Friday, 20 December 2019

144, कानून व्यवस्था बनाने में होता है इस्तेमाल

क्या है भारतीय दंड संहिता की धारा 144?

राष्ट्र चंडिका.धारा 144 का विवरण भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के अनुसार, जो भी कोई किसी घातक आयुध, या किसी ऐसी चीज से, जिसे आक्रामक आयुध के रूप में उपयोग किए जाने पर मॄत्यु कारित होनी संभाव्य है, सज्जित हो कर किसी विधिविरुद्ध जनसमूह का सदस्य होगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक दण्ड या दोनों से दण्डित किया जाएगा।
लागू अपराध
घातक आयुध से सज्जित होकर विधिविरुद्ध जनसमूह में सम्मिलित होना।
सजा - दो वर्ष कारावास या आर्थिक दण्ड या दोनों।
यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।
धारा 144- घातक आयुध से सज्जित होकर विधिविरुद्ध जनसमूह में सम्मिलित होना
भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ख) में यह निर्धारित किया गया है की सभी नागरिकों को शांति पूर्वक इकट्ठा होने का अधिकार है। इसका मतलब है कि भारत के नागरिकों को अपनी इच्छा से सार्वजनिक सभा या यहां तक कि जुलूसों को इकट्ठा करने और व्यवस्थित करने की स्वतंत्रता दी गई है। लेकिन इकट्ठा करने का यह अधिकार भारत की संप्रभुता और अखंडता के हित में राज्य द्वारा उचित प्रतिबंध के अधीन है। इसलिए, एक उपयुक्त प्राधिकारी सार्वजनिक बैठक के आयोजन पर रोक लगा सकता है, अगर ऐसे मामले में वे इस विचार के होते हैं कि सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए ऐसा करना आवश्यक है।
क्या है भारतीय दंड संहिता की धारा 144?
धारा 144 भारतीय दंड संहिता की धारा 143 का उग्र रूप है। इस खंड में स्पष्ट रूप से बल प्रयोग करने के इरादे से, हथियार या घातक हथियार जैसे पिस्तौल, बंदूकें, भाले, तलवारें से लेकर खंजर, किरपान, और कांटा आदि से सार्वजनिक शांति को भंग करने वाले व्यक्ति के लिए सजा का प्रावधान है।
यह धारा किसी ऐसे व्यक्ति के लिए सजा का प्रावधान करती है जो किसी गैरकानूनी असेंबली में घातक हथियार से लैस हो। धारा के अनुसार, जो कोई भी गैरकानूनी असेंबली का सदस्य है, जो घातक हथियार से लैस है, या ऐसा कुछ जो अपराध के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, और जिससे मौत की संभावना है, ऐसे व्यक्ति को साधारण या कठोर कारावास से दंडित करती है जो दो साल तक या जुर्माना या दोनों के साथ विस्तारित हो सकता है।
गैरकानूनी असेंबली किसे कहते हैं?
एक गैर कानूनी असेम्बी में पांच या पांच से अधिक लोगों का होना आवश्यक है। हालाँकि, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने धर्म पाल सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य जैसे कई मामलों में निरस्त कर दिया है कि; जहां केवल पांच नामांकित व्यक्ति ही एक गैरकानूनी असेंबली में शामिल होने के लिए अभियुक्त किये गए हैं, और उनमें से एक या अधिक के खिलाफ इलज़ाम साबित हो जाता है, परन्तु शेष पदावनत (जो कि पांच व्यक्तियों से कम हैं), जो कि गैर कानूनी असेंबली बनाने के जुर्म में अभियुक्त किये गए हैं, को बरी कर दिया जाता है, ऐसे में अन्य अभियुक्त लोगों को गैरकानूनी असेंबली बनाने के जुर्म में दण्डित नहीं किया जाएगा।
धारा 144 के मामलों में वकील की जरुरत क्यों होती है?
भारतीय दंड संहिता में धारा 406, का अपराध एक बहुत ही संगीन अपराध है, जिसमें एक दोषी को कारावास की सजा के साथ - साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान दिया गया है, जिसमें कारावास की सजा की समय सीमा को 2 बर्षों, तक बढ़ाया जा सकता है। ऐसे अपराध से किसी भी आरोपी का बच निकलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है, इसमें आरोपी को निर्दोष साबित कर पाना बहुत ही कठिन हो जाता है। ऐसी विकट परिस्तिथि से निपटने के लिए केवल एक अपराधिक वकील ही ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जो किसी भी आरोपी को बचाने के लिए उचित रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है, और अगर वह वकील अपने क्षेत्र में निपुण वकील है, तो वह आरोपी को उसके आरोप से मुक्त भी करा सकता है। और घातक आयुध से सज्जित होकर विधिविरुद्ध जनसमूह में सम्मिलित होने जैसे बड़े मामलों में ऐसे किसी वकील को नियुक्त करना चाहिए जो कि ऐसे मामलों में पहले से ही पारंगत हो, और धारा 144 जैसे मामलों को उचित तरीके से सुलझा सकता हो। जिससे आपके केस को जीतने के अवसर और भी बढ़ सकते हैं।

Thursday, 19 December 2019

MP के 43 जिलों में धारा 144 लागू, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को फ्री हैंड

