Wednesday, 28 April 2021

7 मई तक कोरोना कर्फ्यू का करायें कड़ाई से पालन: मुख्यमंत्री

 

राष्ट्र चंडिका भोपाल। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने से ही कोरोना पर विजय पाई जा सकती है। प्रदेश एक्टिव केसेस में देश में 7 वें नंबर से बेहतर स्थिति में होकर 11 वें नंबर पर आ गया है। परंतु कोरोना का स्वरूप कब क्या रूप ले ले इसलिए हमें संभलकर चलना होगा। मुख्यमंत्री चौहान कोरोना नियंत्रण के संबंध में आज कोविड प्रभारी मंत्रियों, कमिश्नर, कलेक्टर्स, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं जिले में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से वर्चुअली चर्चा कर रहे थे।

रणनीति-सभी मरीजों की सेम्पलिंग, टेस्टिंग और 24 घंटे में रिपोर्ट।होम आइसोलेशन की नियमित मॉनिटरिंग।कोविड केयर सेंटर की स्थापना और संचालन।अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन, इंजेक्शन और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता।अधिक से अधिक लोगों का कोविड टीकाकरण।कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन।रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के उपाय।जन-जागरूकता, किल कोरोना अभियान।

पॉजिटिव मरीजों की दर घटी- रिकवरी रेट में वृद्धि

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की दर लगातार घट रही है। मंगलवार को यह दर 22.76 प्रतिशत थी। जो आज घटकर कर 21.71 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हुई है। प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। गत 23 अप्रैल को रिकवरी दर 80.41 प्रतिशत थी जो बढ़कर 81.75 प्रतिशत हो गयी है। इसके साथ रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो कल तक कुल 11 हजार 577 थी। आज 14 हजार 156 हो गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के एक्टिव प्रकरण में आज पहली बार कमी देखने को मिली है। कल तक 94 हजार 276 एक्टिव प्रकरण थे, जो आज घटकर 92 हजार 773 हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के छिंदवाड़ा, शाजापुर, पन्ना, आगर-मालवा, उमरिया, कटनी, अनूपपुर, गुना, देवास एवं बड़वानी ऐसे 10 जिले हैं जहाँ प्रतिदिन नए पॉजिटिव केसों में कमी आई है।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में नए पॉजिटिव केस निरंतर बढ़ रहे हैं। प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में इन केसों में निरंतर वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी जिलों में ऑक्सीजन और इंजेक्शन का आवश्यकतानुसार वितरण किया जा सके।

कोरोना कर्फ्यू का करायें कड़ाई से पालन-मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रभारी अधिकारियों से कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने में सबसे ज्यादा कारगर उपाय कोरोना कर्फ्यू है। जनता को प्रेरित कर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जनता कर्फ्यू कोई लॉकडाउन नहीं है, जनता द्वारा स्वयं संक्रमण से सुरक्षा के लिए लिया गया निर्णय है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतें, अपने गाँवों में कोरोना कर्फ्यू लगाने का स्वयं संकल्प ले चुकी हैं।

लक्ष्य-किसी भी कीमत पर संक्रमण की चेन तोड़ना।जिलों में पॉजिटिवटी दर को तेजी से घटाना।जहाँ-जहाँ संक्रमण अधिक है, वहाँ माइक्रो कन्टेनमेंट एरिया बनाना। होम आइसोलेशन और कोविड केयर सेंटर में ही लोगों को स्वस्थ करना। कोरोना कर्फ्यू में सख्ती बढ़ाकर लोगों का अनावश्यक मूवमेंट बंद करना। किल कोरोना अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन कर हर संभावित मरीज की पहचान।अस्पताल में बेड्स, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि। किल कोरोना-2 अभियान को दें प्राथमिकता 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिलों के जिन क्षेत्रों में संक्रमण दर अधिक है वहाँ किल कोरोना अभियान-2 चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत रीवा, सीहोर, सतना, रायसेन, दतिया, अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, नरसिंहपुर और श्योपुर आदि जिले हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में माइक्रो कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित कर संक्रमण को वहीं रोक दें। सर्वे में संभावित मरीजों को तत्काल मेडिकल किट एवं सावधानी संबंधी ब्रोशर उपलब्ध करावाकर होम आईसोलेट कराये।

होम आइसोलेशन एवं कोविड सेंटर्स हों सक्रीय-मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आज तक 69 हजार मरीज होम आईसोलेटेड हैं। प्रयास यह होना चाहिए कि मरीजों को अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़े। वे होम आईसोलेशन में ही ठीक हो जायें। होम क्वारेन्टाइन एवं कोविड केयर सेंटर में मरीजों की देखभाल के लिए उनसे सतत संवाद रखें। जिन क्षेत्रों में संक्रमण केस अधिक आ रहे हैं, वहाँ माइक्रो प्लानिंग कर माइक्रो कन्टेन्मेंट एरिया बनायें। नए केस नहीं बढ़ने देना है, जहाँ कोरोना हो वहीं उसे खतम करें।

रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं ऑक्सीजन की आपूर्ति-मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कराये। अनावश्यक रूप से इंजेक्शन की माँग पर अंकुश लगायें। इंजेक्शन उसे मिले जिसे जरूरत हो और उतना जितनी आवश्यकता हो। सप्लाई एवं वितरण की अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की प्रवृति जिले नहीं रखें। जितनी आवश्यकता हो उतना ही माँग रखें।

