राष्ट्र चंडिका । मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव अभी नहीं होंगे। शिवराज कैबिनेट ने रविवार को पंचायत चुनाव निरस्त करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। यह प्रस्ताव राजभवन भेज दिया गया। अध्यादेश वापस लेने की अधिसूचना रात को जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार दोपहर बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया था। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव पर अगला फैसला सोमवार को ले सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार देर शाम दिल्ली पहुंचे। यहां सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह, सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार के वकील और विधि विशेषज्ञों के साथ ओबीसी आरक्षण संबंधी पहलुओं पर चर्चा हुई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण मामले में महाराष्ट्र के लिए दिए आदेश को मध्यप्रदेश में लागू कराने के निर्देश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को दिए थे। राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के अध्यादेश लागू होने के बाद परिसीमन और आरक्षण की नई व्यवस्था के आधार पर ही पंचायत चुनाव किए जा रहे हैं, लेकिन अब चल रही प्रक्रिया को रोकना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा के संकल्प और अध्यादेश वापस लेने की अधिसूचना जारी होने के बाद मौजूदा चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार पंचायत राज संशोधन अध्यादेश वापस ले रही है। इस पर विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत होना था, लेकिन नहीं हो सका। अब सरकार राज्यपाल से इस अध्यादेश को वापस करने का प्रस्ताव देंगे। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राज्यपाल के हस्ताक्षर हो जाने के बाद निर्वाचन आयोग के सामने कोई और विकल्प होगा नहीं। क्योंकि, इसी अध्यादेश के आधार पर चुनाव कराए जा रहे थे। कांग्रेस ने खड़ा किया बखेड़ा: पंचायत मंत्री पंचायती में ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि अध्यादेश को पारित किए बिना ओबीसी आरक्षण और परिसीमन नहीं किया जा सकता हैl अब आगे की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग को सुनिश्चित करना है। चुनाव कराने या न कराने का फैसला निर्वाचन आयोग को करना है। सरकार ने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी हैl सिसोदिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शुरू से ही पंचायत चुनाव में विवाद खड़ा करने का प्रयास किया है। कांग्रेस के लोगों ने कोई ऐसी अदालत नहीं छोड़ी जहां पंचायत चुनाव के विरोध में नहीं गए। मुख्यमंत्री शुरुआत से ही इस बात को लेकर प्रतिबद्ध थे कि बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव न हो। सदन में अपरिहार्य कारणों से संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया और सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश था। विधानसभा में पेश नहीं हुआ पंचायत राज संशोधन विधेयक विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने पंचायत राज संशोधन विधेयक पेश नहीं किया है। सरकार ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2021 लागू किया था। इसके तहत पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच सरकार ने ऐसी पंचायतों के परिसीमन को निरस्त कर दिया है, जहां बीते एक साल से चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसी सभी जिला, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था ही लागू कर दी गई थी। जो पद, जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वही रखा गया था। शिवराज ने 24 दिसंबर को बुलाई थी बैठक ओबीसी आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 24 दिसंबर को मंत्रालय में बैठक बुलाई थी। इसमें पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए ट्रिपल टेस्ट को किस तरह लागू करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट पर अन्य राज्य क्या फैसला ले रहे हैं? यह पता लगाएं। यह जानकारी भी जुटाएं कि क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्यप्रदेश की तरह अन्य राज्य