Saturday, 30 March 2019

समृद्धि रेस्टोरेंट्स एंड स्विमिंग पूल वाटर पार्क की ग्रैंड ओपनिंग आज


राष्ट्र चंडिका सिवनी. डूंडा सिवनी में मंडला रोड स्थित नवनिर्मित समृद्धि रेस्टोरेंट एवं स्विमिंग पूल वाटर का भव्य शुभारंभ आज 31 मार्च दिन रविवार को भव्य आयोजन   होने जाा रहा है । समृद्धि मैरिज लॉन के संचालक  श्री रामदास सनोडिया एवं अमित सनोडिया के द्वारा संचालित किए जाने वाले इन दोनों ही नए प्रतिष्ठानों के शुभारंभ अवसर पर रविवार को 7:00 बजे से आमंत्रितजनो के लिए प्रीतिभोज का आयोजन भी किया गया है।

Thursday, 28 March 2019

 भारत को नंबर एक बनाने के लिए भूषण कुमार की पहल में शामिल हुई श्रद्धा कपूर! 

जल्द ही त्रिभाषी फिल्म 'साहो ’में नज़र आने वाली अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने भूषण कुमार की पहल की सराहना की है। श्रद्धा ने अपने देश भारत को नंबर एक बनाने के लिए भूषण कुमार की पहल के बारे में बताते हुए अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की है। हाल ही में, टी-सीरीज़ के प्रमुख भूषण कुमार ने देश के नागरिकों को दुनिया में भारत को सबसे ऊपर खड़ा करने के लिए एक भावनात्मक दलील की थी। भूषण कुमार को अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हुए श्रद्धा कपूर ने कहा,"Guys have you subscribed to the T series handle as yet, if you haven't please go and do that so that Bharat wins Youtube!". भूषण कुमार को समर्थन देने और उनकी पहल को आगे बढ़ाने के इस सफ़र में शामिल होने वाली श्रद्धा कपूर नवीनतम सेलिब्रिटी हैं। टी-सीरीज़ अब इंटरनेशनल यूट्यूबर पिउडाईपाई को हराकर दुनिया का नंबर एक यूट्यूब चैनल बन गया है। बिज़नेस में अग्रणी संगीत कंपनी होने के नाते, टी-सीरीज़ ने फिल्मों और गानों के साथ-साथ एल्बम के साथ भी अपने लिए जगह बना ली है। 13 मार्च 2006 को स्थापित किये गए इसमें 29 उप-चैनल, गाने और फिल्म ट्रेलर शामिल हैं। टी-सीरीज़ पिछले तीन दशकों से संगीत उद्योग का हिस्सा है, जिसके पास भाषाओं और शैलियों में संगीत की एक विस्तृत सूची है।

Sunday, 24 March 2019

 *नोटबुक ने आईएमडीबी की सबसे प्रत्याशित फिल्मों की सूची में बनाई जगह!*

इस शुक्रवार रिलीज होने वाली सलमान खान फिल्म्स की नोटबुक अभी से सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के लिए जबरदस्त उत्साह को देखते हुए, आईएमडीबी ने नोटबुक को सबसे प्रत्याशित फिल्म घोषित किया है। बॉलीवुड में दो नए चेहरों का परिचय देते हुए, नोटबुक के साथ ज़हीर इकबाल और प्रनूतन बॉलीवुड में अपनी शुरुआत कर रहे है। नवोदित कलाकारों की फ्रेश केमिस्ट्री फ़िल्म की रिलीज़ से पहले ही वाहवाही बटोर रही है जिसने दर्शकों को फ़िल्म के प्रति प्रत्याशित कर दिया है। सलमान खान फिल्म्स ने दर्शकों की जिज्ञासा से वाकिफ़ करवाते हुए आईएमडीबी सूची के परिणाम को सोशल मीडिया पर साझा किये है। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में फिल्माई गयी, नोटबुक नेशनल अवार्ड विजेता नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित है और इसे सलमान खान द्वारा प्रस्तुत किया गया है। फिल्म के साथ जहीर इकबाल और प्रनूतन बॉलीवुड में अपनी शुरुआत कर रहे है। कश्मीर की पृष्ठभूमि में स्थापित "नोटबुक" दर्शकों को एक रोमांटिक सफ़र पर ले जाएगी, जिसे देख कर आपके जहन में सवाल उमड़ पड़ेगा कि, क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ प्यार में पड़ सकते हैं जिससे आप कभी मिले नहीं है? नोटबुक को कश्मीर की खूबसूरत घाटियों में फ़िल्माया गया है, जिसमें दो प्रेमी फिरदौस और कबीर की प्रामाणिक प्रेम कहानी के साथ-साथ बाल कलाकारों की दमदार कास्टिंग देखने मिलेगी जो कहानी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म सलमान खान, मुराद खेतानी और अश्विन वर्दे द्वारा निर्मित है। फ़िल्म "नोटबुक" 29 मार्च, 2019 को रिलीज होने के लिए तैयार है।