सभी संभाग में बनेगा बड़ा ऑक्सीजन प्लाँट-मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक संभाग में अधिकतम 6 माह में एक-एक बड़ा ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाये। उसके लिए स्थान सुनिश्चित करें। पीथमपुर में पुराने गैस प्लांट को सुधारा गया है, जिससे 30 से 32 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्राप्त होगी। मालनपुर में भी ऐसे ही प्रयास किये गये हैं। बीना रिफायनरी में ऑक्सीजन तो है परंतु उसे टैंकर में नहीं भरा जा सकता है अत: वहीं पर हॉस्पिटल निर्माण काराया जा रहा है। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए हम रेल, सड़क और वायु मार्ग से जरूरी ऑक्सीजन प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही भारत सरकार के साथ समन्वय कर आपूर्ति के प्रयास जारी हैं।



Tuesday, 27 April 2021

18+ भी कर पाएंगे रजिस्ट्रेशन, 31 दिसंबर 2003 से पहले जन्मे सभी लोग है पात्र यहाँ जाने : Vaccine के लिए Online Registration Process

 

राष्ट्र चंडिका भोपाल ,सम्पूर्ण देश में 1 मई 2021 से वैक्सीनेशन शुरू हो जायेगा यदि हम बात करें मध्यप्रदेश की तो मध्य प्रदेश में 18 से 45 साल के बीच के करीब 3.41 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगनी है जिसके लिए रजिस्ट्रेशन आज 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगा फ़िलहाल मध्य प्रदेश सरकार के पास वैक्सीन के 4 लाख 70 हजार लाख डोज ही बचे हैं हालाँकि मध्य प्रदेश सरकार ने 45 लाख वैक्सीन के डोज के लिए सीरम इंस्टीट्यूट को आर्डर किया है। हालाँकि इन सबके बीच चुनौती तो यह है कि 18 से 45 साल के बीच के करीब 3.41 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगनी है

खैर अब बात करते है रजिस्ट्रेशन के बारे में इस बार कोरोना वायरस की वैक्सीनेशन लगवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) को रिक्वायर्ड क्र दिया है यानी आपको वैक्सीन के लिए पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना ही होगा अब आप वैक्सीनेशन सेंटर पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा नहीं ले पाएंगे. आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मैसेज आने पर वैक्सीन लगाने सेंटर पर जाना होगा।
31 दिसंबर 2003 से पहले जन्म लेने वाला होगा पात्र
भारत सरकार ने 1 मई 2021 से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाना तय किया है। इसके लिए 31 दिसंबर 2003 की तारीख तय की गई है। यानी आपका जन्म इस तारीख को या इससे पहले हुआ है तो आप वैक्सीन लगा सकेंगे।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अत्यधिक सरल है. बस आपको अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में https://selfregistration.cowin.gov.in/ ओपन करना होगा . यह लिंक ओपन करने के बाद आपको सब कुछ आसानी से समझ आजायेगा. लिंक ओपन होने के बाद आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा , OTP दर्ज करना होगा फिर आपको अपनी जानकारी भरनी होगी. जानकारी देने के बाद आपको अपना वैक्सीन लगवाने के लिए दिखाई दे रहा केंद्र चुनना होगा. इसके साथ ही आप अपना समय और दिन भी पहले से चुन सकते है. एक मोबाइल फोन से अधिकतम चार लोग वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
यहाँ एक मार्गदर्शिका है जो आपको अपने बड़ों को COWIN पोर्टल का उपयोग करके टीका लगाने में मदद करेगी! पंजीकरण करने के लिए, यात्रा – www.cowin.gov.in। 
चरण 1: एक वैध मोबाइल नंबर दर्ज करें और “गेट ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड)” बटन पर क्लिक करें।एसएमएस के जरिए फोन नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
चरण 2: एक बार जब आप ओटीपी दर्ज कर लेते हैं, तो VERIFY बटन पर क्लिक करें। एक बार सत्यापन हो जाने के बाद, एक पंजीकरण पृष्ठ दिखाई देगा जहां आपको विवरण भरने के लिए कहा जाएगा – जैसे कि आपका पूरा नाम, फोटो आईडी प्रकार या नंबर (आधार नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस)। 
चरण 3: एक बार जब आप पंजीकरण प्रक्रिया के साथ हो जाते हैं, तो वेबसाइट आपको खाता विवरण दिखाएगी। यदि आप एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग करके अधिक लोगों को जोड़ना चाहते हैं, तो आप अधिकतम चार लोगों को जोड़ सकते हैं। अधिक व्यक्तियों को पंजीकृत करने के लिए ADD BUTTON पर क्लिक करें।
चरण 4: इसके बाद, आप “टीकाकरण के लिए बुक अपॉइंटमेंट्स” पेज पर पहुंच जाएंगे। आवश्यक सभी विवरण दर्ज करें और खोज बटन पर क्लिक करें। 
चरण 5: अपनी सुविधा के अनुसार एक तिथि और टीकाकरण केंद्र चुनें और फिर बुक बटन पर क्लिक करें आवेदन सम्मेलन पृष्ठ पर जानकारी की जाँच करने के बाद, CONFIRM बटन पर क्लिक करें। अंत में, एक आवेदन SUCCESSFUL पेज सभी विवरण दिखाएगा। आप या तो विवरण को डाउनलोड या सहेज सकते हैं।
यदि आपने अपना रजिस्ट्रेशन कर लिया है तो आप उसके बाद Cowin पोर्टल से अपनी सुविधा के हिसाब से उसमें बदलाव भी कर सकते हैं. टाइम दिन और वैक्सीन लगवाने के लिए सेण्टर सभी चीजों में आसानी से बदलाव किया जा सकता है, और हाँ अगर आपने किसी शहर में वैक्सीन की पहली डोज ले ली है तो दूसरी डोल के लिए सेंटर भी बिलकुल आसानी से चुन सकते हैं.