पुनर्विचार याचिका दायर करने जैसे विकल्पों पर जा रहे हैं या नहीं? आयोग 3 माह में करेगा ओबीसी पर रिपोर्ट राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी की आबादी जिले व तहसीलवार तैयार कर रिपोर्ट बनाएगा। आयोग के अध्यक्ष डाॅ. गौरी शंकर बिसेन ने बताया कि इस काम में कम से कम 3 माह का समय लगेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कहा गया है कि प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव में ट्रिपल टेस्ट लागू करने के लिए राज्यस्तरीय आयोग के गठन की स्थापना करने का उल्लेख है। यह आयोग इस वर्ग की आबादी की गणना कर सिफारिश सरकार को देगा। इसके आधार पर आरक्षण तय किया जाएगा। आरक्षण में करना होगा ट्रिपल टेस्ट का पालन सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि ट्रिपल टेस्ट का पालन किए बिना आरक्षण के फैसले को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि कानून के दायरे में ही रहकर चुनाव करवाए। OBC के लिए निर्धारित सीटों को सामान्य सीटों में तब्दील करने की अधिसूचना जारी करे। अदालत ने कहा कि कानून का पालन नहीं होगा, तो चुनाव रद्द किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी को करेगा। सीएम ने कहा था - सभी वर्गों का कल्याण है लक्ष्य सीएम ने एक दिन पहले ही विधानसभा में कहा था कि हमारी सरकार सभी वर्गों के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि चाहे सामान्य वर्ग हो, पिछड़ा वर्ग हो और SC-ST हो, सबकी भलाई और सब का कल्याण यह हमारा लक्ष्य है, सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता के साथ हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10% आरक्षण देने का काम इसी सरकार ने किया है। ओबीसी को भी 27% आरक्षण मिले वह भी हमने किया है। आयोग के सामने क्या है संकट निर्वाचन आयोग के सामने संकट यह है कि भले ही ओबीसी सीटों पर निर्वाचन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, लेकिन सभी सीटों का रिजल्ट एक साथ घोषित कराना है। यह निर्देश आयोग को सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं। अब सरकार नए सिरे से आरक्षण करती है, तो इसमें वक्त लगेगा। ऐसे में जिन सीटों में बदलाव होगा। वहां मतदान समय पर हो पाना संभव नहीं लगता। सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र स्थानीय चुनाव के लिए यह था निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर को महाराष्ट्र में स्थानीय चुनावों में 27% OBC के लिए आरक्षित सीटों के अध्यादेश को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने अपने 6 दिसंबर के आदेश में तब्दीली से इनकार कर दिया। कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग अपनी पिछली अधिसूचना में बदलाव करते हुए हफ्ते भर में नई अधिसूचना जारी करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिसूचना में पिछड़े वर्गों के लिए 27% आरक्षण के प्रावधान को रद्द कर दिया। इसके बाद बाकी बची 73% सीटें सामान्य श्रेणी के लिए रखे जाने की नई अधिसूचना एक हफ्ते में जारी करने का आदेश राज्य निर्वाचन आयोग को दिया है।
Sunday, 26 December 2021
Saturday, 25 December 2021
Omicron से अलर्ट राज्य: पार्टी लवर्स के अरमानों पर गाइड लाइन की 'चाबुक', लागू हो गईं सभी पाबंदियां, जानें आपके राज्य में क्या हैं नए नियम
राष्ट्र चंडिका । दुनिया भर में कोरोना (Covid-19) का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन (omicron) तेजी से पांव पसार रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटों में देश में पहली बार सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 24 घंटों में देश में कुल 122 लोगों में ओमिक्रॉन का संक्रमण मिला है। भारत में ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 358 हो गई है। हालांकि, इसमें से 114 मरीज के स्वस्थ होने की सूचना भी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो ओमिक्रॉन के कुल 358 मामले अब तक 17 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में देखने को मिले हैं। देश की व्यापारिक राजधानी महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के सबसे अधिक 88 मामले सामने आए हैं। जबकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 67 केस देखने को मिले हैं। इसी तरह तेलंगाना में 38, तमिलनाडु में 34, कर्नाटक में 31 और गुजरात में 30 मामले ओमिक्रॉन संक्रमण के सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक, कुल संक्रमितों में 121 का विदेश यात्रा इतिहास रहा है, जबकि 44 मरीजों का ऐसी कोई जर्नी हिस्ट्री रही है। वहीं, 18 मामलों में कोई सूचना नहीं है कि ये कैसे संक्रमित हुए हैं।
