Sunday, 28 June 2020

शिवराज कैबिनेट में किसको मिलेगी जगह? यहां देखें संभावितों की पूरी लिस्‍ट

शिवराज कैबिनेट में किसको मिलेगी जगह? यहां देखें संभावितों की पूरी लिस्‍ट

राष्ट्र चंडिका भोपाल. मध्य प्रदेश  की शिवराज सिंह चौहान  सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली  में मंथन का दौर जारी है. 28 जून को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमित शाह और जेपी नड्डा समेत अनेक वरिष्‍ठ नेताओं संग बैठक की. बीते रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और फिर आखिर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि अमित शाह से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुलाकात करीब 2 घंटे तक चली. इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मध्‍य प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भी अमित शाह के दिल्ली आवास पर मौजूद रहे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली में मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची लगभग फाइनल हो चुकी है. 29 जून को अंतिम मुहर लगने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल वापस लौटेंगे और यह कयास लगाए जा रहे हैं कि 30 जून को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. वहीं राज्यपाल लालजी टंडन के अस्वस्थ होने की वजह से शपथ ग्रहण की रुकावट भी दूर हो गयी है. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश का प्रभारी राज्यपाल बना दिया गया है. लिहाजा मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता लगभग साफ है.
शिवराज मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभवितों के नाम-भोपाल- रामेश्वर शर्मा सबसे आगे विकल्प के रूप में विश्वास सारंग और एससी कोटे से विष्णु खत्री
रायसेन- रामपाल सिंह
इंदौर- उषा ठाकुर का नाम सबसे आगे, रमेश मेंडोला, मालिनी गौड़ पर विचारमालवा निमाड़- मोहन यादव, चेतन कश्यप, यशपाल सिंह सिसोदिया, आदिवासी कोटे से- विजय शाह या प्रेम सिंह पटेल
ग्वालियर चंबल- अरविंद भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया
बुंदेलखंड- गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह के साथ एससी कोटे से हरीशंकर खटीक
विंध्य- राजेंद्र शुक्ला या गिरीश गौतम में से कोई एक युवा चेहरे के तौर पर शरदेंदु तिवारीओबीसी कोटे से रामलल्लू वेश्य और एसटी से कुंवर सिंह टेकाम के नाम
महाकौशल- अशोक रोहाणी या अजय विश्नोई में से कोई एक, संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन, एसटी कोटे से देवी सिंह सैयाम
सिंधिया समर्थक और कांग्रेस से आये- प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, महेंद्र सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, राज्यवर्द्धन दत्तिगांव, एदल सिंह कंसाना, बिसाहू लाल सिंह


