Sunday, 5 July 2015

पुलिस की सक्रियता प्रशंसा योग्य: तथ्यों से मुकम्मल परदा उठना शेष

 पुलिस की सक्रियता प्रशंसा योग्य: तथ्यों से मुकम्मल परदा उठना शेष
 क्यो बनता जा रहा शहर अपराध टापू?
पिछले लगभग एक साल के दरमियान जिले की फिजाओ में अपराधों का बोलबाला सा बना नजर आ रहा है। ऐसा नही कि पहले अपराध नहीं घटित होते थे पर उल्लेखित वर्ष के दौरान यदि घटित अपराधों के ग्राफ पर नजर डाली जाये तो सनसनीखेज खुलासे होते हैं। महानगरों की तर्ज पर 'ऑनर किलिंग, 'सशस्त्र डकैतीÓ जैसे अपराध कारित किये गये हैं वह तो गनीमत है कि लगभग सुस्त मानी जाने वाली जिला पुलिस के भाग से छीका टूट गया और देर सबेर अपराधी पकड़ लिये गये।
 बात की जाए 08 महीने पहले जिला पुलिस अधीक्षक के शासकीय आवास एसपी बंगले के समीप रहने वाले ठेकेदार सुरेंद्र राय की हत्या की। इसे उसके घर के अंदर घुसकर गोली मार दी गई थी। इतने माह बीत गये थे, मीडिया समेत नगर में इस कांड को लेकर तरह-तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो चला था। रोज ही एक नये सभावित हत्यारे का नाम सामने आ रहा था। एसपी दर एसपी बदले पहले बीपी चंद्रवंशी थे तब तक मामला न जाने क्यो ठंडे बस्ते में रहा, अब एसपी आरपी सिंह का है, शायद उनकी कार्यप्रणाली से इस हत्याकांड का खुलासा हो सका है। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में बुलाई गई पत्रकारवार्ता मे 27 और 28 अक्टूबर 2014 की दरमियानी रात हुए गोलीकाड का खुलासा किया गया है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इसमें मृतक सुरेंद्र राय की पत्नि अर्चना राय,एक ढोंगी बाबा संजय नायक और उसके चेले निशीकात मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चलिए यह कोतवाली पुलिस की बड़ी सफलता कहा जा सकता है, इसके लिये वह प्रशंसा की हकदार है।
दूसरी घटना का जिक्र भी लाजमी होगा। घटना 20 जून की है जब समीपी औद्योगिक क्षेत्र भुरकल खापा में आरएच साल्वेंट प्लांट में करेली से आये तेल व्यवसायी के मुनीम से दिन दहाड़े हथियारबंद लुटेरो ने 7 लाख 71 हजार लूट लिये गये। पुलिस ने सक्रियता दिखाई और 4 मे से तीन आरोपी 24 जून को धर लिये गये, एक मास्टर माइंट फरार था जिसे रेलवे स्टेशन सिवनी से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी भागने की फिराक में था उसके कब्जे से लूट की रकम भी जप्त की गई है। चलिए इसे भी हम पुलिस की सफलता मान लेते हैं पर एक तथ्य अब भी नहीं खुल पाया है कि इतनी बड़ी लूट की योजना कहां किसके घर पर बनाई गई। सूत्रों की माने तो घटना की योजना आमाझिरिया के एक ड्रायवर के घर में बनाई गई थी। इस ड्रायवर के बारे में बताया जाता है कि वह पहले नगर के एक तथाकथित युवा (प्रौढ़) प्रतिष्ठित संभ्रात नागरिक का चोला ओढ़ बैठे व्यक्ति का ड्रायवर हुआ करता था। खैर इसके आगे की तहकीकात पुलिस का काम है, मीडिया सूत्रों से जानकारियां ही प्रकाशित कर सकता है। 
बहरहाल आखिर क्यों महानगरों की भांति संगठित अंजाम सिवनी जैसे छोटे नगरो मे दिये जा रहे है। इसे तो यह भी माना जा सकता है कि अब जिले की पुलिस का शिकंजा कमजोर हो चला है क्योंकि क्या कारण है जो अन्य शहरो के संगठित अपराधी सिवनी को अपराध की चारागाह मान बैठे हैं और बेखौफ हो तरह-तरह के अपराधो को अजाम दे रहे है।

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