अब इन सबके बीच 'पार्टी लवर्स' के सामने सबसे बड़ी समस्या आ गई है कि वो पार्टी करें तो कैसे करें। जैसा कि हम सब को पता है कि आज 25 दिसंबर को पूरी दुनिया क्रिसमस का त्योहार और 6 दिन बाद नए साल का आगमन होने जा रहा है। ऐसे में भारत के छोटे-बड़े शहरों में रात भर चलने वाली रंगारंग पार्टियां तो आमतौर पर होती ही हैं। लेकिन, इस बार पार्टी लवर्स के अरमानों पर राज्य सरकारों ने पानी फेर दिया। क्योंकि, Covid-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron variant) की दहशत को समझते हुए राज्य सरकारों ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए तमाम पाबंदियां लागू कर कर दी हैं। तो आइये जानते हैं किस राज्य में वहां की सरकार ने क्या पाबंदी लगाई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली -दिल्ली के सरोजनी नगर में भारी भीड़ भीड़ का वीडियो वायरल होने के बाद वहां की प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। अब, दिल्ली हाई कोर्ट के संज्ञान के बाद लोकप्रिय सरोजनी नगर मार्केट 25 और 26 दिसंबर के वीकेंड पर ऑड ईवन के हिसाब से चलेंगी। कहने का मतलब है कि शनिवार 25 दिसंबर और रविवार 26 दिसंबर को यहां पर दुकान ऑड ईवन के आधार पर खुलेंगी। एक खुलेगी तो दूसरी बंद रहेगी। सरोजनी नगर मार्केट में भारी भीड़ की तस्वीरें वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों के बीच बैठक हुई और यह फैसला लिया गया। इसके अलावा आज होने वाली पार्टियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। क्योंकि, दिल्ली दूसरा सबसे ज्यादा ओमिक्रोन संक्रमित मरीजों वाला राज्य है।
Friday, 24 December 2021
MP में कोरोना से टल सकता है पंचायत चुनाव! गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- चुनाव टाला जाना चाहिए, किसी की जिंदगी से बड़ा नहीं इलेक्शन, CM ने बुलाई आपात बैठक
राष्ट्र चंडिका,भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ कोरोना केस के चलते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टल सकता है. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने चुनाव टालने की राय दी है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय है कि पंचायत चुनाव टाला जाना चाहिए. कोरोना काल में अन्य राज्यों में हुए चुनाव से काफी नुकसान हुआ था. दहशत और आहट को देखते हुए पंचायत चुनाव टाले जाने चाहिए. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं पंचायत चुनाव की तारीख आगे बढ़ सकती है.
कोरोना को आधार बना सकती है सरकार- ऐसे में पंचायत चुनाव को टालने के लिए शिवराज सरकार कोरोना को आधार बना सकती है. क्योंकि गृहमंत्री ने संकेत दे दिए हैं. सरकार पहले से ही ओबीसी आरक्षण के बगैर चुनाव नहीं कराना चाहती है. सुप्रीम कोर्ट ने अर्ली हियरिंग से साफ इनकार कर दिया. अब 3 जनवरी को अगली सुनवाई होगी. जबकि 6 जनवरी को पहले चरण का मतदान होना है.
मुख्यमंत्री ने कोरोना को लेकर बुलाई आपात बैठक-वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना को लेकर आपात बैठक बुलाई है. आज दोपहर 3 बजे मंत्रालय में बैठक होगी. जिसमें सभी मंत्री, प्रदेश के सभी संभागों के कमिश्नर, आईजी, जिला कलेक्टर, एसपी, जिलों के प्रभारी अधिकारी शामिल होंगे. यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी. इसके बाद एक और अहम बैठक दोपहर 4:30 बजे कैबिनेट हॉल में होगी. मंत्रालय में प्रदेश के समस्त मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे.इसके अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और बैठक बुलाई है. दोपहर 4 बजे पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के सदस्यों और सचिव के साथ बैठक करेंगे. ओबीसी वर्ग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी.