Monday, 18 March 2019

ऋतिक रोशन ने अपने हकलाने की समस्या प
र खुल कर की बात!
ऋतिक रोशन जो अब स्क्रीन पर अपनी पंचलाइन बोलते हैं उसमे बहुत ही दम होता है , उन्होंने बड़ी बहादुरी के साथ अपने संघर्षों को बयां किया है, और यह स्वीकार किया है कि वह केवल स्पीच थेरेपी के जरिये ही अपने अभिनय आकांक्षाओं को पूरा कर सकते थे। एक अखबार में छपी में खबर के अनुसार, द इंडियन स्टैमरिंग एसोसिएशन (TISA)" का ब्रांड एंबेसडर बनने के लिए संपर्क किया गया था इसी सिलसिले में एसोसिएशन के नौ सदस्यों ने ऋतिक के साथ 15 मार्च को उनके निवास स्थान पर चर्चा की  । जहाँ यह  चर्चा 20 मिनट की होनी थी,  वह लगभग एक घंटे तक चली जहाँ अभिनेता ने खुलासा किया कि वह कैसे शीशे के सामने खड़े हो कर बात करने की प्रैक्टिस किया करते थे, अपनी आवाज रिकॉर्ड करते थे और गाना भी सीखते थे।  ऋतिक ने साझा करते हुए कहा ,"मैं हर दिन स्पीच पर काबू पाने के लिए अभ्यास करता हूं, मैं अभी भी कम से कम एक घंटे के लिए अभ्यासकरता हूं ताकि मैं माध्यमिक क्रियाएं जैसे कि झटके के साथ बोलने को नियंत्रित कर सकूं।" अभिनेता ने आगे कहा,"हकलाने की अस्वीकार्यता मेरे बचपन में न केवल परेशान करने वाली थी, बल्कि 2012 तक बनी रही, जब तक कि मैं फिल्म स्टार नहीं बन गया।" अपने करियर के शुरुआती वर्षों में, उन्हें कई स्क्रिप्ट को ना कहना पड़ा, जिनमें लंबे मोनोलॉग थे क्योंकि वे इसे बोलने में आश्वस्त नहीं थे। इस मुलाकात के दौरान, ऋतिक को एक वाक्य याद आया जब एक पुरस्कार प्राप्त करने के लिए वह दुबई जाने वाले थे। उस समय वह "दुबई" शब्द कहने के लिए संघर्ष कर रहे थे, और अपनी स्वीकृति भाषण को बोलने से पहले बार-बार अभ्यास किया था। अभिनेता ने स्वीकार करते हुए कहा,“मैंने अब अपने आप को एक स्लो स्पीकर के रूप में स्वीकार कर लिया था, कोई भी वाक्य जोर से बोलने से पहले मुझे अपने दिमाग में उसका अभ्यास करना पड़ता था। लंबे वक्त के लिए, मेरे लिए यह स्वीकार करना संघर्षपूर्ण था, लेकिन अब मैं ठीक हूं।" आगे कहते हुए कि सफलता 2012 में न्यूरो-लिंगुइस्तिक प्रोग्रामिंग (एनएलपी) के साथ आई, जिसने उन्हें इस समस्या से मुक्त कर दिया।  अभिनेता के निवास स्थान से जाने से पहले, TISA के सदस्यों ने उन्हें बैज और हैंड बैंड दिए, जबकि ऋतिक ने कहा कि वह सभी गतिविधियों के लिए अपना समर्थन देंगे, और कहा कि वह इस तरह की अन्य बातचीत के लिए समर्थन करेंगे। "हकलाना एक नाचीज समझे जाने वाली चुनौती है क्योंकि इसकी गंभीरता पर ज्यादा चर्चा नहीं की जाती है, यह गंभीर है क्योंकि यह एक इंसान के रूप में आपके आत्मविश्वास से संबंधित है,"  ऋतिक ने कहा।  
फुलारा टोल नाका पर अभी भी जारी गुंडागर्दी *
 फुलारा टोल नाका बना लूट का अडडा*

राष्ट्र चंडिका  सिवनी। जिला मुख्यालय सिवनी से छिन्दवाडा रोड स्थित फुलारा टोल टैक्स नाके मे छोटे ओर बडे चार पहिया वाहनो के लिए अलग अलग रेट तय किये जाने के बाद भी इस टोल नाके मे कार्यरत कर्मचारियो द्वारा रंगदारी दिखाकर वाहन चालको से मनमानी रकम वसूली जा रही है किसी वाहन चालक या मालिक ने सवाल जवाव करना चाहा तो यहां के कर्मचारी ऐसे लोगो के साथ बदत्मीजी करने से बाज नही आ रहे है। सिवनी-छिंदवाडा सीमा पर फुलारा टोल नाका में सुविधाएं पूरी नहीं हैं। इसके बाद भी यहां पर पूरा टोल लिया जा रहा है। करीब साढे चार साल से संचालित इस टोल नाके की कई शिकायतें समाने आ चुकी हैं लेकिन एनएचएआई के अफसर मौन साधे हुए हैं। आरोप है कि प्रबंधन ने ऐसे कर्मचारियों को नियुक्त किया है जो कि अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। इतना ही नहीं गुडा प्रवत्ति के लोगों को शामिल कर लिया गया है। ऐसे में आए दिन यहां पर वाद विवाद की स्थिति बनते रहती है। पूर्व में यहां पर तोड़फोड़ की घटना हुई थी जिसमें कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। सबसे ज्यादा परेशानियां उन लोगों के साथ होती हैं जो लंबा सफर तय कर यहां पर रुककर प्रसाधन की सुविधा लेना चाहते हैं लेकिन बाद में यहां पर मनमानी का आलम देखकर वे भी लौट जाते हैं। नहीं है सुविधाएं टोल बूथ में शुद्घ पेयजल की सुविधा नहीं हैं। जबकि एनएचएआई में इसकी सुविधा का प्रावधान है। इसके अलावा प्रसाधन की सुविधा भी नाम मात्र की है जिसमें पानी भी नहीं रहता। कई बार इसको लेकर आपत्ती की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। किसी भी हादसे के दौरान टोल की क्रेन और एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंचती जबकि शासन की यह एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाती है। यह सिलसिला लंबे अर्से से चल रहा है। ज्ञात हो कि इस टोल नाके से थाने की दूरी भी अधिक हैं तो वहीं अस्पताल भी दूर है। ऐसे में टोल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वे सभी सुविधाएं मुहैया कराएं। टोल वूसली पूरी हाईवे में संचालित हो रहे फुलारा टोल नाके में अभी भी कई वाहनों से मनमर्जी से टोल लिया जाता है। इसमें खासकर बाहर के वाहनों से। वे विरोध नहीं कर पाते और न ही शिकायत कर पाते। वहीं दूसरी ओर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन चालकों से भी मनमर्जी से टोल वसूला जाता है। इस पर भी एनएचएआई के अधिकारियों ने कोई जांच नहीं की। ऐसे में मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। पूर्व में भी जिले के जनप्रतिनिधियों ने फुलारा टोल प्लाजा में हो रही वसूली के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। लेकिन बाद में उन्होंने भी इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया जिससे यहां के कर्मी मनमाने ढंग से वसूली करने से नहीं चूक रहे हैं। जिससे यहां वाहन चालकों के साथ मारपीट होना आम हो गया है। अलोनिया व फुलारा में संचालित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टोल टैक्स प्लाजा में फास्टैग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विभाग की इस सुविधा से लोग लाभान्वित होना चाहते है, लेकिन ठेकेदार ने आम लोगों को मिलने वाली इस सुविधा से वंचित कर रखा है जिसकी शिकायत एनएचएआई के अधिकारियों को की गई, लेकिन कार्यवाही करने की बजाय टोल प्लाजा ठेकेदारों को अधिकारियों ने संरक्षण दिया है जिसके चलते कै शलेस भुगतान दोनों टोल प्लाजा में नही हो रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब अलोनिया व फुलारा टोल प्लाजा में फास्टैग सुविधा हेतु नेटवर्क नहीं है तो एनएचएआईं द्वारा फास्टैग क्यों जारी हुए है।

