Friday, 10 July 2015

नरसिंह तालाब के पानी में अचानक मर रही हैं मछलियां

नरसिंह तालाब के पानी में  अचानक मर रही हैं मछलियां
                  अमर नौरिया
राष्ट्रचंडिका/नरसिंहपुर- नगर के प्राचीन नरसिंह मंदिर से लगे हुये नरसिंह तालाब में लगातार दो दिनों से मछलियां मर रही है इस बात को लेकर इस तालाब में मछली बीज डालकर उसके माध्यम से अपनी जीविका चला रहे मछुआरों के परिवारों के लिये जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है और इस बात को लेकर उनके द्वारा इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराते हुये नरसिंह तालाब में बढ रहे प्रदूषण व अन्य गंदगी के चलते उनके रोजी रोटी के एक मात्र सहारे को बचाने की गुहार लगाई है ।  इस संबंध में उनके द्वारा बताया गया कि आदर्श मछुआ सहकारी समिति के 84 सदस्यों जिनमें 22 महिलायें भी हैं उनके द्वारा शासन से इस तालाब क ो लेकर उसमें मछली बीज डालकर एक समय पश्चात मछली निकाली जाती है इस समय उनके डाले गये मत्स्य बीज से उत्पन्न मछली लगभग 1 किलों के आसपास हो गई हैं किंतु विगत दो दिन से लगातार एक से दो क्विटंल मछली तालाब में अपने आप मर हुई मिल रही है इस बात को लेकर उन्हें आशंका है कि तालाब में मिलने वाले गंदे पानी के नाले से यह स्थिति बन रही है अत: इस बात की शीघ्र ही जांच कर उनकी रोजी रोटी को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो इसकी व्यवस्था की जावे । 

दिल फेंक डॉक्टर 'बाबाÓ

दिल फेंक डॉक्टर 'बाबाÓ
  नगर के एक डॉक्टर की पढिय़े प्रेमकहानी
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। जहां एक ओर डॉक्टर को धरती का भगवान माना जाता है वहीं सिवनी नगर में एक ऐसा भी डॉक्टर है जो अपने पेशे से हटकर  ज्यादातर ध्यान इश्कबाजी में लगाता है। इस डॉक्टर के कुछ लवलेटर भी हमारे हाथ लगे हैं जिससे पढ़कर ऐसा लगा मानो ये डॉक्टर नहीं बल्कि मजनूबाज हो..। लवलेटर में इस महाशय ने अपने जन्मदिवस का उल्लेख करते हुए एक युवती को अनोखा गिफ्ट देने की बात भी कही। अब यह अनोखा गिफ्ट क्या है? यह तो हमे भी नहीं मालूम। इतना ही नहीं डॉक्टर साहब की प्रेमकहानी भी बड़ी लाजवाब है जो पुराने गानों के शौकीन समझ आते हैं। उन्होंने अपने लवलेटर में कुछ मनपसंद गानों का भी उल्लेख किया है। खैर ये तो डॉक्टर बाबा का ट्रेलर है पिक्चर तो अभी बाकी है। यानि कि हम आगामी अंकों में इस मजनूबाज डॉक्टर की पूरी कहानी एवं लवलेटरों का खुलासा करेंगे। हमारी टीम अभी डॉक्टर साहब के प्रेमपत्रों व प्रेमकहानी को एकत्रित करने में जुटी हुई है।
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पुलिस को चिढ़ा रहे घनश्याम के जुआ फड़