फिर डरा रहा कोरोना: मध्य प्रदेश में बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण, पिछले 24 घंटे में मिले 32 नए मरीज, यहां मिले सबसे अधिक केस
राष्ट्र चंडिका,भोपाल । मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (Corona Virus) का संक्रमण एक बार फिर बढ़ने लगा है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 32 नए मरीज मिले हैं. इंदौर में सबसे ज्यादा 13 पॉजिटिव मरीज मिले, जबकि भोपाल में 7 और जबलपुर में 5 नए मरीज मिले हैं. कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 209 है.इंदौर में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) का खतरा फिर मंडरा रहा है. बीते 24 घंटे में 6659 लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए. जिसमें से 13 नए केस मिले. वहीं एक मरीज की मौत भी हुई है. जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 97 पहुंच गया है. दिसंबर महीने में यहां अब तक 160 से ज्यादा केस मिल चुके हैं. जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. वहीं कलेक्टर ने मास्क सही से ना पहनने और बिना मास के घूमने वालों पर 200 रुपये का चालान काटने के आदेश दिए है. बता दें कि कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में इंदौर कोरोना का हॉटस्पॉट रहा है. प्रदेश में सबसे अधिक केस इंदौर में मिल रहे थे. वहीं राजधानी भोपाल में भी कोरोना का खतरा बढ़ रहा है. यहां पिछले 24 घंटे में 7 नए मरीज सामने आए, जबकि जबलपुर में 5 कोरोना के 5 केस मिले. राहत की बात ये है कि प्रदेश में अभी तक कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन के मरीजों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रदेश में कई लोग विदेशों से लौटे हैं, जो कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है.इधर, ओमिक्रॉन वैरियंट के खतरे के बीच और कोरोना के नए मामलों में फिर तेजी आने से सरकार ने नाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी है. रात 11 बजे सुबह 5 बजे तक पूरे प्रदेश में नाइट कर्फ्यू रहेगा. सीएम शिवराज सिंह चौहान कल ही इसका ऐलान किया है, जिसके बाद कई जिलों ने तो तुरंत ही आदेश भी जारी कर दिया.
Wednesday, 22 December 2021
कोरोना चेतावनी : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का राज्यो को अलर्ट जारी, जरूरत पड़े तो राज्य नाईट कर्फ्यू लगाएं
सार्वजनिक कार्यक्रमों में संख्या सीमित करने सहित कई तरह की पाबंदियों का किया
स्वास्थ्य विभाग के महामारी नियंत्रण के डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा के मुताबिक प्रदेश में ओमिक्रॉन नियंत्रण के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं जिसमें टेस्टिंग ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट सारी तैयारियां की गई है। प्रदेश में हालांकि अभी तक नए वैरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। विदेश से लौटने वालों में अभी तीन कोरोना संक्रमित ऐसे हैं, जिनकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट इसी हफ्ते आने की उम्मीद है.।
Saturday, 18 December 2021
अखबारों के नाम बट रहे पर्चे
पी.आर.ओ. असहाय, आर.एन.आई. से हस्तक्षेप की दरकार
तथाकथित का नया शिगूफा
Tuesday, 14 December 2021
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का 15 को सिवनी आगमन, इन स्थानों पर होगा भव्य स्वागत
अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सर्वप्रथम वे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय इंदिरा भवन का उदघाटन करेंगे। इसके पश्चात वे स्थानीय पत्रकारों से 11.30 बजे मुलाकात कर अगले कार्यक्रम कार्यकर्ता सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे।