Saturday, 16 March 2019

नोटबुक के नए सॉन्ग "मैं तेरे" में सलमान खान बिखेरेंगे अपना जादू , टीज़र हुआ रिलीज!
नोटबुक के आगामी गीत "मैं तेरे" ने इंटरनेट पर हलचल पैदा कर दी है क्योंकि इस गाने को न सिर्फ़ सलमान खान ने अपनी आवाज़ दी है, बल्कि इस गाने को सलमान खान पर फ़िल्माया भी गया है। इस डबल बोनान्जा ने प्रशंसकों को उत्साहित कर दिया है। अपने पहले गानों के साथ धूम मचाने के बाद, सलमान खान अब अपने आगामी गीत के साथ एक बार फिर प्रशंसकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। निर्माताओं ने फिल्म के चौथे गाने का टीज़र रिलीज़ कर दिया है, जिसके बाद जनता के बीच उत्साह की एक लहर देखने मिल रही है। मनोज मुंतशिर द्वारा लिखित इस गाने को सलमान खान ने अपनी आवाज़ दी है और संगीत विशाल मिश्रा द्वारा रचित है। जब से सलमान खान ने दो नए कलाकार जहीर इकबाल और प्रनूतन द्वारा अभिनीत नोटबुक की घोषणा की है, फिल्म सुर्खियों में छाई हुई है। नोटबुक के निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर इस विशेष गाने की घोषणा करते हुए लिखा," This song just got more romantic! Stay tuned, the 4th song of #Notebook, #MainTaare coming in just 2 days. @BeingSalmanKhan @pranutanbahl @iamzahero @nitinrkakkar @Cine1Studios @muradkhetani @ashwinvarde @VishalMMishra @manojmuntashir @HaiderKhanMe @TSeries @ItsBhushanKumar". इससे पहले, प्रणुतन और ज़हीर इकबाल अभिनीत नोटबुक के तीन गीत नहीं लगदा, लैला और बुमरो को जनता द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।  सिर्फ आम लोगों को ही नहीं बल्कि गानों ने सेलेब्स को भी मंत्रमुग्ध कर दिया है। इससे पहले, सलमान खान ने एक भव्य लॉन्च में नोटबुक के ट्रेलर रिलीज किया था जिसे जनता जनार्दन द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। कश्मीर की पृष्ठभूमि में स्थापित "नोटबुक" दर्शकों को एक रोमांटिक सफ़र पर ले जाएगी, जिसे देख कर आपके जहन में सवाल उमड़ पड़ेगा कि, क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ प्यार में पड़ सकते हैं जिससे आप कभी मिले नहीं है? नोटबुक को कश्मीर की खूबसूरत घाटियों में फ़िल्माया गया है, जिसमें दो प्रेमी फिरदौस और कबीर की प्रामाणिक प्रेम कहानी के साथ-साथ बाल कलाकारों की दमदार कास्टिंग देखने मिलेगी जो कहानी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म सलमान खान, मुराद खेतानी और अश्विन वर्दे द्वारा निर्मित है। फ़िल्म "नोटबुक" 29 मार्च, 2019 को रिलीज होने के लिए तैयार है।  
वॉग यूएस के कवर पेज पर छाई दीपिका पादुकोण! 