Sunday, 25 April 2021

लोगो की 'उम्मीद बने नरेंद्र-अखिलेश,योगेश और अशफाक जैसे युवा

 


राष्ट्र चंडिका सिवनी.वर्तमान समय में कोविड-19 जैसी महामारी को देखते हुए एक तरफ तो लोग परहेज करते हुए अपनों को ही छूने से परहेज कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सिवनी में कुछ ऐसे भी चेहरे हैं जो दूसरों की तकलीफों को दूर करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं और जो पीडि़तो के लिए एक उम्मीद की आस बने हुए है। बताया जाता है कि सिवनी में मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट, नेकी की राह जैसी संस्थाएं ऐसी विषम परिस्थिति में लोगों की उम्मीद बनकर सामने आ रही है जो ऑक्सीजन सिलेंडर तक की व्यवस्था कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बताया जाता है कि यूनाइटेड मुस्लिम फ्रंट और नेकी की राह के कुछ सदस्यों ने अपने स्तर से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करवाया है और जरूरतमंदों को बिना किसी आर्थिक फायदे के ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है जिससे कई लोगों की उम्मीद बंध गई है।
मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट और नेकी की राह जैसी संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं बताया तो यह भी जाता है कि यदि किसी के घर में कोई कोविड-19 का मरीज है और उसे अस्पताल ले जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिल रही तो उस संस्था के लोग बिना किसी भेदभाव के अस्पताल भेजने तक की व्यवस्था कर रहे हैं ताकि समय से उन्हें इलाज मिल सके।
नरेंद्र,अखिलेश और योगेश भी बने सहारा
ऐसी विषम परिस्थिति में जब लोग अपने अपने घरों में कैद हैं ऐसे समय में सिवनी के कुछ जागरूक और उत्साही युवक भी लोगों का उम्मीद बने हुए हैं। सिवनी में भाजपा नगर के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, अखिलेश खेडि़कर एवं पुलिस विभाग में पदस्थ प्रधान आरक्षक योगेश राजपूत भी लोगों की मदद करने दिन रात मेहनत कर रहे हैं। बताया जाता है कि तीनों के द्वारा अपने साथियों के साथ प्रयास किया जा रहा है कि सिवनी में किसी तरह से भी ऑक्सीजन की कमी ना हो पिछले कुछ दिनों से सिवनी में ऑक्सीजन की कमी चल रही है।
पिछले दिनों सिवनी से ऑक्सीजन सिलेंडर लेने के लिए एक वाहन जबलपुर गया हुआ था लेकिन समय से उक्त वाहन में ऑक्सीजन नहीं भरा गया इस बीच सिवनी में ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए लगातार लोग परेशान हो रहे थे जिसे देखते हुए नरेंद्र ठाकुर, योगेश राजपूत एवं अखिलेश खेड़ीकर सुबह के समय छिंदवाड़ा पहुंचे और गोयल ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया लेकिन वहां किसी तरह ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो पाई तब तीनो ही छिंदवाड़ा जिले के ही बोरगांव सौसर ऑक्सीजन प्लांट पहुंचे जहां प्लांट मालिक से बातचीत की गई और उसके बाद सिवनी कलेक्टर को अवगत कराया गया तब सिवनी कलेक्टर ने तत्काल डिमांड लेटर कलेक्टर छिंदवाड़ा को भेजा और सिलेंडर से भरी गाड़ी को जबलपुर से बोरगांव सौसर के लिए वापस बुलाया। छिंदवाड़ा कलेक्टर सौरभ सुमन एवं सिवनी कलेक्टर डॉ.राहुल हरिदास फटिंग के अलावा छिंदवाड़ा भाजपा के जिला अध्यक्ष बंटी साहू और पूर्व विधायक नानाभाऊ मोहोड़ व उनके पुत्र राहुल मोहोड़ ने सिवनी के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध हो इसके लिए प्रयास किया और आखिरकार नरेंद्र, अखिलेश और योगेंद्र राजपूत की मेहनत रंग लाई। रात के समय सिवनी से गये वाहन को सिलेंडर मिले और उक्त सिलेंडेरो को लेकर तीनो युवा सिवनी पहुंचे ताकि किसी को आक्सीजन की कमी ना हो।
ड्यूटी से बचे टाईम का सदुपयोग कर रहे योगेश
पुलिस विभाग में पदस्थ प्रधान आरक्षक योगेश राजपूत की ड्यूटी जिला अस्पताल में लगाई गई है जो अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हैं और वहां से जो समय बचता है उस समय का सदुपयोग वह समाजसेवा में करते हैं। अस्पताल की ड्यूटी के बाद योगेश राजपूत, नरेंद्र ठाकुर, अखिलेश खेड़ीकर जैसे युवाओ के साथ आक्सीजन सहित आवश्यक दवाओं के इंतेजाम करने में लगाते हैं ताकि आक्सीजन और दवाओं की कमी से किसी को कोई परेशानी ना हो। वर्तमान में उक्त तीनों ही युवक लोगों की उम्मीद बने हुए हैं और लोग बड़ी उम्मीद से फोन भी लगाते हैं ताकि कुछ राहत मिल सके।
अशफाक अली भी निस्वार्थ सेवा में जुटे
इन नामों के अलावा सिवनी में अशफाक अली का भी एक ऐसा नाम है जिसे लोग उम्मीद भरी नजरों से देखते है। असल में कोविड 19 की महामारी के चलते अशफाक अली अपनी एम्बूलेंस में नि:शुल्क सेवा करते हैं। अशफाक अली को यदि कोई 24 घंटे में कभी भी फोन लगाता है तो वह सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं और देर रात भी वह फोन लगाने वाले के घर पहुंच जाते है। बताया जाता है कि अशफाक अली के द्वारा ना केवल मरीजों के घर तक एम्बूलेंस ले जाई जाती है बल्कि बिना किसी भेदभाव के वह मरीज को पकड़कर एम्बूलेंस में लेटाते भी है और अस्पताल जाने पर उसे एम्बूलेंस से उतारकर अस्पताल तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है जबकि वर्तमान में लोग अपने करीबियो को भी छूने से परहेज कर रहे हैं ऐसी विषम परिस्थिति में भी अशफाक अली के द्वारा बिना किसी छुआछूत और बिना किसी भेदभाव के मदद की जा रही है जो नि:संदेह प्रशंसनीय है। वर्तमान में ऐसे युवाओं और संस्थाओं के कारण ही मानवीयता जीवित है।



Thursday, 22 April 2021

मनोज वाजपेयी के 52वें जन्मदिन के अवसर पर, स्पेशल एजेंट की भूमिका में उनकी टॉप 5 थ्रिलर्स पर डालते है एक नज़र !

