Sunday, 30 June 2019









आवाज सुन टाइपिंग करेगा गूगल डॉक्स, जानें तरीका

नई दिल्ली गूगल डॉक्स इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के जैसे ही गूगल डॉक्स यूजर्स को बेसिक वर्ड प्रोसेसिंग फीचर और शॉर्टकट ऑफर करता है। जाने-पहचाने लेआउट और अलग-अलग कमांड के लिए यूनिवर्सल शॉर्टकट इसे यूजर के लिए काफी आसान बनाते हैं। गूगल डॉक्स की जो सबसे बढ़ी खासियत है वह यह है कि इसमें आप बिना कीबोर्ड इस्तेमाल किए केवल बोलकर टाइपिंग कर सकते हैं। बिल्ट-इन वॉइस टाइपिंग फीचर के साथ आने वाला गूगल डॉक्स हिंदी, इंग्लिश, नेपाली, मराठी और अफ्रीकी भाषाओं के साथ ही कई दूसरी भाषाओं में भी उपलब्ध है।
बिना इंटरनेट काम करेगा गूगल मैप्स, जानें तरीका

अगर आप भी गूगल के इस शानदार फीचर को इस्तेमाल कर अपनी टाइपिंग को फास्ट और आसान बनाना चाहते हैं, तो आज हम आपको इसे ऐक्टिवेट और इस्तेमाल करने का तरीका बता रहे हैं।

इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
गूगल डॉक्स में वॉइस टाइपिंग के लिए सबसे पहले यह कन्फर्म कर लें कि आपके डिवाइस का माइक्रोफोन सही ढंग से काम कर रहा है या नहीं। इसके बाद जरूरी है कि आपका जिवाइस इंटरनेट से कनेक्टेड और कंप्यूटर पर गूगल क्रोम ब्राउजर इंस्टॉल हो।

इन स्टेप्स को करें फॉलो
1-अपने क्रोम ब्राउजर पर गूगल डॉक्स ओपन करें।
2- नया डॉक्युमेंट क्रिएट या जिस डॉक्युमेंट पर आप काम कर रहे थे उसे ओपन करने के लिए '+' आइकन पर क्लिक करें।
3-इसके बाद 'टूल्स' में जाएं।
4-ड्रॉप-डाउन मेन्यू से 'वॉइस टाइपिंग' को सिलेक्ट करें।
5-ऐसा करते ही स्क्रीन में ऊपर बाईं तरफ माइक्रोफोन का एक आइकन बना दिखेगा। इसे आप ड्रैग कर कहीं भी प्लेस कर सकते हैं।
6-इसके बाद माइक्रोफोन आइकन पर क्लिक करें और माइक्रोफोन यूज करने के लिए परमिशन दे दें।
7- इसके बाद आप माइक्रोफोन पर क्लिक कर बोलना शुरू कर सकते हैं।

भाषा बदलने के लिए नीचे की तरफ इशारा करने वाले ऐरो पर क्लिक कर आप अपनी पसंद की भाषा का चुनाव कर सकते हैं। वॉइस की बेहतर पहचान के लिए अच्छा होगा कि आप एक अतिरिक्त माइक्रोफोन या इन-लाइन माइक्रोफोन वाले ईयरफोन का इस्तेमाल करें। साथ ही गूगल वॉइस टाइपिंग का इस्तेमल करते वक्त शांत माहौल का चुनाव करें ताकि यह फीचर आपकी आवाज को सही तरीके से सुन और समझ पाए।


Saturday, 29 June 2019

 

1 जुलाई से बदल जाएंगी बैंक और पैसों के लेन-देने से जुड़ी ये  चीजें

1 जुलाई से सेविंग खाते और पैसों के लेन-देन से जुड़े नियम बदल रहे हैं. इसके साथ ही गैस की नई कीमतें भी जारी होंगे. आइए जानें और क्या बदलेगा.