 बॉलीवुड की लीडिंग लेडी दीपिका पादुकोण हर कदम पर नई ऊंचाइयों को छूने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। प्रतिष्ठित मैडम तुसाद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, दीपिका पादुकोण ने एवेंजर्स स्टार स्कारलेट जोहानसन और दक्षिण कोरियाई स्टार डोना बे के साथ वॉग कवर शेयर किया है। एक के बाद एक उपलब्धि हासिल करते हुए, दीपिका पादुकोण ने वैश्विक स्तर पर अपनी अनगिनत उपलब्धियों के साथ गहरी छाप छोड़ दी है। वॉग के अप्रैल एडिशन में शामिल हो कर दीपिका पादुकोण ने एक ओर सफलता अपने नाम कर ली है। फ्लोरल येलो ड्रेस और खूबसूरत हेडगेयर के साथ दीपिका पादुकोण बेहद आकर्षक नज़र आ रही है। दीपिका सिर्फ़ देश मे ही नहीं बल्कि विदेश में भी रेड कॉर्पेट पर अपने मोहक लुक के लिए प्रसिद्ध है। चाहे वो कांन्स से ओरिगेमी हॉट-पिंक लुक हो, फ्रिल्ली गाउन, हरे रंग की थाई-हाई स्लिट गाउन या फिर मेट गाला लुक, अभिनेत्री का हर स्टाइल मंत्रमुग्ध कर देने वाला रहा है। अनगिनत पुरस्कार अपने नाम करने वाली दीपिका पादुकोण ने इन वर्षों में कई मजबूत, शक्तिशाली, और स्वतंत्र किरदार दिए हैं और वह अब तक की सबसे अधिक सम्मानित अभिनेत्री में से एक है। अपनी पिछली फ़िल्म पद्मावत की जबरदस्त सफलता के बाद, दीपिका पादुकोण एक महिला एकल लीड के रूप में 300 करोड़ की फिल्म देने वाली पहली अभिनेत्री बन गईं है। सबसे खूबसूरत महिला, दीपिका पादुकोण वर्तमान में अपने प्रोडक्शन के पहले वेंचर के लिए तैयार हैं, जिसमें वह एक एसिड अटैक पीड़िता की भूमिका निभा रही है। अभिनेत्री का मानना है कि इस कहानी को बताने की जरूरत है और इस तरह के एक मजबूत, साहसी और स्वतंत्र महिला किरदार को सामने लाने के लिए अपने प्रोडक्शन को नियंत्रित किया है।  

Wednesday, 13 March 2019

ट्विटर ने पिउडाईपाई को दिया करारा जवाब, Mere Paas Maa Hai कर रहा है ट्रेंड! 

 पिछले कुछ दिनों से भूषण कुमार की टी-सीरीज़ और पिउडाईपाई के बीच चल रहा डिजिटल युद्ध अब एक चर्चा का विषय बन गया है। इस घमासान युद्ध में भूषण कुमार के समर्थन में जनता जनार्दन देशभक्ति में डूबी हुई नज़र आ रही है। यूट्यूब पर अधिकतम सब्सक्राइबर पाने की होड़ में,  टी-सीरीज़ और पिउडाईपाई सबसे ज़्यादा सब्सक्राइबर अपने नाम करने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। अपनी स्थिति पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए, पिउडाईपाई बेहद नीचे गिर कर इस भारतीय आंदोलन को अपमानित कर रहे है। लेकिन अंतर्राष्ट्रीय कॉमेडियन को करारा जवाब देते हुए, ट्विटर पर जनता ने हैशटैग Mere Paas Maa Hai के साथ उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है। यहाँ देखिए ट्विटर पर जनता का क्या कहना है : https://twitter.com/24carratgold001/status/1105729435834114048   https://twitter.com/iamKhushiparmar/status/1105719656369872896  https://twitter.com/Nageswaralways/status/1105729481753403394 https://twitter.com/SALAM_NAMSTE1/status/1105728255443648512 https://twitter.com/shalu604_19/status/1105724671234732037  जैसा कि अंतर्राष्ट्रीय हास्य कलाकार अपने चुटकुलों, विचारों और स्वतंत्रता का दावा करते हैं, ऐसे में पिउडाईपाई को माता शेरावली की शक्ति दर्शाते हुए भारतीय युवाओं ने #merepasMAAhai ट्रेंड करना शुरू कर दिया है। इससे पहले, भूषण कुमार ने भारत को नंबर एक बनाने की गुहार के साथ सभी भारतीयों से एक भावनात्मक वीडियो के जरिये ग़ुज़ारिश की थी। जिसके बाद, टी-सीरीज़ के मुख्या को मशहूर हस्तियों के साथ-साथ आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिला, परिणामस्वरूप सब्सक्राइबर की संख्या में इज़ाफ़ा देखने मिला। सलमान खान, अजय देवगन, कृति सेनन, अनिल कपूर, जॉन अब्राहम, दिशा पटानी सहित अन्य लोग भारत के एकीकरण में भूषण कुमार का साथ देते हुए नज़र आ रहे है। हर पल सब्सक्राइबर की संख्या में उतार-चढ़ाव के साथ, भूषण कुमार की टी-सीरीज़ और पिउडाईपाई एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे है। बिज़नेस में अग्रणी संगीत कंपनी होने के नाते, टी-सीरीज़ ने फिल्मों और गानों के साथ-साथ एल्बम के साथ भी अपने लिए जगह बना ली है। 13 मार्च 2006 को स्थापित किये गए इसमें 29 उप-चैनल, गाने और फिल्म ट्रेलर शामिल हैं।  

Tuesday, 12 March 2019


नवाज़ुद्दीन ने करिअर की शुरुवात में फोटोग्राफर के किरदार के लिए दिया था पहला ऑडिशन।  



