Monday, 18 March 2019

फुलारा टोल नाका पर अभी भी जारी गुंडागर्दी *
 फुलारा टोल नाका बना लूट का अडडा*

राष्ट्र चंडिका  सिवनी। जिला मुख्यालय सिवनी से छिन्दवाडा रोड स्थित फुलारा टोल टैक्स नाके मे छोटे ओर बडे चार पहिया वाहनो के लिए अलग अलग रेट तय किये जाने के बाद भी इस टोल नाके मे कार्यरत कर्मचारियो द्वारा रंगदारी दिखाकर वाहन चालको से मनमानी रकम वसूली जा रही है किसी वाहन चालक या मालिक ने सवाल जवाव करना चाहा तो यहां के कर्मचारी ऐसे लोगो के साथ बदत्मीजी करने से बाज नही आ रहे है। सिवनी-छिंदवाडा सीमा पर फुलारा टोल नाका में सुविधाएं पूरी नहीं हैं। इसके बाद भी यहां पर पूरा टोल लिया जा रहा है। करीब साढे चार साल से संचालित इस टोल नाके की कई शिकायतें समाने आ चुकी हैं लेकिन एनएचएआई के अफसर मौन साधे हुए हैं। आरोप है कि प्रबंधन ने ऐसे कर्मचारियों को नियुक्त किया है जो कि अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। इतना ही नहीं गुडा प्रवत्ति के लोगों को शामिल कर लिया गया है। ऐसे में आए दिन यहां पर वाद विवाद की स्थिति बनते रहती है। पूर्व में यहां पर तोड़फोड़ की घटना हुई थी जिसमें कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। सबसे ज्यादा परेशानियां उन लोगों के साथ होती हैं जो लंबा सफर तय कर यहां पर रुककर प्रसाधन की सुविधा लेना चाहते हैं लेकिन बाद में यहां पर मनमानी का आलम देखकर वे भी लौट जाते हैं। नहीं है सुविधाएं टोल बूथ में शुद्घ पेयजल की सुविधा नहीं हैं। जबकि एनएचएआई में इसकी सुविधा का प्रावधान है। इसके अलावा प्रसाधन की सुविधा भी नाम मात्र की है जिसमें पानी भी नहीं रहता। कई बार इसको लेकर आपत्ती की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। किसी भी हादसे के दौरान टोल की क्रेन और एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंचती जबकि शासन की यह एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाती है। यह सिलसिला लंबे अर्से से चल रहा है। ज्ञात हो कि इस टोल नाके से थाने की दूरी भी अधिक हैं तो वहीं अस्पताल भी दूर है। ऐसे में टोल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वे सभी सुविधाएं मुहैया कराएं। टोल वूसली पूरी हाईवे में संचालित हो रहे फुलारा टोल नाके में अभी भी कई वाहनों से मनमर्जी से टोल लिया जाता है। इसमें खासकर बाहर के वाहनों से। वे विरोध नहीं कर पाते और न ही शिकायत कर पाते। वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन चालकों से भी मनमर्जी से टोल वसूला जाता है। इस पर भी एनएचएआई के अधिकारियों ने कोई जांच नहीं की। ऐसे में मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। पूर्व में भी जिले के जनप्रतिनिधियों ने फुलारा टोल प्लाजा में हो रही वसूली के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। लेकिन बाद में उन्होंने भी इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया जिससे यहां के कर्मी मनमाने ढंग से वसूली करने से नहीं चूक रहे हैं। जिससे यहां वाहन चालकों के साथ मारपीट होना आम हो गया है। अलोनिया व फुलारा में संचालित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टोल टैक्स प्लाजा में फास्टैग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग की इस सुविधा से लोग लाभान्वित होना चाहते है, लेकिन ठेकेदार ने आम लोगों को मिलने वाली इस सुविधा से वंचित कर रखा है जिसकी शिकायत एनएचएआई के अधिकारियों को की गई, लेकिन कार्यवाही करने की बजाय टोल प्लाजा ठेकेदारों को अधिकारियों ने संरक्षण दिया है जिसके चलते कै शलेस भुगतान दोनों टोल प्लाजा में नही हो रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब अलोनिया व फुलारा टोल प्लाजा में फास्टैग सुविधा हेतु नेटवर्क नहीं है तो एनएचएआईं द्वारा फास्टैग क्यों जारी हुए है।

No comments:

Post a Comment