राष्ट्र चंडिका सिवनी. सालों के इंतजार के बाद कांग्रेस को लगभग 2 साल पहले सत्ता की प्राप्ति हुई थी किंतु भारी उठापटक के बीच कोरोना के आगमन के साथ कांग्रेस की सत्ता भी चली गई। पुनःभाजपा के सत्ता में आने के बाद सिवनी से नए जिलाध्यक्ष के रूप में आलोक दुबे का चयन प्रदेश भाजपा ने किया, उसके बाद उनकी कार्यकारिणी गठन पहली चुनौती थी तत्पश्चात दूसरी चुनौती के रूप में स्थानीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव को देखा जा रहा है। इन चुनावों के चलते संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो चुकी है,वार्ड वार्ड में दौरे के साथ निर्विवाद चेहरे का चयन प्राथमिकता होगी। हालांकि निर्विवाद चेहरों की कमी हर दल में है, अलग-अलग गुटों से जुड़े होने के कारण भी कुछ प्रत्याशियों को मुनाफा तो कुछ को घाटा होना तय है। भाजपा की ओर से देखे तो विधायक दिनेश (मुनमुन)राय और आलोक दुबे जिसे अपना प्रत्याशी चयन करेंगे लगभग वही नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से भाजपा का चेहरा होगा। इस फेहरिस्त में भारतीय जनता पार्टी की ओर से लंबे नाम की सूची बाजार में घूम रही है जिसमें सर्वप्रथम रूप से रुद्रदेव राहंगडाले, ज्ञानचंद सनोडिया, संतोष नगपुरे, अखिलेश खेड़ीकर, लालू रॉय, विनोद सोनी, सुरेश भांगरे समेत लगभग 15 नामों की सूची तैयार है। इस बात से भी नकारा नहीं जा सकता कि इन 15 के अलावा कोई 16वा प्रत्याशी मैदान में नजर आ जाए क्योंकि भाजपा में हेलीकॉप्टर लैंडिंग आजकल आम बात हो गई है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से जिसकी सत्ता उसका पत्ता चलते ही आ रहा है और जो खेमा मजबूत होगा वह अपने व्यक्ति को प्रत्याशी बनवा ही देगा। ऐसे में कांग्रेस की ओर से रंजीत यादव, शिव सनोडिया, पदम सनोडिया, हाजी सोहेल पाशा, शफीक खान, असलम खान राजिक अकील समेत दर्जनभर नाम की सूची शामिल है। चुनावी मुकाबले में तीसरे दल के रूप में नागरिक मोर्चा हमेशा से अच्छी परफॉर्मेंस देते आया है इस बार नागरिक मोर्चा की ओर से राजनीतिक हलकों में गौरव जयसवाल का नाम उभरकर सामने आ रहा है। गौरव इसके पूर्व भी आंदोलनों में अपनी सक्रियता के चलते नगर में युवाओं के बीच जाने पहचाने जाते हैं। विकास की बातें 5 साल तो चलती है किंतु चुनावों में केवल व्यक्ति और दल देखा जाता है, जो कि हमारी सिवनी की परंपरा रही है। अब देखना है कि इस बार चुनावों में विकास देखा जाता है या दल।