क्या जुआरियों का पैदल जुलूस निकालोगे एसडीओपी साहब
पुलिस को चिढ़ा रहे घनश्याम के जुआ फड़
राष्ट्रचंडिका/ जुआं खिलाने में माहिर घनश्याम अब जगह-जगह बदलकर जुआं खिलाने लगा है, इसके द्वारा आधा दर्जन से अधिक फड़ चलाये जा रहे हैं जिसका संचालन इसके साथ घूमने वाले कुछ गुण्डेनुमा लोग कर रहे हैं। राष्ट्रचंडिका द्वारा समाचार प्रकाशन के बाद से ही घनश्याम राष्ट्रचंडिका के संपादक का पता पूछते नजर आया।
पुलिस को अपनी जेब में रखकर धड़ल्ले से जुआं चलाने में माहिर घनश्याम युवाओं को बिगाड़ रहा है जिसकी ओर पुलिस भी ध्यान नहीं दे रही। इन दिनों युवाओं मे सूदखोरी, ब्याज, जुआं, सट्टा जैसे शौक सिर चढ़कर बोल रहे हैं। युवा शार्टकट से पैसे कमाने के लोभ में घनश्याम जैसे जुआरियों की चपेट में आकर बर्बाद हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों एसडीओपी ने सटोरियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही की थी और उनका पैदल जुलूस भी निकाला था। कुछ समय तक तो सट्टा बंद रहा लेकिन अब पुन: मोबाईल में सट्टा लिखते लोगों को देखा जा सकता है। लोगों में चर्चा चल रही है कि यदि एसडीओपी साहब जुआरियों पर भी सख्ती से कार्यवाही कर उनका जुलूस निकाले तो वाकई यह बात काबिले तारीफ होगी।
सूत्र बताते हंैं कि घनश्याम अब जंगलों में भी दस्तक दे चुका है और रात के अंधेरे मे जुआं फड़ सचालित कर रहा है। नगर की सीमा से लगे क्षेत्रों खासकर छिडिय़ा पलारी रोड में जुएं के फड़ जम रहे हैं।
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मामा अब हम कक्षा 9वी में पहुंच गये...

मामा अब हम कक्षा 9वी में पहुंच गये...
प्रवेश शुल्क की ऊंची दर देती नकारात्मक सोच
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल के सफलतम संचालन के साथ हैट्रिक की ओर अग्रसर शिवराज सिंह चौहान घोषणाएं तो करते हैं पर कभी कभी ऐसा लगने लगता है कि वे उस पर दूरगामी निगाहें नहीं रख पाते और आगे की घोषणाओं की ओर चल निकलते हैं, ऐसी फेहरिस्त दिनों दिन लंबी होते जा रही है। कन्या जन्म प्रोत्साहन के लिये उनके द्वारा संचालित की जा रही 'लाडली लक्ष्मीÓयोजना काफी हद तक फलीभूत रही जिसके सार्थक परिणाम भी आने लगे हैं। पर यह उल्लेख करने से राष्ट्रचडिका को गूरेज नहीं है कि शिवराज 'मामाÓ की 'लाडलियांÓ अब अपनी प्राथमिक स्कूली शिक्षा पूर्ण कर माध्यमिक स्तर पर कक्षा 9 में प्रवेश कर चुकी है और उनके सामने है। एकमुश्त भारी-भरकम 'प्रवेश शुक्लÓ की राशि, जो लाडलियां अब तक निश्चित हो शिक्षा ले रही थी। मामा जी की दी गई साईकिलों पर फर्राटे से दूरदराज के स्कूलों मं आ जा रही थी। अब उनके और उनके पालकों की पेशानी पर पसीने की बूंदे चुहचुहा रही है। बेचारे अपनी सीमित आम से अपनी लक्ष्मियो को आगे की शिक्षा दिलाने कृत संकल्पित है। यह
शिवराज मामा के पहल की सार्थकता मानी जा सकती है पर जैसा कि 'राष्ट्रचंडिकाÓ टीम को अपने व्यापक सर्वेक्षण में ज्ञात हुआ है कि कमजोर आय वर्ग मे प्रवेश शुल्क की अधिकता नकारात्मक संदेश दे रही है। कहने में संकोच नहीं होगा कि (प्रतिशत की बात न की जाए) 'शैक्षणिक शाला पलायनÓ का दौर जारी हो सकता है।
लिहाजा संवेदनशील मामा स्वरूप मुख्यमंत्री शिवराज से अपेक्षा है कि वे अपनी महत्वाकांक्षी सोच 'लाडली लक्ष्मीÓ और 'शिक्षित बिटियाÓ की अनूठी कवायद के सामने आ रही भारी-भरकम प्रवेश शुल्क पर सहानुभूति पूर्ण एवं गंभीर मंत्रणा कर आगे की योजना को अंजाम देवे जिससे उनकी लाडलियां इस आर्थिक चक्कर से मुक्त हो आगे और आगे की शिक्षाग्रहणकरने स्वस्र्फूत अग्रसर है...
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Sunday, 5 July 2015