 


बहुचर्चित फिल्म, टेलीविजन और थियेटर पर्सनालिटी, मनोज बाजपेयी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। पिछले दो दशकों में सम्मानित अभिनेता ने हमें कुछ उल्लेखनीय फिल्में दी हैं। सत्या में भिकू महात्रे की भूमिका में मुंबई के पसंदीदा डॉन का किरदार निभाने से लेकर, अलीगढ़ में रामचंद्र सिरस के एक संवेदनशील और गहन करैक्टर के साथ न्याय करने और निर्देशक नीरज पांडेय के साथ कई दमदार थ्रिलर करने तक, उन्होंने हमेशा हमें अपने अभिनय प्रतिभा के साथ स्तब्ध किया है। कई फिल्मों में उन्होंने जिस भूमिका को बेबाकी से निभाया है, वह एक जासूस की है। ऐसे में हम आपके मनोज बाजपेयी की टॉप 5 फिल्में लाये है, जहां उन्होंने एक जांच एजेंट के रूप में अपने उम्दा अभिनय के साथ हमें मंत्रमुग्ध किया है। 1. *स्पेशल 26* नीरज पांडे द्वारा निर्देशित यह एक अनोखी थ्रिलर थी। 'स्पेशल 26' 80 के दशक से वास्तविक जीवन की कहानी पर आधारित थी। इसमें ड्रामा, सस्पेंस और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण था। मनोज बाजपेयी को अक्षय कुमार और उनके गैंग ऑफ इंपोटर्स का पीछा करते हुए एक सीबीआई अधिकारी की भूमिका में दिखाया गया था। फ्राइडे फिल्मवर्क्स द्वारा निर्मित यह फिल्म एक अनएक्सप्लोर्ड जॉनर के लिए रास्ता खोलने में कारगार रही थी। प्रॉजेक्ट की सेटिंग और एग्जीक्यूशन ऐसा था कि फिल्म को बड़े पैमाने पर हिट घोषित किया गया था। और मनोज और नीरज की प्रतिभा को सभी ने बेहद सरहाया था। 2. *नाम शबाना* एक ओर प्रभावशाली सहयोग नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी के बीच नाम शबाना में देखा गया था। जबकि नीरज ने फ्राइडे फिल्मवर्क्स के तहत फिल्म का लेखन और सह-निर्माण किया था, वही एक विशेष एजेंट रणवीर के रूप में मनोज ने तापसी पन्नू के मेंटर की भूमिका निभाई थी जो एक युवा महिला एजेंट थी। मनोज ने एक उम्दा परफॉर्मेंस पेश की थी, जबकि नीरज पांडे ने बड़े पर्दे पर इस तरह की कहानी लाने और मैच्योर सिनेमा प्रेमियों के लिए एक ओर अस्पष्टीकृत क्षेत्र की खोज के लिए प्रशंसा हासिल की थी। फिल्म में महान प्रतिभाओं और अच्छी कहानी का मिश्रण था और एक अच्छा प्रीक्वल सेटअप पेश किया था। फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर सुपर हिट रही थी और इसका श्रेय नीरज पांडे की हटकर सोच को जाता है। 3. *अय्यारी* मनोज वाजपेयी ने भारतीय सेना के एक कर्नल अभय सिंह और इसके प्रमुख अभिनेता, सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​के गुरु की भूमिका निभाई है। नीरज पांडे द्वारा लिखित और निर्देशित यह जासूसी कहानी वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित है। मनोज बाजपेयी खूबसूरती के साथ बहुस्तरीय किरदार निभा रहे हैं, जिसमें ग्रे शेड है, जिससे आप पूरी फिल्म में उनके इरादों का अंदाजा लगा सकते हैं। फिल्म का सह-निर्माण फ्राइडे फिल्मवर्क्स द्वारा किया गया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय लोकल्स थे। एक बार फिर, मनोज और नीरज अपनी प्रतिभा के साथ दर्शकों को लुभाने में सफ़ल रहे थे। 4. *फैमिली मैन* एक बार फिर, मनोज बाजपेयी ने इस जासूसी एक्शन थ्रिलर में सीक्रेट एजेंट के रूप में एक मल्टी-लेयर्ड और अद्वितीय व्यक्तित्व के साथ अपने अभिनय का प्रदर्शन किया था। मनोज के किरदार के दो अलग-अलग पक्ष थे, एक जो मध्यम वर्गीय परिवार का था और दूसरा पक्ष एक सीक्रेट गुप्त एजेंट का था। इस बेहद सफल ओटीटी वेबसीरीज में उन्हें परफॉर्म करते देखना सभी प्रशंसकों के लिए एक ट्रीट थी। 5. *सत्यमेव जयते* मनोज बाजपेयी और जॉन अभिराम स्टारर एक बहुत बड़ी सफलता थी और अधिकारी शिवांश राठौड़ के रूप में मनोज का किरदार दर्शकों को बहुत पसंद आया था। फिल्म पूरी तरह से एक दिलचस्प प्लॉट के साथ पॉटरबॉयलर थी जिसने उनके पक्ष में काम किया। इसमें बेहतरीन प्रदर्शन, फाइट सीक्वेंस, चालबाजी और एक रोमांचक कहानी थी जिसने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। फिल्म ने सही दिशा में हलचल पैदा की और बॉक्स ऑफिस पर इतना अच्छा प्रदर्शन किया कि निर्माता इसके सीक्वल की योजना बना रहे हैं।



जब बीस रुपए के नोट पर पुष्पा ने दीपू के लिये Lockdown में ये लिख डाला: हो के मजबूर मुझे उसने बुलाया होगा 

 

इन दिनों इंटरनेट पर 20 रुपये का एक नोट तेजी से वायरल हो रहा है. इस नोट पर पुष्पा ने दीपू के लिये एक प्यार भरा संदेश लिखा है और भगा ले जाने को कहा है.