रितेश बत्रा की फ़िल्म "फोटोग्राफ" इस महीने के मध्यम में रिलीज होने के लिए तैयार है। फ़िल्म के ट्रेलर, पोस्टर और अब तक रिलीज हुए कंटेंट ने फ़िल्म के प्रति दर्शकों की रुचि बढ़ा दी है। तो वही प्रशंसक सान्या और नवाज़ की जोड़ी को पहली बार एक साथ बड़े पर्दे पर देखने के लिए उत्सुक है।   आप को शायद ही पता होगा की नवाज़ ने उनके शुरवाती दिनों में बहुत छोटेबड़े किरदार निभाए थे , जिसके लिए कई बार ऑडिशन देना पड़ा कई बार सेलेक्ट हुए तो कई बार रिजेक्ट भी हुए। जब नवाज़ ने पहली बार किसी ऑडिशन के लिए फोटो खिचवाए और कई जगह उन्होंने वह फोटो भेजे थे।  वह फोटो देख कर नवाज़ को एक फोटोग्राफर के किरदार लिए बुलाया गया था, लेकिन उस समय नवाज़ का चयन उस फोटोग्राफर के किरदार के लिए नहीं हुआ था।  नवाज़ ने यह वाकया हालही में हुए एक इवेंट में बयां की किस तरह वह उनकी अच्छी फोटो के बदौलत ऑडिशन तक तो पहुंचे पर सेलेक्शन नहीं हुआ। दिलचस्प बात है की नवाज़ तब फोटोग्राफर बनते बनते रह गए थे लेकिन फिल्म फोटोग्राफ ने उन्हें रील लाइफ में फोटोग्राफर बना ही दिया।  मुम्बई की धारावी की पृष्ठभूमि में स्थापित फ़िल्म में नवाज़ एक फ़ोटोग्राफ़र का किरदार निभाते हुए नज़र आएंगे और सान्या मल्होत्रा फ़िल्म में एक अंतर्मुखी कॉलेज गर्ल की भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगी जो अपनी पढ़ाई में अव्वल है। पुरस्कार विजेता निर्देशक की इस आगामी फिल्म का प्रतिष्ठित सनडांस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया था और हाल ही में बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित की गई थी। रितेश बत्रा द्वारा लिखित और निर्देशित, फ़ोटोग्राफ़ को अमेज़ॅन स्टडियस द्वारा द मैच फैक्ट्री के साथ मिलकर प्रस्तुत किया गया है और यह फ़िल्म 15 मार्च 2019 को भारत में रिलीज़ होने के लिए तैयार है   

Monday, 11 March 2019

rashtra chandika News paper


  बी-टाउन के सितारे कृति सनोन, दिशा पटानी, राजकुमार राव, सोनाक्षी सिन्हा और अन्य सितारे भारत को नंबर एक बनाने के लिए आगे आये।  
 जब से भूषण कुमार ने लोगों से दुनिया का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल बनाने का आग्रह किया है, तभी से प्रशंसकों के साथ-साथ बॉलीवुड सेलेब्स ने भी भारत को नंबर एक बनाने के लिए अपना समर्थन देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसे एक ऐतिहासिक क्षण बनाने की अपील करते हुए भूषण कुमार ने कहा था, "नंबर 1 बनने की कगार पर एक भारतीय यूट्यूब चैनल है। हमें इस क्षेत्र में आने के लिए बहुत प्रयास करना पड़ा है। मेरे पिता श्री गुलशन कुमार के सपने को आगे लेकर जाते हुए , मैंने इस चैनल को शुरू किया और आज यह पूरे देश का है। यह हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। इसलिए आइए हम एक साथ आते हैं और टी-सीरीज़ यूट्यूब चैनल की सदस्यता लेते हैं और भारत को गौरवान्वित करते हैं। " वरुण धवन, अनिल कपूर, तुलसी कुमार, अरमान मलिक, मीका सिंह, गुरु रंधावा, अपारशक्ति खुराना जैसे सेलेब्स ने कुछ समय पहले अपना समर्थन दिया है , क्रीति कहती है , " दोस्तों,  टी-सीरीज़ दुनिया का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल बनने वाला है जो की बहुत बड़ी बात है , इसलिए, सभी को पहले बधाई हो, भूषण सर और इस अद्भुत उपलब्धि के लिए टी-सीरीज़ को बधाई  देती हु  ll 'जिसने अभी इसकी सदस्यता नहीं ली है, वह इसे जल्द से जल्द लेले। दिशा ने शेयर किया, "आप भारत को जीता सकते हैं! @TSeries की सदस्यता लें और इसे दुनिया का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल #BharatWinsYouTube बनायें! Http://bit.ly/TSeriesYouTube गुड लक @itsBhushanKumar ”। सोनाक्षी सिन्हा ने साझा किया, " मैंने टी-सीरीज़ के साथ बहुत काम किया है और टी सीरीज वास्तव में आश्चर्यजनक काम कर रहा है।   मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि आज टी-सीरीज़ दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले यूट्यूब चैनल बनने की कगार पर है, मैं उन्हें शुभकामना  देती हूं और बहुत ही अग्रिम बधाई मुझे पता है कि यह बहुत जल्द होगा। में चाहती हु की लोग जाएं और उनका अनुसरण करें और सुनिश्चित करें कि भारत की जीत हो। राजकुमार राव ने यह भी साझा किया, "यह जानना बेहद रोमांचक है कि @ टीसीरीज दुनिया का सबसे बड़ा युट्यूब चैनल बनने की कगार पर है! @itsBhushanKumar सभी सुनिश्चित करें और भारत को जीतने में सहयोग करे । #BharatWinsYouTube"। आदित्य रॉय कपूर ने साझा किया, "यह जानना बेहद रोमांचक है कि टी सीरीज़ दुनिया की सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल बनने की कगार पर है! बधाई हो भूषण कुमार!" सभी को #BharatWinsYouTube http://bit.ly/TSeriesYouTube सुनिश्चित करे और सदस्यता लें। नेहा कक्कड़ ने साझा किया, "यह जानना बेहद रोमांचक है कि @ tseries.official, दुनिया का सबसे बड़ा युट्यूब चैनल बनने की कगार पर है!  बधाई #BhushanKumar सर!" सभी को #BharatWinsYouTube # सुनिश्चित करे और जिताने के लिए सदस्यता लें।  जैज बी ने साझा किया, "आइए इतिहास बनाते हैं  http://bit.ly/TSeriesYouTube चैनल को सब्सक्राइब करते हैं।  पूरी टीम को अग्रिम बधाई  @itsBhushanKumar इतिहास बनाने के लिए"। बिज़नेस में अग्रणी संगीत कंपनी होने के नाते, टी-सीरीज़ ने फिल्मों और गानों के साथ-साथ एल्बम के साथ भी अपने लिए जगह बना ली है। 13 मार्च 2006 को स्थापित किये गए इसमें 29 उप-चैनल, गाने और फिल्म ट्रेलर शामिल हैं। टी-सीरीज़ पिछले तीन दशकों से संगीत उद्योग का हिस्सा है, जिसके पास भाषाओं और शैलियों में संगीत की एक विस्तृत सूची ह    