गली-गली में पैर पसार रहा

गली-गली में पैर पसार रहा
घनश्याम का जुआं
सिवनी राष्ट्रचंडिका। किसी जमाने में जुआं फड़ो की चौकीदारी करना वाला घनश्याम आज खुद का जुआ फड़ चला रहा है। फडऩवीशो की माने तो घनश्याम  नामक यह जुआंरी अब गली-गली में जुआं खिलाने लगा है जिसका जीता जागता उदाहरण हड्डीगोदाम जैसे क्षेत्र में देखने को मिला जहां बीते दिनों 11 जुआंरी रंगे हाथ जुआं खेलते पकड़ाये थे। 
जुआरियों को देता है फुल सुविधा
सबसे मजे की बात तो यह है कि घनश्याम अपने फड़ में आने वाले जुआरियों को पूरी सुविधाएं मुहैया कराता है। चाहे वह पुलिस में पकड़ाने की भय हो या किसी तरह की कोई परेशानी, सबका हल घनश्याम ही निकालकर देता है। चर्चा चल रही है कि बीते दिनों हड्डीगोदाम में पकड़ाये जुएं में भी घनश्याम का हाथ था। जुआं पकड़ाने के बाद घनश्याम थाने के चक्कर काटता भी नजर आया और उसने मुचलके पर सभी जुआरियों को छुड़ा भी लिया। 
पुलिस के चंद ठुल्लो से है सेटिंग
घनश्याम की पुलिस थाने में भी तगड़ी सेटिंग है। घनश्याम के फड़ में पुलिस द्वारा बहुत कम ही दबिश दी जाती है। चूंकि पुलिस विभाग के कुछ बिके हुए ठुल्लों का इसे संरक्षण प्राप्त है। खाकी की दलाली करने वाले इन ठुल्लों का नाम हम शीघ्र ही प्रकाशित किया जिसकी जांच पड़ताल हमारे द्वारा की जा रही है लेकिन हम बता दें कि घनश्याम का पैसा पुलिस के कुछ उच्चाधिकारी को भी जाता है।  इतना ही नहीं घनश्याम और एक पुलिस वाले की रिकार्डिंग भी इसी के फड़ में जुआ खेलने वाले एक खिलाड़ी ने की है जो हमें बताने से कतरा रहा था। बहरहाल जो भी हो यह तो जांच का विषय है कि कौन सा पुलिस का आरक्षक घनश्याम से सेट है। 

रजवाड़ा मे ही क्यों पकड़ाये

रजवाड़ा मे ही क्यों पकड़ाये 
थे प्रेमी युगल?
राष्ट्रचंडिका/ बीते दिनों रात्रि के समय लूघरवाड़ा स्थित रजवाड़ा होटल में एक प्रेमी जोड़े पकड़ाने की खबर मिली थी जिसके बाद सवाल यह उठता है कि आखिर रजवाड़ा में ही यह प्रेमीजोड़े क्यों पकड़ाये? इन जोड़ों को रजवाड़ा लॉज के मालिक ने क्यों पनाह दी? ऐसे कई सवाल है जो नगर की लॉजो में चलने वाले गंदे कामों को उजागर करते हैं। नगर में ऐसी कई लॉजे हैं जो अय्याशियों का अड्डा बन चुकी है। कुछ लॉज मालिका का मानना है कि ऐसे मामले सामने आने से उनकी लॉज का नाम फेमस होता है और वे अखबारों के जरिये भी बिना पैसे के सुर्खियां बटोर लेती है, ऊपर से पुलिस भी इन पर कोई कार्रवाही नहीं करती। 