Tuesday, 9 June 2020

कोरोना वारियर्स के नाम पर ऑनलाइन सम्मान पत्र का धंधा


*कोरोना से जंग लड़ रहे योद्धाओं डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मियों के साथ पत्रकारों को भी सम्मानित किया जा रहा है।
*कोरोना वारियर्स के नाम पर फर्जी संगठन, तथाकथित पत्रकार संगठन एवं कई अन्य संस्था इन दिनों थोक के भाव में ऑनलाइन सम्मान पत्र बांट रही हैं।
राष्ट्र चंडिका सिवनी। सम्मान पत्र के नाम पर कुछ विभिन्न किस्म की समाजसेवी संस्थाएं और सामाजिक संस्था अपने अपने मंचों से कुछ कोरोना वारियर्स के नाम पर सम्मान पत्र जारी कर रही हैं। सम्मान पाने वाले उसे बड़े गर्व से फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खूब वाहवाही भी लूटी जा रही है। हमारे कई पत्रकार साथी हैं जिन्हें सम्मान पत्र का सर्टिफिकेट भेजा गया है। कुछ साथियों ने उस सम्मान को यह कहते हुये वापस कर दिया है कि उन्होंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जिसके लिये उन्हें यह सम्मान दिया जाये। ऐसे उन पत्रकार साथियों का कहना है जिन्होंने उस सम्मान को वापस भेजा है, कोरोना योद्धा का सम्मान पाने के लिये डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी एवं सफाईकर्मियों अधिक हक़दार हैं।
  ऐसे सम्मान पत्र भेजने वाली संस्थाओं के बारे में जब हमने पड़ताल किया तब इस बात का खुलासा हुआ कि अधिकांश फर्ज़ी संगठन पत्रकारों को ऑनलाइन यह सम्मान दे रही हैं। सिवनी जिले के  एक व्यक्ति  लगभग 30 से अधिक  पत्रकारों को यह सम्मान अबतक बांट चुके हैं। जब हमने उनसे पूछा कि आप यह ऑनलाइन कैसे तय करते हैं कि कोई पत्रकार कोरोना महामारी में क्या योगदान दे रहा है तो उनका जवाब था कि वह पत्रकार है कोरोना को लेकर खबरें बना रहा है कोरोना को लेकर उसके द्वारा प्रकाशित खबर को देख कर उसके नाम पर सम्मान पत्र हम जारी कर देते हैं। जब हमने उस से पूछा कि आप को किसने अधिकृत किया है कि आप यह तय करें कौन कोरोना 
वारियर्स  है और कौन नहीं, तो इसका उसके पास कोई जवाब नहीं था।     कोरोना महामारी को लेकर देश भर में मीडियाकर्मी अग्रिम पंक्ति में हैं कोरोना वारियर्स के रूप में इस बात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है। देश के विभिन्न राज्यों में दर्जनों पत्रकार जो कोरोना पीड़ितों की खबर को कवर कर रहे थे वे पॉजिटिव  पाये गये हैं। परन्तु वे भी इस तरह के सैंकड़ो फर्जी संगठनों द्वारा बांटे जा रहे सम्मान पत्र पाने के लिये लालायित नहीं नज़र आये।
   कोरोना महामारी को कवर करने वाले पत्रकारों  को उनके कार्यों के लिये जिला स्तर पर जिलाधिकारी  एवं प्रशासनिक अधिकारी अगर सम्मानित करते, राज्य सरकार के मंत्री एवं पदाधिकारी राज्य स्तर पर चिन्हित कर एक मानक तय कर ऐसा करते तो भी बात समझ में आती। पत्रकारों को सम्मान पत्र वे जारी कर रहे हैं जिनके संस्थाओं के बारे में पत्रकार तपतीश करेंगे तो यह पायेंगे कि अधिकांश उनमें ऐसे हैं जो अपनी संस्था की आड़ में कई गलत कार्यों में संलिप्त हैं। जिन पत्रकारों को ऐसे फर्जी संस्थाओं की जांच कर खबरें बनानी चाहिये थी वे उनके ऑनलाइन सम्मान पत्र से फूले नहीं समा रहे हैं। पत्रकारों को भी इन दिनों अब छपास रोग लग गया है, खबरें बनाने वाले अब खुद खबरों की सुर्खियां बनना चाहते हैं। ऐसे सम्मान पत्र पाने वाले पत्रकारों को देख कर आप यह आसानी से तय कर सकते हैं कि उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य और लक्ष्य क्या है।