राष्ट्र चंडिका  दिल्ली. अब वो ज़माने गए जब लोग कबूतर के पैरों में मोहब्बत की चिट्ठियां बांध कर अपने महबूब तक प्यार का संदेश भेजते थे. अब ज़माना नोटो का है. इश्क का इज़हार हो या बेवफाई का ग़म, सबकुछ नोट पर लिखा जा रहा है. आपको याद होगा कुछ दिनों पहले कैसे 'सोनम गुप्ता बेवफा है', लिखा हुआ नोट जमकर वायरल हुआ था. अब एक बार फिर ऐसा ही हुआ है लेकिन इस बार बात बेवफाई की नहीं बल्कि मोहब्बत की है और वो भी इस कदर सच्ची की प्रेमिका अपनी तय शादी तोड़ प्रेमी के साथ भाग जाने को तैयार है.इन दिनों इंटरनेट पर 20 रुपये का एक नोट तेजी से वायरल हो रहा है. इस नोट पर पुष्पा ने दीपू के लिये एक प्यार भरा संदेश लिखा है और भगा ले जाने को कहा है.नोट पर लिखा है,'' प्रिय दीपू जी.मेरी शादी 26 अप्रैल को है.मुझे अपने साथ भगा ले चलो.तुम्हारी पुष्पा.आई लव यू.'' इस से साफ पता चल रहा है कि कोई पुष्पा नाम की लड़की है जिसकी शादी आने वाले 26 अप्रैल को है लेकिन वो शादी से पहले अपने प्रेमी दीपू से भगा ले जाने को कह रही है. अब इस मोहब्बत के पैगाम की असलियत क्या है कोई नहीं जानता लेकिन इन दिनों इंटरनेट पर ये 20 रुपये का नोट और उस पर लिखा ये संदेस काफी वायरल हो रही है.




Wednesday, 21 April 2021

लॉक डाउन में फल विक्रेताओं वसूल रहे मनमाने दाम

 



-चौपाया वाहनों में फल विक्रेताओं द्वारा दोगुने दामों में बेचे जा रहे फल
-कोरोना संक्रमण सहित अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को डॉक्टर फलों के सेवन की सलाह दे रहे हैं

राष्ट्र चंडिका सिवनी.जिले में एक बार फिर कोरोना आपदा को अवसर बनाते हुए फल विक्रेताओं ने आमजनों से लूट मचानी शुरू कर दी है। वहीं अप्रैल माह में इनके दाम ८० रुपए से लेकर १०० रुपए तक कर दिए गए हैं। इसी तरह के हाल फलों के भी किए गए हैं। फलों के दामों में भी बेहतासा वृद्धि कर ३० से ६० रुपए मिलने वाले फलों के मूल्य अब ८० से १२० रुपए प्रति किलो विक्रय किए जा रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच लोगों के लिए दोहरी आफत बन गई है महंगाई और इससे लोगों को निजात दिलाने के लिए सरकारी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
उपभोक्ताओं के लिए बड़ी आफत- कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते जिला प्रशासन द्वारा किए गए लॉकडाउन के कारण इन दिनों फल व सब्जी बाजार के साथ ही अन्य सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने ठेलों में फलों को छूट दी है, लेकिन यह छूट आम उपभोक्ताओं के लिए और घातक साबित हो रही है।
कोरोना महामारी के बचाव कार्य में व्यस्त अधिकारियों
का इस ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं है। पिछले बार लॉक डाउन में जिस तरह से अधिकारियों ने सभी का मूल्य निर्धारण किया था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है। इन सब बातों का खामियाजा मजबूरी में लोगों को अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई गंवा कर भुगताना पड़ रहा है।
आसमान छू रहे फलों के दाम- फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। फल इतने महंगे कि आम आदमी की पहुंच से दूर हो गए हैं। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि मंडी में फल बाहर से आते हैं, लेकिन लॉकडाउन लगा हुआ है, जिससे फलों के आवक कम हो रही है। यही वजह है कि फल महंगे दामों में मिल रहे हैं। वहीं फलों के महंगे होने के पीछे एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण सहित अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को डॉक्टर फलों के सेवन की सलाह दे रहे हैं, जिससे फलों की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। संतरे 100 से 130 रूपये किलो, अंगूर 80 से 100 रूपये किलो, सेब 200 से 260 रूपये किलो, आम 80 से 100 रूपये किलो में बिक रहे हैं।

Saturday, 10 April 2021

पंडित बसोड़ी लाल जी त्रिवेदी हमारे बीच नही रहे 

 