पुलिस की सक्रियता प्रशंसा योग्य: तथ्यों से मुकम्मल परदा उठना शेष

 पुलिस की सक्रियता प्रशंसा योग्य: तथ्यों से मुकम्मल परदा उठना शेष
 क्यो बनता जा रहा शहर अपराध टापू?
पिछले लगभग एक साल के दरमियान जिले की फिजाओ में अपराधों का बोलबाला सा बना नजर आ रहा है। ऐसा नही कि पहले अपराध नहीं घटित होते थे पर उल्लेखित वर्ष के दौरान यदि घटित अपराधों के ग्राफ पर नजर डाली जाये तो सनसनीखेज खुलासे होते हैं। महानगरों की तर्ज पर 'ऑनर किलिंग, 'सशस्त्र डकैतीÓ जैसे अपराध कारित किये गये हैं वह तो गनीमत है कि लगभग सुस्त मानी जाने वाली जिला पुलिस के भाग से छीका टूट गया और देर सबेर अपराधी पकड़ लिये गये।
 बात की जाए 08 महीने पहले जिला पुलिस अधीक्षक के शासकीय आवास एसपी बंगले के समीप रहने वाले ठेकेदार सुरेंद्र राय की हत्या की। इसे उसके घर के अंदर घुसकर गोली मार दी गई थी। इतने माह बीत गये थे, मीडिया समेत नगर में इस कांड को लेकर तरह-तरह की अटकलों का बाजार गर्म हो चला था। रोज ही एक नये सभावित हत्यारे का नाम सामने आ रहा था। एसपी दर एसपी बदले पहले बीपी चंद्रवंशी थे तब तक मामला न जाने क्यो ठंडे बस्ते में रहा, अब एसपी आरपी सिंह का है, शायद उनकी कार्यप्रणाली से इस हत्याकांड का खुलासा हो सका है। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में बुलाई गई पत्रकारवार्ता मे 27 और 28 अक्टूबर 2014 की दरमियानी रात हुए गोलीकाड का खुलासा किया गया है। कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इसमें मृतक सुरेंद्र राय की पत्नि अर्चना राय,एक ढोंगी बाबा संजय नायक और उसके चेले निशीकात मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चलिए यह कोतवाली पुलिस की बड़ी सफलता कहा जा सकता है, इसके लिये वह प्रशंसा की हकदार है।
दूसरी घटना का जिक्र भी लाजमी होगा। घटना 20 जून की है जब समीपी औद्योगिक क्षेत्र भुरकल खापा में आरएच साल्वेंट प्लांट में करेली से आये तेल व्यवसायी के मुनीम से दिन दहाड़े हथियारबंद लुटेरो ने 7 लाख 71 हजार लूट लिये गये। पुलिस ने सक्रियता दिखाई और 4 मे से तीन आरोपी 24 जून को धर लिये गये, एक मास्टर माइंट फरार था जिसे रेलवे स्टेशन सिवनी से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी भागने की फिराक में था उसके कब्जे से लूट की रकम भी जप्त की गई है। चलिए इसे भी हम पुलिस की सफलता मान लेते हैं पर एक तथ्य अब भी नहीं खुल पाया है कि इतनी बड़ी लूट की योजना कहां किसके घर पर बनाई गई। सूत्रों की माने तो घटना की योजना आमाझिरिया के एक ड्रायवर के घर में बनाई गई थी। इस ड्रायवर के बारे में बताया जाता है कि वह पहले नगर के एक तथाकथित युवा (प्रौढ़) प्रतिष्ठित संभ्रात नागरिक का चोला ओढ़ बैठे व्यक्ति का ड्रायवर हुआ करता था। खैर इसके आगे की तहकीकात पुलिस का काम है, मीडिया सूत्रों से जानकारियां ही प्रकाशित कर सकता है। 
बहरहाल आखिर क्यों महानगरों की भांति संगठित अंजाम सिवनी जैसे छोटे नगरो मे दिये जा रहे है। इसे तो यह भी माना जा सकता है कि अब जिले की पुलिस का शिकंजा कमजोर हो चला है क्योंकि क्या कारण है जो अन्य शहरो के संगठित अपराधी सिवनी को अपराध की चारागाह मान बैठे हैं और बेखौफ हो तरह-तरह के अपराधो को अजाम दे रहे है।