पत्रकारों की हो सूची अंकित, फर्जी पत्रकार हो पत्रकारिता से बाहर 

पत्रकारों की हो सूची अंकित, फर्जी पत्रकार हो पत्रकारिता से बाहर 
 

*वास्तविक पत्रकारों की सूची कोतवाली के साथ उच्चाधिकारियों व शासकीय कार्यालयों में भी होना चाहिये* *सूची में अखबार का नाम एवं पत्रकार का नाम व उनका मोबाइल नंबर भी अंकित होना चाहिए नाम सूची में अंकित किया जा सकें व फर्जी पत्रकार को पत्रकारिता के क्षेत्र से बाहर का रास्ता दिख सकें *   राष्ट्र चंडिका. शहर में फर्जी पत्रकारों की बढती तादात ने पत्रकारिता छवि को धूमिल कर दिया है। इसमें हैरानी का विषय यह है कि अपने आप को स्वंयभू पत्रकार घोषित करने वाले पत्रकारों की शैक्षिणता पर ही प्रश्रचिन्ह ही नही लग रहा ,अपितु इनकी कार्यशैली भी संदेह के घेरे में है। यह स्थिती बडी गम्भीर है ,क्योकि आगामी भविष्य में इसके दूरगामी नकारत्मक परिणाम से मीडिया गु्रप ही नही बल्कि प्रोफशनल पत्रकार भी अछूते नही रह पायेगे। वर्तमान स्थिती यह हो गई है कि नॉन-प्रोफशनल फर्जी पत्रकारों ने जनता को इस तरह से भ्रमित कर दिया है ,वह सही और गल्त का अनुमान ही नही लगा पा रहे है। उन्हे इस बात का अदांजा भी नही है कि वह इन फर्जी पत्रकारों के भम्रजाल में फसते जा रहे है। बिना पत्रकारिता डिग्री और अनुभवहीन यह पत्रकार अक्सर सर्वथ सभी जगह आसानी से देखे जा सकते है। फिर वह कोई सार्वजनिक मंच हों या फिर व्यक्तिगत कार्यक्रम अक्सर इनकी नकारत्मकता की छाप वहा आसानी से देखी जा सकती है। इसमें हास्यपद यह है कि इस तरह के फर्जी पत्रकार के वास्तिवक कार्य की बात की जाए तो यह नगण्य के समकक्ष है। सोशल मीडिय़ा और डिजिटल तकनीक का इनके द्वारा जमकर फायदा उठाया जा रहा है। इस माध्यम को इनके द्वारा बखूबी से इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों को भ्रमित कर सोशल मीडिया माध्यम को न्यूज पोर्टल के जरिए असवैधानिक तौर पर माईक आईडी इस्तेमाल कर जो मायाजाल इनके द्वारा फैलाया जा रहा है वह इलैक्ट्रोनिक मीडिया को भी शर्मशार कर रहा है। इसमें गजब यह है कि इन फर्जियों ने अब प्रिंट मीडिया में भी सेंध लगा दी है। बकायदा इसके लिए आरएनआइ(अखबार पंजीकरण संस्था भारत)में अखबार का पंजीकरण करवाकर अखबार के सपंादक और मालिक बन कर इनके द्वारा लोगों के समक्ष रौब गाठा जा रहा है। अखबार पंजीकरण प्रक्रिया की लचीली व्यवस्था का नतीजा है कि इस तरह के लोग भी अखबार पंजीकरण करवा रहे है। कुछ समय पूर्व इस तरह के फर्जीवाडे के रोकथाम के लिए यह बात सामने आई थी कि उन्ही लोगों का अखबार का पंजीकरण किया जाए जिन्हे अखबार मेंं 5 वर्ष का अनुभव हो और साथ ही कम से कम शिक्षा का स्तर स्नातक या फिर उसके समकक्ष हो। पर कोई नियम ना होने के चलते अखबार के रजिस्ट्रेशन आसानी से यह फर्जी पत्रकार करवा रहे है। इनकी कार्यशैली भी संशय के घेरे में रहती है क्योकि लोगों को जिस तरह से इन्होने भ्रमजाल में फंसाया हुआ है यह इसका फायदा उठाने से सभी नही चूक रहे है। सिवनी  में कोई भी इनसे अछूता नही है जिन्हे इन फर्जी पत्रकारों ने परेशान नही किया हो । अवैध कमाई का जरिया बना चुके पत्रकारिता को इनके द्वारा बदनाम किया जा रहा है। लोगों से अवैध वसूली कर रहे यह लोग पत्रकारिता के स्तर को निम्र करने में लगे हुए है। जिसका खामियाजा सही और प्रोफशनल पत्रकार भुगत रहे है। अब देखना यह है कि इस तरह के फर्जी पत्रकारों के जमावडे के रोकथाम के लिए क्या किया जा सकता है।           जब सही पत्रकार न्यूज को सही रुप से अपने कवरेज के साथ छापता है तो नेता और अधिकारी बुखलाये हुये देखे जाते है कारण कि वह हकीकत का सही पत्रकार होता है जिसकी लेखनी ही उसके कार्य को प्रदर्षित करती हैं और जब फर्जी पत्रकारों से इनकी बातचीत होती है तो वे फर्जी राहत की साँस दिला देते है। इसी प्रकार से पत्रकारिता के क्षेत्र में फर्जी पत्रकारों का हुजुम सिवनी नगर में अत्यधिक संख्या में देखा जा रहा है। नगर का प्रत्येक व्यक्ति अपनी गाडी पर प्रेस लिखवायें नजर आ रहा है। प्रेस का जिन्हें मतलब ही नहीं पता है कि क्या है ये प्रेस। कुछ इस तरह के लोगों के पास न तो प्रेस का कोई प्रूफ है और न ही कोई कार्ड, फिर भी ये प्रेस लिखी गाडियाँ दौडा रहे है।  निम्न कारण देतें हुए बताया गया कि वास्तविक पत्रकारों की सूची कोतवाली के साथ उच्चाधिकारियों के पास भी होना चाहिये कि जिससे सही पत्रकार कि पहचान कर उनका नाम सूची में अंकित किया जा सकें व फर्जी पत्रकार को पत्रकारिता के क्षेत्र से बाहर का रास्ता दिख सकें। इसके  साथ ही कैसे फर्जी पत्रकारों पर शिकंजा कसा जाना चाहिये इसपर भी वरिष्ठ नागरिको व नगरवासियों के माध्यम से इस पर चर्चा की गयी।इससे पहले भी उच्चाधिकारियों को उक्त कारणवश अवगत करवाया जा चुका है। इसमें कुछ तो पत्रकार ऐसे भी है जिनके पास न तो कोई भी न्यूज पेपर व न्यूज़ चैनल है और न ही कोई प्रेस का कार्ड और अपने आपको पत्रकार बताते है। अधिकारियों व जनता पर अपना रुआब बराबर दिखाते दिखलाई देते है। इसपर आला-अधिकारियों का ध्यान आक्रष्ट नही हुआ है कि असली पत्रकार है।  

*मिका सिंह, गुरु रंधावा, अपारशक्ति खुराना और रमित संधू भारत को नंबर वन बनाने के लिए भूषण कुमार के समर्थन में आये आगे!*


 देश के प्रमुख गायक मीका सिंह, गुरु रंधावा, भूषण कुमार द्वारा टी-सीरीज को दुनिया भर में भारत का नंबर एक यूट्यूब चैनल बनाने के मकसद से उनके समर्थन में आगे आये है। मीका सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर भारत को नंबर एक बनाने के प्रति अपना समर्थन करते हुए लिखा, "आप पर गर्व है भाजी :) :) आपके पास आपके पिता का आशीर्वाद है, जो @TSeries के निर्माता हैं जिन्होंने इतने सारे गायकों को मौका दिया है। आप अब वही कर रहे हैं, नई प्रतिभाओं के साथ अच्छे संगीत को बढ़ावा दे रहे हैं। भगवान आपका भला करे। इसमें कोई शक नहीं कि @TSeries चैनल दुनिया भर में नंबर 1 है। जय माता दी " गुरु रंधावा ने भी ट्वीट किया,"चलिए यह कर दिखाते है। भारत http://YouTube.com/tseries पर जाएं और सब्सक्राइब करें " जहां भारतीय कलाकार टी-सीरीज को नंबर वन बनाने के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं, वहीं रमीत संधू जैसे एनआरआई कलाकार ने भी इस पर अपना समर्थन जाहिर करते हुए ट्वीट,"यह जान कर बेहद रोमांचक महसूस हो रहा है कि @ tseries.official, दुनिया का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल बनने की राह पर है! बधाई हो! @itsBhushanKumar आपको यह दिखाने के लिए इंतजार नहीं कर सकते हैं कि इस साल रिलीज होने के लिए क्या तैयार है 🏼" वरुण धवन और अनिल कपूर के बाद अब अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने ट्वीट करते हुए लिखा,"आप भारत को जीत दिला सकते हैं! @TSeries YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें और इसे दुनिया का सबसे बड़ा बनाने में मदद करें। गुड लक @itsBhushanKumar यह जानकर बेहद रोमांचक महसूस हो रहा है कि @ Tseries, दुनिया का सबसे बड़ा यूट्यूब चैनल बनने की कगार पर है! चलो सभी #BharatWinsYouTube यह सुनिश्चित करने के लिए इसे सब्सक्राइब करें।" बिज़नेस में अग्रणी संगीत कंपनी होने के नाते, टी-सीरीज़ ने फिल्मों और गानों के साथ-साथ एल्बम के साथ भी अपने लिए जगह बना ली है। 13 मार्च 2006 को स्थापित किये गए इसमें 29 उप-चैनल, गाने और फिल्म ट्रेलर शामिल हैं। टी-सीरीज़ पिछले तीन दशकों से संगीत उद्योग का हिस्सा है, जिसके पास भाषाओं और शैलियों में संगीत की एक विस्तृत सूची है।

राजामौली की आगामी फिल्म आरआरआर के प्री प्रोडक्शन में लगेगा एक साल वक़्त, 2020 में रिलीज होगी फ़िल्म! 


राजामौली की आगामी फिल्म आरआरआर के प्री प्रोडक्शन में लगेगा एक साल वक़्त, 2020 में रिलीज होगी फ़िल्म! 