राष्ट्र चंडिका सिवनी. सेवानिवृत्त शिक्षक बसोली लाल त्रिवेदी जी का जबलपुर में उपचार के दौरान देवलोक गमन हो गया है। ज्ञात हो कि स्वर्गीय बसोड़ी लाल त्रिवेदी जी विश्व हिंदू परिषद के पूर्व में जिला अध्यक्ष भी रहे और स्वामी श्री स्वरूपानंद जी शंकराचार्य महाराज के गुरु परिवार के प्रमुख सदस्यों में से एक थे। आप की सेवानिवृत्ति शासकीय बहुउद्देश्यीय शाला से हुई थी, आपने 83 वर्ष की आयु पूर्ण की।
       आप बार काउंसिल के सदस्य भी थे अपने पीछे अपनी धर्मपत्नी, चार पुत्र राम लखन त्रिवेदी, विनोद त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी और अवधेश त्रिवेदी दो पुत्री शकुन तिवारी, लक्ष्मी तिवारी सहित भरे पूरे परिवार को छोड़ कर प्रभु शरण मे चले गए है। ईश्वर से कामना है कि वे आपको अपने घर मे सर्वोत्तम स्थान दे, साथ ही पूरे परिवार को दारुण दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
         अंतिम यात्रा निज निवास (त्रिवेदी निवास मंगलीपैठ) से 10.30 बजे कटंगी रोड मोक्षधाम के लिए निकलेगी।

Sunday, 4 April 2021

10 दिन में महज 145 मरीज, फिर लॉकडाऊन की सिफारिश क्यों! 

 लगभग एक साल में जिले में कोरोना से एक का भी निधन नहीं! 

