Friday, 9 July 2021

विरोध के बाद भी लग रहा है मोबाइल टावर

 आर्ची पुरम बाबूजी नगर में प्लाट पर लग रहा टावर का कॉलोनी वासी कर रहे विरोध

राष्ट्र चंडिका सिवनी.बीते 15 वर्षों में मोबाइल का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ा है, प्रारंभ में मोबाइल का उपयोग नगरी क्षेत्रों में लोग ज्यादा किया करते थे किंतु आज यह दूरस्थ अंचल तक प्रत्येक जिले में पहुंच चुका है। जहां मोबाइल के उपयोग से एक और क्रांति आई है वहीं कई जगह इनका दुरुपयोग भी किया जा रहा है। साथ ही देखने में आ रहा है कि मोबाइल के सुचारू संचालन के लिए लगाए जाने वाले टावर से पर्यावरण का बहुत नुकसान हो रहा है, जो मानक भारत सरकार के द्वारा निर्धारित किए गए हैं उन मानकों के अनुसार यह मोबाइल टावर नहीं चल रहे हैं। होता यह है कि उन मानकों के अनुरूप जो शासन के निर्धारित हैं टावर लगा लिया जाता है किंतु इन टावरों की शक्ति बढ़ाने के लिए बाद में कंपनी के द्वारा अन्य "इक्विपमेंट्स" लगा दिए जाते हैं जिसके चलते इन टावरों की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है ।
   यह काम कंपनी के लिए तो फायदेमंद होता है किंतु प्रकृति के लिए यह काम बहुत ही घातक साबित हो रहा है। देखने में यह जा रहा है कि जब भी मौसम नासाज होता है और बिजली कड़कती है तब इन टावरों के आसपास स्थित घरों की महंगी से महंगी टीवी उड़ जाती है और मोबाइल के स्क्रीन भी लोगों के खराब होने की शिकायतें आई हैं।
          नगर के आर्ची पुरम बाबूजी नगर में मोबाइल कंपनी का टावर लगाए जाने का कॉलोनी के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।शिकायत करने के बाद भी टावर का निर्माण बंद नहीं हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्लाट में  टावर लगाने से इलाके में कई तरह की बीमारियां फैल सकती है.
लोगों में बीमारी फैलने का डर
वहीं कुछ लोग टावर लगाने के बाद इलाके में कई तरह की बीमारियां फैलने को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं. इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग का कहना हैं कि यह लोग हमारी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. हमने इन्हें समझाया था कि लोगों की जिंदगियों के साथ मत खेलो. टावर लगाने से आसपास के लोग किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हो जायेंगे.मोबाइल टावर को लगाया जा रहा है हम इस टावर का विरोध करते रहेंगे और यहां टावर नहीं लगने देंगे.
रेडिएशन से बीमारियां होने का खतरा
संजय कुमार का कहना है कि मोबाइल टावर लगाने से सभी कॉलोनी वासियों को आपत्ति है. इस टावर की रेडिएशन से बीमारियां होने का खतरा है. लोगों के पास अपने इलाज के लिए तो पैसा होता नहीं है. तो जब मोबाइल टावर लग जाएगा, इससे निकलने वाली रेडिएशन से बीमार होने वाले लोगों का इलाज कौन कराएगा.



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