राष्ट्र चंडिका (सोमेश चौरसिया) मंडला । जिले में कोरोना मरीज के एक साथ 18 नए मामले सामने आए हैं जिनमें 5 महिलाएं भी सम्मिलित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडला विकासखंड से 4, नारायणगंज से 2, मवई से 7, बिछिया विकासखंड से 1 तथा मोहगांव से 4 मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। नारायणगंज विकासखंड के अंतर्गत ग्राम मझगांव में 35 वर्षीय तथा ग्राम बम्हनी सेक्शन अमदरा ब्लॉक में 19 वर्षीय पुरूष, मंडला विकासखंड के अंतर्गत बुधवारी मंडला में 58 तथा 31 वर्षीय महिला, अम्बेडकर वार्ड में 75 वर्षीय पुरूष, सरदार पटैल वार्ड में 52 वर्षीय पुरूष, बिछिया विकासखंड के अंतर्गत ग्राम काटाझर में 36 वर्षीय पुरूष, मोहगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बोड़ासिल्ली में 18 वर्षीय 2, एक 16 तथा एक 19 वर्षीय पुरूष, मवई विकासखंड के अंतर्गत ग्राम लालपुर में 3 वर्षीय बालिका, ग्राम सहजपुरी में 22 वर्षीय महिला तथा 32 वर्षीय पुरूष, ग्राम बसनी में 24 वर्षीय पुरूष, ग्राम भांड़ा में 27 वर्षीय पुरूष, ग्राम मवई में 18 वर्षीय युवक तथा 24 वर्षीय महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव प्राप्त हुई है। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं कोरोना जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिलेवासियों से कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा के मानकों का पालन करने और सावधानी बरतने की अपील की है।
Sunday, 9 August 2020
युवा कांग्रेस ने किया आदिवासियों का सम्मान
राष्ट्र चंडिका (अमर नोरिया) नरसिंहपुर । विश्व आदिवासी दिवस पर युवा कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा अनुसूचित जनजाति आदिवासी भाईयों का सम्मान कर उनकों आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं गईं। इस अवसर पर युवा कांग्रेस नरसिंहपुर विधानसभा अध्यक्ष रोहित पटैल लोकसभा महासचिव अतुल चौरसिया, गौरव बक्शी, प्रदीप दुबे, अमित श्रीवास्तव, अभिषेक सोनी, विवेक सोनी आदि ने कहा कि देश की समृद्धि, संस्कृति, लोक परंपरा को बनाए रखने में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदारी के पयार्य आदिवासी समाज का देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकृति प्रेमी आदिवासी भाईयों के कारण ही हमारे जंगल और वन्य प्राणी सुरक्षित बने हुए हैं ।
कोरोना काल में वोट मांगने आने वाले नेताओं के लिये सवालों का काढ़ा ! मध्यप्रदेश के साथियों ने उपचुनाव के पहले जारी किया पर्चा
☆राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्र में फुटबॉल बना माझी जनजाति प्रकरण
राष्ट्र चंडिका अमर नोरिया. केंद्र और राज्य में अगर एक ही दल की सरकार बन जायेगी तो मध्यप्रदेश के माझियों को जनजाति की सुविधा का लाभ दिया जायेगा. यह वाक्य अक्सर माझी समाज के परिचय सम्मेलनों सहित अन्य माझी समाज के कार्यक्रमों में 2014 के पहले अक्सर मंचों पर सुनाई देता था, और समय का खेल देखिये जब 2014 में केंद्र की सत्ता में बीजेपी की सरकार बन गई तो यही बीजेपी जो मध्यप्रदेश के माझियों को जनजाति की सुविधाओं का लाभ दिए जाने की बातों को अपने विधानसभा चुनाव 2008 और 2013 के चुनावी घोषणा पत्र में जिसका जिक्र कर प्रदेश के माझी निषाद समाज के लोगों की वोट बटोरी और उनके हितेषी होने का भरोसा भी दिला चुकी थी वही बीजेपी 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान माझी की उपजातियों को जनजाति की सुविधाएं देने और आरक्षण का लाभ दिए जाने की जो बातें उसने पिछले 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में अंकित की जाती थी उसकी चर्चा वह 2014 में केंद्र की सत्ता में बीजेपी के सत्ताशीन होने के बाद मध्यप्रदेश में हुए 2018 के चुनाव के बाद करती ही नहीं है । ऐसे में यह कहा जा सकता है कि आखिर बीजेपी ने माझियों के साथ इतना बड़ा धोखा क्यों किया ? साथियों आने वाले समय में मध्यप्रदेश में 27 जगह पर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं गिनी चुनी सीटों की बात अगर हम छोड़ दें तो मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव में अधिकांश सीटों पर माझी समाज की जनसंख्या हजारों की संख्या में है । ऐसे में हम आने वाले विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के नेताओं से पूछें कि आखिर चुनावी घोषणापत्र में जो आपने 2008 व 2013 में केंद्र और प्रदेश में हमारी सरकार बन जाएगी तो हम मध्य प्रदेश के माझी जनजाति के जो लोग हैं उन्हें जनजाति की सुविधाएं देंगे वादा किया था उस वादे का क्या हुआ ? महत्वपूर्ण बात यह भी है कि कांग्रेस ने भी हमें हाशिये पर रखा और उसने भी विधानसभा चुनाव 2018 के अपने वचनपत्र में माझी की उपजातियों को जनजाति की सुविधाएं देने के मामले में सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही पर 15 महीने के शासनकाल में माझी प्रकरण पर कांग्रेस द्वारा सहानुभूति दिखाने जैसा कुछ नहीं दिखाई दिया ! अब हम पूरी राजनीतिक एकजुटता के साथ भाजपा व कांग्रेस से यह सवाल करने के लिये तैयार हो जायें माझी जनजाति के मामले में आपकी नीति क्या है ? जब पूरे देश को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी जा रही हो तो हम अपने सभी युवाओं से भी आग्रह करें की राजनीतिक वंशवाद भतीजावाद के इस दौर में अपने भविष्य के प्रति जागरूक होकर हमारे संवैधानिक हक और अधिकार से वंचित करने वालों के खिलाफ अपने अपने क्षेत्र के युवाओं सहित समग्र समाज को जागरूक करें तभी हम आर्थिक,सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त हो सकेंगे.