(लिमटी खरे) क्राईसिस मैनेजमेंट की बैठक में सिवनी जिले में पांच दिन का लॉक डाऊन लगाने की सिफारिश की गई है, जो अपने आप में अचंभित करने वाली ही मानी जा सकती है। इसके पीछे ठोस वजह यह है कि पिछले 10 दिनों में सिवनी जिले में सरकारी आकड़ों के अनुसार महज 145 प्रकरण ही आए हैं। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के हवाले से जारी विज्ञप्तियों पर अगर गौर फरमाया जाए तो 25 मार्च से 03 अप्रैल तक कोरोना कोविड 19 के संक्रमित मरीजों के मिलने की संख्या बहुत ज्यादा नही है। 25 मार्च को 14, 26 मार्च को 19, 27 मार्च को 19, 28 मार्च को 18, 29 मार्च को होली के कारण संभवतः आंकड़े जारी नहीं हुए। इसके बाद 30 मार्च को महज 09, 31 मार्च को 12, 01 अप्रैल को 20, 02 अप्रैल को 25 एवं 03 अप्रैल को महज 09 इस तरह पिछले दस दिनों में महज 145 मरीज ही सिवनी में मिले हैं। अब सिवनी की आबादी पर अगर नजर डाली जाए तो 2011 की जनगणना के अनुसार सिवनी जिले की कुल आबादी 13 लाख 79 हजार 131 है, जो जिले भर के 03 लाख 14 हजार 767 आवासों में निवास करती है। 13 लाख 79 की आबादी अगर बढ़कर 14 लाख भी हो गई हो तो 14 लाख की आबादी में महज 145 कोरोना पाजिटिव मरीज मिलना बहुत मामूली बात मानी जा सकती है वह भी दस दिनों की अवधि में। यह तो .10 (दशमलव एक शून्य) का आंकड़ा है। इसके अलावा मार्च 2020 से 03 अप्रैल 2021 के बीच जिले में कोरोना कोविड 19 के प्रकोप से निधन के सरकारी आंकड़े महज दस ही हैं, जो लगभग दस माहों से स्थिर बने हुए हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर कोविड से निधन की बातें जमकर कही जाने के बाद भी प्रशासन के द्वारा इस तरह की भ्रामक बातों का प्रचार प्रसार करने वालों के खिलाफ किसी तरह की दण्डात्मक कार्यवाही न किया जाना भी अपने आप में आश्चर्य से कम प्रतीत नहीं होता है। इन सारी स्थितियों परिस्थितियों के बाद सोशल मीडिया पर लॉक डाऊन के हिमायती जिले के नेता तो माने जा रहे हैं, पर आम जनता इसका प्रतिकार करती ही नजर आ रही है। जनता का कहना है कि जब स्थितियां बहुत गंभीर नहीं हैं तो लॉक डॉऊन की सिफारिश क्यों! अगर सांसदों, विधायकों की उपस्थिति में पांच दिन के लॉक डाऊन के प्रस्ताव को शासन को भेजने की बात कही गई तो निश्चित तौर पर हालात वैसे नहीं माने जा सकते हैं जैसे विज्ञप्तियां बयां कर रहीं हैं। यह अलहदा बात है कि जिस तरह सिगरेट की डिब्बी पर स्टार लगाकर स्वास्थ्य के लिए हानिकारण लिख दिया जाता है उसी तरह यहां भी अगर मरीज बढ़े तो का प्रयोग किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी भी इस बात को बेहतर तरीके से जानते हैं कि जमीनी हालात क्या हैं, पर वे भी मजबूर हैं, वे भी अपने आप को अपने अपने कार्यालयों के बीस बाई बीस के वातानुकूलित कमरों में ही बंद किए हुए हैं। पिछले एक माह में सीएमएचओ के द्वारा जिले के कितने विकासखण्ड में जाकर अस्पतालों का निरीक्षण किया गया, अगर इसी बात को जिलाधिकारी के द्वारा दिखवा लिया जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो सारा गड़बड़झाला प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के द्वारा ही किया गया है। मौखिक आदेश के तहत ही इस तरह की स्थितियां परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं। सीएमएचओ के द्वारा अब तक किसी भी अस्पताल का औचक निरीक्षण नहीं किया गया है। न ही यह देखा गया है कि कहां कोरोना के कितने मरीज संभावि कोरोना के वार्ड में भर्ती हैं, कहां कितने कोरोना के लिए बनाए गए वार्ड में . . . एक तस्वीर जरूर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को भेजी गई है जो एक निजि अस्पताल की है। यह तस्वीर वाकई बहुत हृदय विदारक मानी जा सकती है। इस तस्वीर में एक मरीज को बरामदे में ही आक्सीजन सिलेण्डर लगाकर बैंच पर बिठा दिया गया है। यह है सिवनी जिले के जमीनी हालाता, और इस बारे में क्राईसिस मैनेजमेंट कमेटी में चर्चा की फुर्सत जिले के दोनों सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. ढाल सिंह बिसेन, चारों विधायक दिनेश राय, राकेश पाल सिंह, अर्जुन सिंह काकोड़िया, योगेंद्र सिंह सहित जिला भाजपा अध्यक्ष आलोक दुबे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए जिले की वास्तविक हालातों को जनता के समक्ष रखना चाहिए। यह है वह विज्ञप्ति जिसमें पांच दिन के लॉक डाऊन की सिफारिश की गई है: कोरोना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण के लिए क्राईसिस मैनेजमेंट समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, संक्रमण से रोकथाम हेतु जनजागरूकता एवं सख्ती बरतने के दिए गए निर्देश सिवनी। 03-अप्रैल-2021 कोविड मरीजों की संख्या में हो रही बढ़ोत्तरी को दृष्टिगत रखते हुए इसके बचाव एवं रोकथाम हेतु स्थानीय प्रतिबंध लागू किए जाने के हेतु जिला क्राईसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक शनिवार 3  अप्रैल को आयोजित की गई। जिसमें जिला क्राईसिस मैनेजमेंट कमेटी के मेम्बर,  जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मध्यप्रदेश शासन  गृह विभाग  मंत्रालय  वल्लम भवन भोपाल के निर्देशानुसार सर्व सम्मति से निम्नानुसार निर्णय लिए गए हैं जो निम्नानुसार हैं: बैठक में लिए गए निर्णयानुसार समस्त सामाजिक एवं धार्मिक त्यौहारों में निकलने वाले जुलूस/ गैर/ मेले सार्वजनिक रुप से लोगों का एकत्रित होना प्रतिबंधित किए जाने का निर्णय लिया गया। शादी विवाह समारोह में 50 तथा शवयात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित न हो तथा उठावना, मृत्युभोज कार्यक्रम में 50 से अधिक व्यक्ति सम्मिलित न होने का निर्णय लिया जाकर इसका कड़ाई से पालन किए जाने व संख्या अधिक होने पर आयोजक, प्रबंधक एवं लॉन संचालक को भी जिम्मेदार बनाया जाए निर्णय लिया गया। जिले के समस्त जिम, स्वीमिंग पूल, सिनेमाघर बंद किए जाने का निर्णय लिया गया। आमजन का रेस्टोरेंट में बैठकर खाने पर रोक लगाने का निर्णय लेते हुए केवल पार्सल व्यवस्था लागू रखे जाने का निर्णय लिया गया। बंद हॉल में आयोजित किए जाने वाले समस्त प्रकार के कार्यक्रम हेतु हॉल क्षमता के 50 प्रतिशत तक की अनुमति तय की गई साथ ही यह संख्या किसी भी स्थिति में 100 से अधिक नहीं होगी तय किया गया। आमजन का मास्क पहनना,  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया जाकर, इसे सख्ती से लागू किया जावे। सार्वजनिक स्थानों और कार्य स्थलों पर फेस मास्क न पहनने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया गया। समस्त दुकानों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में रस्सी के माध्यम से अथवा सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 1-1 गज की दूरी पर चूने के गोले बनाए जाने दुकान संचालाकों का स्वयं मास्क पहनना तथा दुकानों/ प्रतिष्ठानों में आने वालों के लिए मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य किए जाने, दुकानों के सामने भीड़ एकत्र न होने व सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो यह जिम्मेदारी दुकान संचालकों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रति मंगलवार को आयोजित की जाने वाली जनसुनवाई कार्यक्रम को आगामी आदेश पर्यन्त तक स्थगित रखे जाने का निर्णय भी सर्व सम्मति से लिया गया। आमजन से यह अपील की जाये कि यदि घर-परिवार में किसी भी सदस्य को कोविड के लक्ष्ण प्रदर्शित होते है तो वह त्वरित इलाज हेतु चिकित्सालय में उपस्थित हो,  बिना चिकित्सक की सलाह के दवाई आदि का सेवन न कर चिकित्सक की सलाह से उपचार प्राप्त करें। चर्चा उपरांत लिए गए निर्णय अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिवनी एवं सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय सिवनी को पूर्व की भांति टेली मेडीसिन की सुविधा प्रारंभ किए जाने के निर्देश दिए गए। स्थानीय प्रशासन यथा- मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सम्बंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी के सहयोग से कोविड पॉजीटिव व्यक्ति के घर के बाहर पर्चा चस्पा कराए। नगरीय क्षेत्र में सराफा, कपड़ा आदि व्यापारीगण कोविड से बचाव हेतु प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे है,  सम्बंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित बाजार भ्रमण कर सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में संचालित समस्त कोचिंग क्लासेस संचालकों द्वारा विद्यार्थियों को हॉल क्षमता के अनुरूप सोशल डिस्टेसिंग में बैठाना सुनिश्चित करने हेतु  जिला शिक्षा अधिकारी व अनुविभागीय दण्डाधिकारी निर्देशित किया गया है। सिवनी नगर स्थित वाचनालय (लायब्रेरी) में भीड़ एकत्र हो रही है इस हेतु भीड़ को नियंत्रित करने के उपाय करने हेतु मुख्य नगरपालिका अधिकारी  सिवनी को निर्देशित किया गया। महाराष्ट्र राज्य से आने वाले यात्री बसों का संचालन बंद है किंतु यात्रिगण टैक्सी या निजी परिवहन का उपयोग कार आ-जा रहे है जिससे संक्रमण फैलने की संभावना है अतः महाराष्ट्र राज्य से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 7 दिनों के लिए होम कोरेंटाईन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला आयुष अधिकारी को आमजनों को आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित करने तथा पूर्व में वितरण की गई होमयोपैथी दवाई का वितरण करने के तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सामुदायिक रवास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर समस्त दवाइयां की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तथा इसके बचाव हेतु आमजनों को इसके दुष्प्रभाव बताया जाना आवश्यक है, इस दृष्टि से निर्णय लिया गया कि कोरोना के प्रति दिन सक्रमित पाए जाने वाले मरीज संख्या का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई जाए व सभी को घरों पर रहने अति आवश्यक कार्य से ही बाहर जाने हेतु समझाईश दी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत ऐसे बुजुर्ग/ गंभीर बीमार/ दिव्यांग जिनके घर परिवार में उन्हें वैक्सीनेशन सेंटर तक लाने-ले-जाने वाला कोई नहीं है अथवा कोई साधन नहीं है ऐसे बुजुर्ग/ गंभीर बीमार/ दिव्यांग को वैक्सीनेशन सेंटर तक पहुंचाने व टीका लगाकर वापस घर तक लाने की व्यवस्था पंचायत स्तर करने की सहमति बनी। साथ ही नगरीय क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोको-टोको अभियान को गति देते हुए ग्रामीण फील्ड अमले एवं कार्यरत शासकीय अमले को प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने हेतु जिला सिवनी में कम-से-कम 5 दिनों का सम्पूर्ण लॉकडाउन का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने का निर्णय सर्व सम्मति से लिया गया। (साई फीचर्स)