 राष्ट्र चंडिका पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक संभावित आंदोलन में हिंसा और बवाल होने का इनपुट मिला है. इसके बाद 43 जिलों के पुलिस कप्तान और आईजी को अलर्ट कर दिया गया है. साथ ही अति संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गयी है 

भोपाल. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और एनआरसी (National Register of Citizens) को लेकर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में संभावित आंदोलन को देखते हुए सरकार हरकत में आ गई है. राज्य के 43 जिलों में एहतियातन धारा 144 लगा दी गई है. जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को शांति व्यवस्था बिगाड़ने और हंगामा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस को शांति और कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए फ्री हैंड दिया गया है. पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक संभावित आंदोलन में हिंसा और बवाल होने का इनपुट मिला है. इसके बाद 43 जिलों के पुलिस कप्तान और आईजी को अलर्ट कर दिया गया है. साथ ही अति संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गयी है.
CAA और NRC को लेकर संभावित आंदोलनों में हंगामे का मिला है 
पुलिस मुख्यालय जिलों में होने वाले आंदोलन, सभा, बैठक, धरना-प्रदर्शन पर नजर रखे हुए हैं. किसी भी तरह की रैली की इजाजत नहीं दी जा रही है. थाना स्तर पर मोहल्ला समिति की बैठक ली जा रही है. सूत्रों की मानें तो पुलिस और प्रशासन को शुक्रवार से लेकर आने वाले दिनों में संभावित आंदोलन, सभाओं और प्रदर्शनों में उग्रता होने का इनपुट मिला है. हाल-फिलहाल जिस तरह देश की राजधानी दिल्ली में हंगामा और बवाल हुआ है, उसी तरह से मध्य प्रदेश में भी हंगामा होने की आशंका है. इसको देखते हुए ही पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं.

Sunday, 15 December 2019

प्रमोद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मनाया स्थापना दिवस, गो ग्रीन की पहल को बनाए रखने का लिया प्रण


राष्ट्र चंडिका नई दिल्ली. पूर्वी दिल्ली स्थित प्रमोद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 14 दिसंबर को अपना स्थापना दिवस मनाया। अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक डिजाइन वाले घरों को बनाने के लिए प्रमोद एसोसिएट्स ने गो ग्रीन की पहल को बनाए रखने के लिए भी प्रण लिया। कंपनी के निदेशक विवेक गुप्ता ने कहा कि जिन घरों को हम डिजाइन करते हैं वह गो ग्रीन उपक्रम के प्रमाण हैं।   प्रमोद कंस्ट्रक्शन कंपनी में गो ग्रीन की शुरुआत 35 साल पहले स्वर्गीय प्रमोद कुमार गुप्ता ने किया था, जिसका उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल घर बनाना है। कंपनी के निदेशक विवेक गुप्ता ने कहा, हम प्रकृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। हम जानते हैं कि सभी के लिए सकारात्मक, आरोग्यजनक माहौल में घर बनाने से बेहतर कुछ नहीं है। हम घरों के आतंरिक और बाहरी हवा को स्वच्छ रखने के लिए प्राकृतिक स्थानों के साथ रहने की जगह को विकसित करते हैं, क्योंकि यह पहल हमारे लिए विशेष महत्व रखती है।  प्रमोद ग्रुप ने स्थापना दिवस पर कई जगहों पर पौधे लगाए। कार्यक्रम की शुरुआत यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से प्रमोद ग्रुप के ऑफिस तक पर्यावरण के लिए यात्रा निकालने से हुई, जिसमें कई लोगों ने भाग लिया। इसके बाद पौधे लगाकर पर्यावरण को बचाए रखने का प्रण लिया गया।

Saturday, 14 December 2019



WhatsApp का बड़ा फैसला, 15 सेकेंड में 100 मैसेज भेजने पर होगी कानूनी कार्रवाई


फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने बड़ा कदम उठाते हुए बल्क मैसेज भेजने वाले अकाउंट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। व्हाट्सएप ने अपने ब्लॉग में कहा है कि वह ऐसे व्हाट्सएप अकाउंट को बंद कर देगा जो थोक में मैसेज भेजते हैं। इसके अलावा उन लोगों के अकाउंट के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा जो फटाफट ग्रुप बनाते हैं।हालांकि व्हाट्सएप का फैसला फिलहाल सिर्फ व्हाट्सएप के बिजनेस अकाउंट के लिए ही है।हालांकि व्हाट्सएप का फैसला फिलहाल सिर्फ व्हाट्सएप के बिजनेस अकाउंट के लिए ही है।इसके अलावा मिनटों में दर्जनों ग्रुप बनाने वाले व्हाट्सएप अकाउंट भी निशाने पर रहेंगे। दरअसल व्हाट्सएप ने यह फैसला स्पैम मैसेज पर लगाम लगाने के लिए लिया है। व्हाट्सएप का यह नियम सात दिसंबर से लागू हो गया है।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही व्हाट्सएप ने स्पैम और थोक मैसेज पर लगाम लगाने के लिए थोक में मैसेज फॉरवर्डिंग को बंद कर दिया है। ऐसे में यूजर्स एक बार में सिर्फ पांच लोगों को ही कोई मैसेज फॉरवर्ड कर सकते हैं।