्राम से जाना जाता है में हुआ था, ये महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ तथा बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे इस कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय सेन समाज जिलाध्यक्ष लखन सेन ,युवा अध्यक्ष सेन अरूण कुमार सेन, संभागीय अध्यक्ष शिवरतन सेन, केश शिल्पी जिलाध्यक्ष मनोज सेन, प्रदेश सचिव अनुज सेन, मिडिया प्रभारी अमित सराठे, दीपू सेन, लक्की सेन , भूपत सेन, सुनील सराठे, राजेश सेन, अमित सेन, मनोज सेन, विष्णु सेन,शिवम सेन एवं समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।

Friday, 21 January 2022

कहने के लिए नाइट क‌र्फ्यू, रोक टोक करने वाला कोई नहीं

राष्ट्र चंडिका सिवनी।कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार नाइट क‌र्फ्यू लगा दी है। लेकिन जिले में नाइट क‌र्फ्यू की धज्जियां उड़ा रही है। पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों की सुस्ती की वजह से नाइट क‌र्फ्यू सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है। कई इलाकों में रात को पुलिस की गश्ती नहीं होने से आने जाने वाले लोगों को कोई रोकने टोकने वाला नहीं है।  हालांकि की ठंड की वजह से रात को कम लोग ही घर से निकल रहे हैं। लेकिन रात को आने जाने वाले लोग कहां और क्यों जा रहे हैं, यह कोई पूछने वाला नहीं है। जिस कारण नाइट क‌र्फ्यू की बात यहां बेमानी हो चुकी है। शुक्रवार की दरमियानी रात बारापत्थर क्षेत्र में रात के 12 बजे तक बेधड़क डीजे का शोर चलता रहा । मजे की बात तो यह है कि बारापत्थर क्षेत्र वीआईपी इलाका कहलाता है जहां पर सांसद, विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारी के निवास भी है। शायद सांसद विधायक और प्रशासनिक अधिकारी के कानों तक यह डीजे का शोर नहीं पहुंच रहा है जिसके चलते, नाइट कर्फ्यू का डीजे संचालक माखौल उड़ा रहे हैं।कोरोना से बचने के लिए लोगों को सजग होना पड़ेगा, प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। तभी इस खतरे से हम बच सकते हैं। खुद को बचाकर समाज की रक्षा की जा सकती है।

Tuesday, 11 January 2022

इंडिया क्रॉप्ट दे रहा संक्रमण को न्यौता


राष्ट्र चंडिका,सिवनी। ओमीक्रोन वायरस से बचाव को लेकर सरकार निरंतर प्रयास कर रही है, जिसके चलते लोगों को वैक्सीनेशन और सामाजिक दूरी के पालन की हिदायत के साथ मास्क लगाने की अपील कर रही है,सिवनी जिले के बारापत्थर क्षेत्र में इंडिया क्रॉप्ट मेला का आयोजन हो रहा हैं। जहां शाम होते ही भीड़ उमड़ पड़ती हैं। मेले में खरीदी करने आये लोग बिना मास्क के खरीदी करते आसानी से देखे जा सकते है। तो दुकानदार भी लापरवाही बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दुकानदार बिना मास्क लगाएं अपने व्यवसाय को अंजाम दे रहे हैं। लोगो की भीड़ सामाजिक दूरी धज्जियां उड़ा रही हैं। लेकिन लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इंडिया क्रॉप्ट में उमड़ रही भीड़ संक्रमण को न्यौता दे रहीं  हैं।