Friday, 2 April 2021

बुजुर्ग महिला छःघंटे भटकती रही, नहीं हुई जांच, तोड़ा दम! जनप्रतिनिधि मौन, जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं नजर आ रहीं वेंटीलेटर पर

राष्ट्र चंडिका  सिवनी । प्रदेश के सिवनी जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटीलेटर पर ही नजर आ रही हैं। कोरोना कोविड 19 के प्रकरण भले ही प्रशासन के आंकड़ों में कम हों पर सिवनी के भाजपा विधायक दिनेश राय एवं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना के द्वारा लॉक डाऊन की हिमायत करने से गड़बड़झाले की उम्मीद बलवती होती दिख रही है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने राष्ट्र चंडिका को बताया कि पुलिस विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की महिला परिजन को बुखार आदि की शिकायत होने पर उनके परिजन उन्हें शुक्रवार को अपरान्ह लगभग 11 बजे एक निजि अस्पताल में ले गए। निजि अस्पताल में कोविड जांच की सुविधा नहीं होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय ले जाया गया। सूत्रों ने बताया कि जब महिला के परिजन उन्हें लेकर इंदिरा गांधी जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां भी उन्हें इस वार्ड से उस वार्ड में भेजा गया। उक्त महिला की कोविड की जांच नहीं हो पाने से उसे किस वार्ड में भर्ती किया जाए, इस पर ही संशय बरकरार रहा। इसके बाद जब वे उन्हें लेकर ट्रामा केयर यूनिट के लिए बने भवन जहां कोविड की जांच की जा रही है में पहुंचे तो वहां काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें यह कहकर वहां से रूखसत कर दिया गया कि कोरोना कोविड 19 की जांच की किट ही उपलब्ध नहीं है। सूत्रों की मानें तो इसके बाद पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारी के परिजन उक्त बुजुर्ग महिला को शहर के दूसरे निजि अस्पताल लेकर गए। निजि अस्पताल में कोविड की जांच नहीं हो पाई और अस्पताल प्रशासन के द्वारा यह कह दिया गया कि उनके अस्पताल में कोविड वार्ड एवं अन्य वार्ड में एक भी पलंग रिक्त नहीं हैं। सूत्रों ने बताया कि इस पूरी कवायद में सुबह 11 बजे से शाम के 05 बज गए और उक्त महिला की न तो जांच हो पाई और ना ही उनका कोविड टेस्ट ही हो पाया। शाम को बुजुर्ग महिला का निधन हो गया। प्रशासनिक विज्ञप्तियों में सब कुछ नियंत्रण में प्रशासन के द्वारा जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से रोजाना जारी होने वाली विज्ञप्तियों में बीस से कम मरीज रोज ही मिलने की बात कही जा रही है। अगर प्रशासन की विज्ञप्तियां सही हैं तो सिवनी में हालात चिंताजनक नहीं हैं, पर अगर सिवनी के कमोबेश हर अस्पताल में बिस्तर भरे हैं तो इसकी जांच प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा अब तक की जाकर वस्तु स्थिति से संबंधित विज्ञप्तियां क्यों नहीं जारी की जा रही हैं! हो रहे हैं वीडियो वायरल इधर, सत्ताधारी भाजपा के जिलाध्यक्ष आलोक दुबे, भाजपा के सिवनी विधायक दिनेश राय, विपक्ष में बैठी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना आदि के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उनके द्वारा जिले की स्थिति संतोष जनक नहीं बताई जा रही है को क्या माना जाए! वेक्सीन हो गई समाप्त! सूत्रों ने  को आगे बताया कि इसके साथ ही साथ शुक्रवार को सिवनी के जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र में अपरान्ह बाद कोरोना वेक्सीनेशन के लिए वेक्सीन समाप्त होने पर अनेक लोगों को वापस भेजा गया। इस तरह का प्रबंधन चल रहा है जिले के स्वास्थ्य विभाग में। इस मामले में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. लोकेश चौहान को लगातार ही फोन लगाकर वस्तु स्थिति की जानकारी चाही गई किन्तु उन्होंने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई!