Tuesday, 9 June 2020

कोरोना वारियर्स के नाम पर ऑनलाइन सम्मान पत्र का धंधा


*कोरोना से जंग लड़ रहे योद्धाओं डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मियों के साथ पत्रकारों को भी सम्मानित किया जा रहा है।
*कोरोना वारियर्स के नाम पर फर्जी संगठन, तथाकथित पत्रकार संगठन एवं कई अन्य संस्था इन दिनों थोक के भाव में ऑनलाइन सम्मान पत्र बांट रही हैं।
राष्ट्र चंडिका सिवनी। सम्मान पत्र के नाम पर कुछ विभिन्न किस्म की समाजसेवी संस्थाएं और सामाजिक संस्था अपने अपने मंचों से कुछ कोरोना वारियर्स के नाम पर सम्मान पत्र जारी कर रही हैं। सम्मान पाने वाले उसे बड़े गर्व से फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खूब वाहवाही भी लूटी जा रही है। हमारे कई पत्रकार साथी हैं जिन्हें सम्मान पत्र का सर्टिफिकेट भेजा गया है। कुछ साथियों ने उस सम्मान को यह कहते हुये वापस कर दिया है कि उन्होंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जिसके लिये उन्हें यह सम्मान दिया जाये। ऐसे उन पत्रकार साथियों का कहना है जिन्होंने उस सम्मान को वापस भेजा है, कोरोना योद्धा का सम्मान पाने के लिये डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी एवं सफाईकर्मियों अधिक हक़दार हैं।
  ऐसे सम्मान पत्र भेजने वाली संस्थाओं के बारे में जब हमने पड़ताल किया तब इस बात का खुलासा हुआ कि अधिकांश फर्ज़ी संगठन पत्रकारों को ऑनलाइन यह सम्मान दे रही हैं। सिवनी जिले के  एक व्यक्ति  लगभग 30 से अधिक  पत्रकारों को यह सम्मान अबतक बांट चुके हैं। जब हमने उनसे पूछा कि आप यह ऑनलाइन कैसे तय करते हैं कि कोई पत्रकार कोरोना महामारी में क्या योगदान दे रहा है तो उनका जवाब था कि वह पत्रकार है कोरोना को लेकर खबरें बना रहा है कोरोना को लेकर उसके द्वारा प्रकाशित खबर को देख कर उसके नाम पर सम्मान पत्र हम जारी कर देते हैं। जब हमने उस से पूछा कि आप को किसने अधिकृत किया है कि आप यह तय करें कौन कोरोना 
वारियर्स  है और कौन नहीं, तो इसका उसके पास कोई जवाब नहीं था।     कोरोना महामारी को लेकर देश भर में मीडियाकर्मी अग्रिम पंक्ति में हैं कोरोना वारियर्स के रूप में इस बात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है। देश के विभिन्न राज्यों में दर्जनों पत्रकार जो कोरोना पीड़ितों की खबर को कवर कर रहे थे वे पॉजिटिव  पाये गये हैं। परन्तु वे भी इस तरह के सैंकड़ो फर्जी संगठनों द्वारा बांटे जा रहे सम्मान पत्र पाने के लिये लालायित नहीं नज़र आये।
   कोरोना महामारी को कवर करने वाले पत्रकारों  को उनके कार्यों के लिये जिला स्तर पर जिलाधिकारी  एवं प्रशासनिक अधिकारी अगर सम्मानित करते, राज्य सरकार के मंत्री एवं पदाधिकारी राज्य स्तर पर चिन्हित कर एक मानक तय कर ऐसा करते तो भी बात समझ में आती। पत्रकारों को सम्मान पत्र वे जारी कर रहे हैं जिनके संस्थाओं के बारे में पत्रकार तपतीश करेंगे तो यह पायेंगे कि अधिकांश उनमें ऐसे हैं जो अपनी संस्था की आड़ में कई गलत कार्यों में संलिप्त हैं। जिन पत्रकारों को ऐसे फर्जी संस्थाओं की जांच कर खबरें बनानी चाहिये थी वे उनके ऑनलाइन सम्मान पत्र से फूले नहीं समा रहे हैं। पत्रकारों को भी इन दिनों अब छपास रोग लग गया है, खबरें बनाने वाले अब खुद खबरों की सुर्खियां बनना चाहते हैं। ऐसे सम्मान पत्र पाने वाले पत्रकारों को देख कर आप यह आसानी से तय कर सकते हैं कि उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य और लक्ष्य क्या है।

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