Wednesday, 3 June 2020

ग्राम पंचायत चिखला बॉध में स्वच्छता के नाम पर लाखों का भ्रष्टाचार


सरपंच ने अपने कार्यकाल में एक बार कराई स्व'छता और निकाली बार-बार राशि


राष्ट्र चंडिका, बालाघाट ( पंकज डहरवाल )। स्व'छता के नाम पर सरपंच व सचिव के द्वारा फर्जी बिल लगाकर राशि का लाखों रूपये आहरण किया गया है। वहीं जनपद पंचायत खैरलांजी के ग्राम पंचायत चिखला बांध का है जहां पर सचिव और सरपंच की साठगांठ से लाखों रूपये के फर्जी बिल लगाकर पंचायत के विकास कार्यो की राशि को आहरण करने का मामला सामने आया है जो यह जानकारी सूत्रों के अनुसार प्राप्त हुई है। यह भी बताया गया है कि सरपंच की मनमानी के चलते पंचायत के विकास कार्यो में लिपापोती कर राशि का बंदरबाट किया गया है। कुछ दिनों पूर्व का ही मामला है जो पानी के टेंकर के पहियों का आया था।ज्ञात हो कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा पंचायत राज्य अधिनियम के आधार से ग्राम में विकास कार्य करवाकर उन्हें निर्मल ग्राम की उपाधी प्रदान करते है जिससे वह ग्राम सर्व सुविधा से युक्त होता है। किन्तु ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के साथ-साथ जूनियर इंजिनियर की साठगाठ से लाखों रूपये की राशि का बंदरबाट कर कागजी कार्यवाही कर विकास कार्य दर्ज हो जाता है।  भारत सरकार के द्वारा स्व'छ भारत मिशन चलाया जा रहा है जिससे कि कोई संक्रामण बिमारी गंदगी केे कारण फैलाव ना हो जाय जिससे ग्रामों को स्व'छ बनाया जाना है इसके लिए पूर्व में ग्र्राम पंचायत के आधार से सगंठन बनाकर गांव को स्व'छ बनाने में प्रयासरत भी किया गया था।
पंचवर्षीय में केवल एक बार हुई साफ-सफाई- ग्राम पंचायत चिखला बांध की बात कर रहें है जहां पर ग्राम के मुख्या के द्वारा अपने कार्यकाल (पंचवर्षीय योजना) में ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि केवल एक ही बार स्व'छता के प्रति ध्यान दिया गया है। जब बारिश प्रांरभ होती है तो सड़को पर पानी का भराव होता है साथ ही पक्की नालियां बनाई गयी है वह केवल पांच वर्ष में लगभग सत्र 2016-17 के मध्य में एक बार साफ कराई गई है। जहां अब बारिश का कुछ ही दिनों में मौसम आने वाला है किन्तु ग्राम के सरपंच के द्वारा स्व'छता के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सफाई एक बार, बिल बार-बार- ग्रामीणों ने जानकारी में बताया कि स्व'छता के प्रति नाली साफ-सफाई का कार्य पंचवर्षीय में केवल एक बार ही कि गई है तो वही पंचायत के खाते से सरपंच के नाम पर साफ-सफाई के लिए प्रत्येक वर्ष बिल लगाकर लाखों रूपये निकाले गये है। जिससे यहीं प्रतित होता है कि सरपंच के द्वारा अपने स्वार्थ के लिए पंचायत की राशी का बंदरबाट किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरपंच को प्रत्येक वर्ष बारिश के पूर्व नाली सफाई के लिए जानकारी से अवगत कराया जाता है किन्तु नाली सफाई नहीं कि जाती है और गंदा पानी घरों में घुस जाता है जिससे बिमारी होने का भय बिना होता है। यह सब अंनदेखा कर गंदगी के नाम से सरपंच व सचिव के द्वारा लाखों रूपये का गबन किया गया है।
पहली ही हल्की बारिश में खुली पोल -ग्रामीणों ने बताया कि पहली बारिश केवल हल्की हुई है जिससे कि नालियों में कुड़ा करकट होने के कारण वह अब वही सड़-गल गया है जिससे वह बदबु कर रहा है। ऐसी ही हाल रहा तो यह गंदा पानी अब घरो में घुस जायेगा जिससे कि बिमारी का खतरा बन सकता है। पहले ही कोराना की महामारी का समय चल रहा है जिससे साफ-सफाई जरूरी है किन्तु यहां गंदगी बजबजा रही है। सत्र 2019 में विकास आयुक्त कार्यालय का पत्र क्रमांक 7418/22/वि-10 के परिपालन एवं आदेशानुसार व्यय व्हाउचर/स्टीमेंट के बिल पर दिनांक 02/03/2019 में साफ-सफाई और मजदूरों के नाम पर सरपंच केे खातों में एक लाख पांच हजार रूपये का भुगतान किया गया है ना जाने ऐसे कितने और भी फर्जी बिला का भुगतान सरपंच के खातों में किया गया हो। प्रशासन को अवगत कराया जाता है कि ऐसे सरंपच व सचिव पर पंचायती राÓय अधिनियम के आधार से शासकीय दस्तावेजों से छेडख़ाने के आधार पर निलंबन की कार्यवाही करनी चाहिए जो ऐसा कार्य कभी दूसरा ना कर पाये।
इस संबंध में जब सरपंच पति और सचिव को कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल अटेंड नहीं कर पाया।
ग्रामीणों का कहना हैै- आपके द्वारा जानकारी दी गयी है कि ग्राम पंचायत चिखला बांध में पंचवर्षीय में केवल साफ-सफाई एक बार ही कराई गयी है और इसके आधार से अधिक बार बिलों का भूगतान किया गया है जिसके संबंध में समन्वयक अधिकारी को जॉच के लिए पंचायत स्तर पर भिजवाया जायेगा तत्पश्चात ही आगे की कार्यवाही कि जायेगी।
सुरेश कुमार इंदौरकर
जनपद पंचायत अधिकारी, खैरलांजी
ग्राम पंचायत चिखला बांध के पंचायत में साफ-सफाई का हुई है या नहीं इसकी जॉच करना पड़ेगा। साफ-सफाई के बिल निकल है तो वेरीफिकेशन भी किया जायेगा।
रजनी सिंह
जिला पंचायत अधिकारी,बालाघाट

चाकूबाजी से एक की मौत, दो घायल



राष्ट्र चंडिका सिवनी । जिले के डूंडासिवनी थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम कंडीपार में बुधवार दोपहर पुरानी रंजिश के चलते दो गुटों में चाकूबाजी की घटना से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाना डूंडासिवनी अंतर्गत आने वाले ग्राम कंडीपार में बुधवार दोपहर पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को चाकू से गोदा गया जिससे उसकी मौत हो गई वहीं इस घटनाक्रम में 2 अन्य लोग घायल है जिन्हें जिला चिकित्सालय सिवनी में भर्ती कराया गया है। सूत्रों की मानें तो इस घटनाक्रम में डूंडासिवनी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अभी घटनास्थल पर है तथा इस मामले की जांच कर रही है ।