बाहुबली के निर्देशक एसएस राजामौली ने अपनी आगामी मेगा फिल्म आरआरआर के प्रति अभी से दर्शकों को प्रत्याशित कर दिया है। युवा टाइगर एनटीआर और मेगा पॉवरस्टार राम चरण अभिनीत, आरआरआर बहुचर्चित फ़िल्म में से एक है। राजामौली जो अपनी दमदार कहानियों को ले कर प्रसिद्ध है वह लम्बे प्री प्रोडक्शन समय के लिए भी जाने जाते है। बाहुबली की श्रृंखला को 5 वर्षों की अवधि में बनाया गया था लेकिन इसके प्री प्रोडक्शन में 1.5 साल का समय निवेश किया गया था। अपनी इसी परंपरा को जारी रखते हुए, राजामौली ने अपनी आगामी फिल्म आरआरआर में 1 साल के प्री-प्रोडक्शन समय का निवेश किया हैं, जिसे 2020 में रिलीज़ किया जाएगा। हार्वर्ड इंडियन कॉन्फ्रेंस में राजामौली ने कहा था कि आरआरआर एक और पैन-इंडियन फिल्म है जो दर्शकों का मनोरंजन करते हुए नज़र आएगी। बाहुबली फ्रैंचाइज़ी की भारी सफलता के बाद, एसएस राजामौली एक और बहुभाषी फिल्म बना रहे हैं, जिसे राष्ट्रीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इस फिल्म के साथ, निर्माता एसएस राजामौली की आखिरी फ़िल्म 'बाहुबली: द कन्क्लूजन' की भव्यता को पार करते हुए एक अद्भुत सिनेमाई अनुभव प्रस्तुत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।  फिल्म के डायलॉग साईं माधव बुर्रा और मदन कार्की द्वारा लिखे गए हैं और एडिटिंग राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म एडिटर श्रीकर प्रसाद द्वारा किया जाएगा। एसएस राजामौली की इस फिल्म में उनकी ड्रीम टीम एक बार फिर एक साथ काम करते हुए नज़र आएगी जो इससे पहले बाहुबली सीरीज़ में एक साथ काम कर चुके है। इस टीम में विजयेंद्र प्रसाद जैसे नामी-गिरामी नाम शामिल हैं जिन्होंने कहानी लिखी है, कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर रामा राजामौली, वीएफएक्स सुपरवाइज़र वी श्रीनिवास मोहन, एमएम केरावनी का म्यूजिक, साबू सिरिल द्वारा प्रोडक्शन डिज़ाइन और केके सेंथिल कुमार द्वारा सिनेमेटोग्राफ़ी को अंजाम दिया जा रहा है। डी पार्वती द्वारा प्रस्तुत, इस फिल्म को डीवीवी एंटरटेनमेंट बैनर के तले बनाया जाएग, डीवीवी दानय्या के साथ स्क्रीनप्ले और एस.एस. राजामौली द्वारा निर्देशित किया जाएगा।

Saturday, 9 March 2019

ट्रांसफर उधोग में तब्दील हुई कांग्रेस सरकार, विज्ञापनों की भी लगी होड़। 

   





ट्रांसफर उधोग में तब्दील हुई कांग्रेस सरकार, विज्ञापनों की भी लगी होड़। 
 राष्ट्र चंडिका ( अखिलेश दुबे की विशेष रिपोर्ट): प्रदेश में बैठी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पुनः अपने पारंपरिक अंदाज में नजर आने लगी है। लोकसभा चुनावों के ठीक पहले थोक के भाव से स्थानांतरण किये जा रहे है। बताया जाता है कि आधे तो अपने हिसाब के अधिकारियों को सेट किया जा रहा है और आधो को ले देकर वापस बुला लिया जाएगा। कांग्रेस की पूर्व सरकारों में ऐसा ही होते आया है। वैसे यहां ये बताना भी आवश्यक है कि कांग्रेस कल्चर में ” भय बिन होये न प्रीत” का नियम सर्वमान्य है। पहले डराओ और फिर अपने काम निकालो। इसके पूर्व की सरकार में कई सालों से जमे ऐसे किसी भी अधिकारी, कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं हुआ था। जानकारी के अनुसार शहर में नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत, आरईएस, सिंचाई, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि विभाग आदि में अधिकारी, कर्मचारी सालों से जमे हुए हैं। इनमें कई अधिकारी, कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें पांच साल से अधिक समय हो गया है तो कई ऐसे भी हैं जो दस साल बाद भी उसी जगह पर जमे हुए हैं। नियमानुसार देखा जाए तो तीन वर्ष बाद अधिकारी, कर्मचारी का स्थानांतरण कर दिया जाता है। एक तरफ जहां कई विभागों में अधिकारी एक वर्ष भी नहीं रहते। शहर के इन विभागों पर मानों शासन का ध्यान ही नहीं है, जिसके चलते उक्त विभागों में अधिकारी, कर्मचारी 5 से 10 सालों के बाद भी नहीं हटे हैं। यहां नियमानुसार थोक में इनके तबादले हो सकते है। इसके लिए प्रशासन को तीन साल में स्थानांतरण किए जाने वाले नियम के तहत कार्रवाई करना होगी, तभी यह संभव हो सकता है। पर यहां नियम कम कार्यकर्ता प्रथम आ रहा है, जो ब्लॉक कांग्रेस चाह रही है वो हो रहा है। कई ऐसे भी कांग्रेसमेन है जो चुनाव में पहले तक फूल छाप कांग्रेसी थे अब कलफ वाले कुर्ते में माहौल लूट रहे है। चरण वंदना पहले भाजपा में लागू थी पर कांग्रेस उससे चार कदम आगे नजर आ रही है। यहां हैरत वाली बात ये है कि ये सब कमलनाथ की आंखों के सामने से हो रहा है और वे मुकदर्शक बने हुए है। यहां उलेखनीय होगा कि विज्ञापन के मामलों में भी भाजपा को चारों खाने चित करने में जुटे है कांग्रेसी विधायक औऱ मंत्री। जहां तहां फ्लेक्स वॉर छिड़ी हुई है आपस मे विज्ञापनो को लेकर मारकाट देखने को मिल रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो भाजपा पुनः अपने मूल वोटरों को आकर्षित कर इस कमलनाथ सरकार को किनारे लगा देगी।