कर्मचारियों की धौंस से चलता है
सोहाने पेट्रोल पंप
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं शासकीय बस स्टैण्ड से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आना जाना लगा रहता है और यह पेट्रोल पंप बस स्टैण्ड के बाजू में होने से दोनों दिशाओं से आने वाले वाहन टकराने की संभावना बनी रहती है।
नहीं रहती चिकित्सा व्यवस्था
नियमानुसार किसी भी पेट्रोल पंप में दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार की व्यवस्था होना चाहिए लेकिन सोहाने पेट्रोल पंप नियमों को ताक में रख इस नियम का उल्लंघन कर रहा है। आने वाले ग्राहकों के लिए यहां पर पेयजल की भी व्यवस्था ना होने से लोग परेशान देखे जाते हैं।
चिल्हर के नाम पर कालाबाजारी
जब से नोटबंदी के आदेश हुए हैं तब से ग्राहकों से चिल्हर नोट के नाम पर दबाव बनाया जाता है लोगों से एकत्र चिल्लर आखिर कहां जा रही है यह सवाल जनता आज जिला प्रशासन से पूछना चाहती है जबकि बैंको ने स्पश्ट निर्देश दिये हें कि पेट्रोल पंप में 500-1000 के नोट लिये जायेंगे लेकिन यहां पर 500 व 1000 के नोट के नाम पर पेट्रोल डालने का दबाव डाला जाता है।
नगर के सरकारी बस स्टैंड, के बाजू मे पेट्रोल पंप संचालित है। यहां रोजाना हजारों की संख्या में दो पहिया व चार पहिया वाहन चालक पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए आते हैं। प्रत्येक पेट्रोल पंप पर आने वाले ग्राहकों के लिए नियमत: कुछ नि:शुल्क सेवाएं रखना आवश्यक है। इसके साथ ही हवा भरने की मशीन अनिवार्य रूप से रखना है, लेकिन अधिकांश पेट्रोल पंप में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही पंप में पेयजल व शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। पेट्रोल पंपों में सुविधा के अभाव के चलते वाहनधारियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वर्दी भी नहीं पहनते कर्मचारी
पेट्रोल पंपों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को वर्दी पहनना अनिवार्य रहता है, लेकिन जिले के कुछ पेट्रोल पंपों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश पेट्रोल पंपों में कार्यरत कर्मचारी वर्दी भी नहीं पहनते। कर्मचारी कंपनी की वर्दी में नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में कार्य करते हैं जो नियम विरूद्ध है।
कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार
अक्सर यहां के कर्मचारियों द्वारा आने वाले उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। पुलिस में शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही इन पर नहीं की जाती ऐसा अनेक उपभोक्ताओं का कहना है जिससे यह प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन सोहाने पेट्रोल पंप को नहीं हटाने के पीछे कोई रहस्य छिपा है। जब शहर को सुंदर बनाने के लिये अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गयी तो फिर इस पेट्रोल पंप को इस कार्रवाही से क्यों वंचित रखा गया।
मशीन है, कर्मचारी नहीं
नहीं होती नियमित जांच
जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों में मिलावट कर पेट्रोल व डीजल बेचे जाने की अनेक शिकायत मिलने के बाद भी खाद्य विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं पेट्रोल पंपों में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है जिसका निरीक्षण भी नहीं किया जाता। लोगों ने बताया कि मिलावट की जांच के लिए फिल्टर पेपर मांगने के बाद भी पंप संचालक उपलब्ध नहीं कराते, जबकि नियमानुसार ग्राहक को संदेह होने पर यह पेपर दिया जाना चाहिए। पेट्रोल पंपों में सुविधाओं की जांच के लिए खाद्य विभाग तो है, लेकिन केवल खानापूर्ति के लिए। विभाग की ओर से पेट्रोल पंपों का सतत निरीक्षण नहीं किया जाता, जिसके चलते पंप संचालकों के हौसलें बुलंद है।
शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों में वाहन चालकों को घंटो लाइन लगानी पड़ती है। पेट्रोल पंप में पेट्रोल और डीजल के लिए कई मशीन तो है, लेकिन कर्मचारी के अभाव में केवल एक या दो ही पंप से पेट्रोल दिया जाता है।
सोहाने पेट्रोल पंप