सोमवार से शुरू हो रहे नए महीने यानी 1 जुलाई से बैंक के कई नियम बदलने जा रहे है. इसका आपकी जेब और जिंदगी पर सीधा असर होगा. RBI ने ऑनलाइन पैसों के लेनदेन से जुड़े नियम बदल दिए हैं जो कि एक जुलाई से लागू होंगे. वहीं, रसोई गैस की कीमतें तय होंगी. साथ ही छोटी बचत योजनाओं की नई दरें लागू होंगी. माना जा रहा है कि ब्याज दरें घट सकती हैं. ऐसे में आपके जमा पर मुनाफा घट गया है. आइए जानें ऐसी कौन सी 6 चीजें है जो 1 जून से बदलने जा रही हैं.
(1) अब कम मिलेगा मुनाफा- केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला रिया है. सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 0.10 फीसदी की कटौती की है. इसका मतलब है आपको 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कम मुनाफा मिलेगा. आपको बता दें कि सरकार स्मॉल सेविंग्स स्कीम (Small Savings Scheme छोटी बचत योजनाओं) पर हर तिमाही में ब्याज दर (Interest rate इंटरेस्ट रेट) तय करती हैं. यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह कब इसमें बदलाव करे. स्पष्ट कर दें कि यह जरूरी नहीं कि सरकार हर तिमाही में बदलाव करे.
(2) बदल गया पैसों के लेन-देन से जुड़ा नियम-डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी चार्ज खत्म कर दिए हैं. RBI ने पैसा ट्रांसफर करने का शुल्क 1 जुलाई से समाप्त करने की घोषणा की है. केंद्रीय बैंक ने बैंकों से कहा है कि वह लाभ उसी दिन से अपने ग्राहकों को दें. आरटीजीएस (RTGS) से बड़ी राशियों को एक खाते से दूसरे खाते में तत्काल ट्रांसफर करने की सुविधा है. इसी तरह एनईएफटी के जरिये दो लाख रुपये तक तत्काल ट्रांसफर किए जा सकते हैं.
देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक एनईएफटी के जरिये मनी ट्रांसफर के लिए 1 रुपये से 5 रुपये का चार्ज लेता है. वहीं, आरटीजीएस के जरिए पैसा ट्रांसफर करने के लिए 5 से 50 रुपये का चार्ज लेता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली के जरिये उसके द्वारा सदस्य बैंकों पर लगाए जाने वाले विभिन्न शुल्कों की समीक्षा की है.
(3) महंगा हो सकता है रसोई गैस सिलेंडर- हर महीने की तरह 1 जुलाई से रसोई गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी होंंगी. इससे पहले 1 जून को रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी.
(4) इन सेविंग खातों के नियम भी बदलें- अकाउंट के मामले में नियमों को आसान कर दिया है. ऐसे खाताधारकों को चेक बुक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकेंगी. हालांकि, बैंक इन सुविधाओं के लिये खाताधारकों को कोई न्यूनतम राशि रखने के लिये नहीं कह सकते. ये नए नियम 1 जुलाई से लागू होंगे. प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडी) से आशय ऐसे खातों से है, जिसे शून्य राशि से खोला जा सकता है. इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है. इससे पहले नियमित बचत खाते जैसे खातों को ही अतिरिक्त सुविधा मिलती थी. अत: इन खातों में न्यूनतम राशि रखने की जरूरत होती है और अन्य शुल्क भी देने होते हैं.
(5) 1 जुलाई से बदल जाएगा SBI का नियम, 42 करोड़ ग्राहकों पर पड़ेगा असर- एसबीआई की ओर से कहा गया है कि 1 जुलाई से रेपो रेट से जुड़े होम लोन ऑफर किए जाएंगे. इसका मतलब यह हुआ कि अगले महीने से एसबीआई की होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रेपो रेट पर आधारित हो जाएगी. अगर इसे आसान भाषा में समझें तो रिजर्व बैंक जब-जब रेपो रेट में बदलाव करेगा उसी आधार पर एसबीआई की होम लोन की ब्‍याज दर भी तय होगी.
(6) 1 जुलाई से 36,000 तक महंगी हो जाएंगी महिंद्रा कारें, जानें वजह- ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (M&M) ने अपने पेसेंजर वीइकल्स की कीमत में 36,000 रुपये तक का इजाफा करने का फैसला किया है. महिंद्रा के वाहनों पर 1 जुलाई से नई कीमत लागू होगी. कंपनी के इस फैसले के बाद महिंद्रा स्कॉर्पियो, बोलेरो, एक्सयूवी500 जैसी कार महंगी हो जाएंगी.
महिंद्रा ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा ,  भारत में सभी यात्री वाहनों में 145 सुरक्षा मानदंड लागू होने से यह वृद्धि की जा रही है. कंपनी ने कहा कि वह स्कॉर्पियो , बोलेरो , टीयूवी 300 और केयूवी 100 नेक्सट की कीमतों में थोड़ा ज्यादा और एक्सयूवी 500 तथा माराजो के दामों में मामूली वृद्धि की जाएगी. महिंद्रा ने कहा कि एआईएस 145 सुरक्षा नियम वाहन में कुछ सुरक्षा फीचर्स लगाने को अनिवार्य बनाते हैं.