राजा बघेल करेंगे अभिनंदन-सिवनी की धरती पर पधार रहे पूर्व मुख्यमंत्री का ज्यारत चौक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव राजा बघेल अभिनंदन करेंगे। इस दौरान शिव सनोडिय़ा, बाबू भलोटिया, ओम उपाध्याय, मोंटू भूरा, ऋषभ ठाकुर सहित एनएसयूआई व युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता स्वागत करेंगे।
ज्यारत नाका में होगा स्वागत- इंदिरा भवन का लोकार्पण करने आ रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का जिला युवक कांग्रेस के अध्यक्ष आनंद पंजवानी के नेतृत्व में ज्यारत गेट जबलपुर रोड पर भव्य स्वागत सुबह 10 बजे किया जाएगा। जहां वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी व युवा उपस्थित रहेंगे।
लूघरवाड़ा में भी तैयारी- कंडीपार हेलीपेड से रवाना होकर कमलनाथ लूघरवाड़ा पहुंचेंगे जहां पूर्व जिला पंचायत सदस्य घनश्याम सनोडिया के नेतृत्व में ग्रामीण अंचल से आए कांग्रे
Thursday, 9 December 2021
यूरिया ना मिलने पर किसानों का सब्र टूटा नारेबाजी करते हुए लगाया जाम
राष्ट्र चंडिका,आरोन गुना(पं. शिवकुमार उपरिंग) गुना जिले के आरोन कस्बे में बुधवार के दिन किसानों को यूरिया खाद के टोकन मिलने के बाद भी यूरिया नहीं मिल पा रहा था जिससे किसानों का सब्र जवाब दे गया किसानों ने नारेबाजी करते हुए आरोन तहसील कार्यालय के सामने वाली सड़क को जाम कर दिया एवं तहसील के मुख्य गेट को भी बंद कर दिया किसानों का कहना था कि हम लोग भूखे प्यासे सुबह से ही यूरिया खाद लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं फिर भी हमें यूरिया नहीं मिल पा रहा है यूरिया की सरकारी रेट तो ₹275 है पर ब्लैक में यूरिया ₹300 से ऊपर मिल रहा है नाराज किसानों ने आरोन तहसीलदार की गाड़ी भी तहसील कार्यालय से नहीं निकलने दी यही हाल पूरे गुना जिले का है गुना जिले के किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है बोनी के समय डीएपी की किल्लत से किसान परेशान रहे थे अब यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं गुना कृषि विभाग ने गुरुवार तक यूरिया आने की संभावना जताई है।
Tuesday, 7 December 2021
MP के BJP युवा मोर्चा के जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा, देखें लिस्ट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की सहमति से भाजयुमो (BJYM) के प्रदेशाध्यक्ष वैभव पंवार ने युवा मोर्चा के 6 और जिलाध्यक्षों की घोषणा की है।
Monday, 6 December 2021
ओमिक्रॉन का डर : दिल्ली में फिर लॉकडाउन के लगने लगे कयास, दिल्ली सरकार ने दिया ये जवाब
दिल्ली स्थित एलएनजेपी अस्पताल के विशेष केंद्र में सोमवार को तीन और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भर्ती कराया गया, जिनमें से दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और एक संदिग्ध मामला है। लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) के संबंधित विशेष केंद्र में कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों को आइसोलेशन में रखने और उनके इलाज की व्यवस्था है।
दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पताल के निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में केंद्र में कुल 26 लोग हैं जिनमें से 19 संक्रमित हैं और सात संदिग्ध मामले हैं। आज पहुंचे तीन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में से दो कोविड-19 से पीड़ित पाए गए हैं। तीनों भारतीय हैं और वे दुबई, फ्रांस तथा ब्रिटेन से आए हैं। दिल्ली में रविवार को ओमिक्रॉन का पहला मामला सामने आया था, जिसमें तंजानिया से पहुंचा और कोविड टीके की दोनों खुराक ले चुका 37 वर्षीय एक व्यक्ति संक्रमित मिला।रांची निवासी मरीज ने दो दिसंबर को कतर एयरवेज की उड़ान से तंजानिया से दोहा और वहां से दिल्ली की यात्रा की थी। वह एक हफ्ते तक दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में रहा। उसे हल्के लक्षण हैं।