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं शासकीय बस स्टैण्ड से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आना जाना लगा रहता है और यह पेट्रोल पंप बस स्टैण्ड के बाजू में होने से दोनों दिशाओं से आने वाले वाहन टकराने की संभावना बनी रहती है।
नहीं रहती चिकित्सा व्यवस्था
नियमानुसार किसी भी पेट्रोल पंप में दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार की व्यवस्था होना चाहिए लेकिन सोहाने पेट्रोल पंप नियमों को ताक में रख इस नियम का उल्लंघन कर रहा है। आने वाले ग्राहकों के लिए यहां पर पेयजल की भी व्यवस्था ना होने से लोग परेशान देखे जाते हैं।
चिल्हर के नाम पर कालाबाजारीजब से नोटबंदी के आदेश हुए हैं तब से ग्राहकों से चिल्हर नोट के नाम पर दबाव बनाया जाता है लोगों से एकत्र चिल्लर आखिर कहां जा रही है यह सवाल जनता आज जिला प्रशासन से पूछना चाहती है जबकि बैंको ने स्पश्ट निर्देश दिये हें कि पेट्रोल पंप में 500-1000 के नोट लिये जायेंगे लेकिन यहां पर 500 व 1000 के नोट के नाम पर पेट्रोल डालने का दबाव डाला जाता है।
नगर के सरकारी बस स्टैंड, के बाजू मे पेट्रोल पंप संचालित है। यहां रोजाना हजारों की संख्या में दो पहिया व चार पहिया वाहन चालक पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए आते हैं। प्रत्येक पेट्रोल पंप पर आने वाले ग्राहकों के लिए नियमत: कुछ नि:शुल्क सेवाएं रखना आवश्यक है। इसके साथ ही हवा भरने की मशीन अनिवार्य रूप से रखना है, लेकिन अधिकांश पेट्रोल पंप में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही पंप में पेयजल व शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। पेट्रोल पंपों में सुविधा के अभाव के चलते वाहनधारियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वर्दी भी नहीं पहनते कर्मचारी
पेट्रोल पंपों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को वर्दी पहनना अनिवार्य रहता है, लेकिन जिले के कुछ पेट्रोल पंपों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश पेट्रोल पंपों में कार्यरत कर्मचारी वर्दी भी नहीं पहनते। कर्मचारी कंपनी की वर्दी में नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में कार्य करते हैं जो नियम विरूद्ध है।
कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार
अक्सर यहां के कर्मचारियों द्वारा आने वाले उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। पुलिस में शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही इन पर नहीं की जाती ऐसा अनेक उपभोक्ताओं का कहना है जिससे यह प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन सोहाने पेट्रोल पंप को नहीं हटाने के पीछे कोई रहस्य छिपा है। जब शहर को सुंदर बनाने के लिये अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गयी तो फिर इस पेट्रोल पंप को इस कार्रवाही से क्यों वंचित रखा गया।
मशीन है, कर्मचारी नहीं
नहीं होती नियमित जांच
जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों में मिलावट कर पेट्रोल व डीजल बेचे जाने की अनेक शिकायत मिलने के बाद भी खाद्य विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं पेट्रोल पंपों में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है जिसका निरीक्षण भी नहीं किया जाता। लोगों ने बताया कि मिलावट की जांच के लिए फिल्टर पेपर मांगने के बाद भी पंप संचालक उपलब्ध नहीं कराते, जबकि नियमानुसार ग्राहक को संदेह होने पर यह पेपर दिया जाना चाहिए। पेट्रोल पंपों में सुविधाओं की जांच के लिए खाद्य विभाग तो है, लेकिन केवल खानापूर्ति के लिए। विभाग की ओर से पेट्रोल पंपों का सतत निरीक्षण नहीं किया जाता, जिसके चलते पंप संचालकों के हौसलें बुलंद है।
शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों में वाहन चालकों को घंटो लाइन लगानी पड़ती है। पेट्रोल पंप में पेट्रोल और डीजल के लिए कई मशीन तो है, लेकिन कर्मचारी के अभाव में केवल एक या दो ही पंप से पेट्रोल दिया जाता है।
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