Tuesday, 2 June 2020

माझी समाज के रेतवाड़ी करने और नाविकों को लॉक डाउन में हुए नुकसान पर राहत दे सरकार 

माझी समाज के रेतवाड़ी करने और नाविकों को लॉक डाउन में हुए नुकसान पर राहत दे सरकार 


तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कर मत्स्यपालन हेतु पट्टे पर दिये जायें 

राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) नरसिंहपुर -कोरोना संक्रमण में मांझी समाज के लोगों के रोजगार प्रभावित होने एवं उनके वंशानुगत कामकाज में नुकसान होने सहित ग्राम धरमपुरी में माझी परिवारों को मिले पट्टे की भूमि से बेदखल किए जाने की कार्रवाई को लेकर आज प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान जी के नाम एसडीएम नरसिंहपुर श्री एम के बमनहा को मध्य प्रदेश माझी आदिवासी महासंघ जिला शाखा नरसिंहपुर के जिला अध्यक्ष अमर नोरिया एवं महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री सोहन लाल रैकवार ने ज्ञापन सौंपा ज्ञापन के माध्यम से यह मांग कि गई कि नरसिंहपुर जिले में मां नर्मदा सहित अन्य सहायक नदियों के किनारे बहुतायत में निवास करने वाले माझी समाज के गरीब परिवारों को कोरोना संक्रमण के चलते भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । लॉक डाउन उनके अपने वंशानुगत रोजगार में हुए नुकसान के चलते सौंपे ज्ञापन में मांग की गई कि बरमान घाट सहित अन्य घाटों पर नाव चलाकर जीविकोपार्जन करने वाले नाविकों को लॉकडाउन अवधि में हुए नुकसान व आगामी बरसात के मौसम में भी नाव चलाना बंद होने के कारण प्रत्येक नाविक के खाते में प्रतिमाह ₹3000 राशि प्रदान की जाये । नदी तटों पर रेतवाड़ी के माध्यम से जो खेती जनवरी-फरवरी से तैयार की जाती थी वह लॉकडाउन अवधि में तटों पर ही खराब हो गई है, जिससे माझी समाज के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है । ऐसे प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार प्रति माह ₹5000 की राशि उनके खातों में प्रदान की जाये जिले की ग्राम पंचायतों में खोदे गए तालाबों और उन तालाबों में वंशानुगत मछुआरों को मछली पालन हेतु पट्टे पर दिए जाने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जावे एवं अतिक्रमण किए गए तालाब व कब्जाधारियों से तालाब मुक्त कर जरूरतमंदों को मत्स्य पालन के माध्यम से रोजगार प्राप्त हो सके ऐसी व्यवस्था की जावे । करेली तहसील के अंतर्गत ग्राम धरमपुरी में माझी समाज के 16 परिवारों को 40 - 45 वर्ष पूर्व राजस्व विभाग द्वारा कृषि भूमि के पट्टे जारी किये गये थे वर्तमान में उक्त कृषि भूमि को वन विभाग द्वारा वन भूमि बताकर उन्हें जमीन से बेदखल किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है इस संबंध में राजस्व विभाग से शीघ्र उचित जांच कर कार्यवाही पर रोक लगाने और गरीब परिवारों को जमीन से बेदखल ना हो इस हेतु आदेश जारी करने व जिले में माझी समाज के अधिकांश परिवार गरीब रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे है उनके नाम  बीपीएल सूची में दर्ज कर राशन कार्ड बनाये जाये जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके ।।उक्त मांगों को लेकर जो ज्ञापन प्रेषित किया गया है और इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई की जाती है तो आर्थिक परेशानियों से जूझते माझी समाज के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है ।

Monday, 1 June 2020

अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के प्रदेश महामंत्री बने हरिशंकर

अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के प्रदेश महामंत्री बने हरिशंकर 

राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) नरसिंहपुर - अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के  राष्ट्रीय अध्यक्ष  जे पी वर्मा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष श्रीमती राधा कुशवाहा  एवं राष्ट्रीय महासचिव  नारायण सिंह कुशवाहा , राष्ट्रीय महामंत्री  नीलमसिंह वर्मा एवं एडवोकेट अर्जुन पटेल की सहमति से सामाजिक क्षेत्र में लम्बे समय से सक्रिय रूप से कार्यरत गाडरवारा निवासी  हरिशंकर कुशवाहा को अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा मध्य प्रदेश में प्रदेश महामंत्री के पद पर नियुक्त किया गया है उनकी इस नियुक्ति पर उनके सभी मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं ।