Saturday, 25 May 2019

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के पिताजी का निधन

 राष्ट्र चंडिका भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पिता श्री प्रेमसिंह चौहान का मुंबई में उपचार के दौरान निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार श्री प्रेम सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

Thursday, 23 May 2019

बारापत्थर क्षेत्र में रसराज नामक दुकान में की जा रही है उपभोक्ताओं के साथ लूट

*नाजायज फायदा उठाकर अवैध कमाई कर रहे*
राष्ट्र चंडिका सिवनी .गर्मी के बीच शीतल पेय की बिक्री काफी बढ़ी है वहीं सिवनी में बारापत्थर क्षेत्र जो कि वीआईपी जॉन कहलाता है वहीं पर स्थित एक रसराज नामक दुकान में लोगों से शीतल बिक्री के नाम पर उमस दुकानदार ग्राहकों से अतिरिक्त कीमत वसूल रहे हैं। बहाना है शीतल पेयजल को ठण्डा रखने का। इन्हें न तो प्रशासन का खौफ है और न बोतल पर अंकित मूल्य का ध्यान। कीमत को लेकर आए दिन ग्राहकों से नोक-झोंक होती रहती है।भीषण गर्मी और उमस से बचने के लिए लोग ठण्डे पेय पदार्थ का इस्तेमाल करते हैं, पर दुकानदार इसका नाजायज फायदा उठाकर अवैध कमाई कर रहे हैं। बताया जाता है कि कोल्ड ड्रिंक्स जैसे एप्पल का जूस एप्पी ग्राहक 250ml प्रिंटेड मूल्य ₹15 लिखा हुआ है जिसे वह उपभोक्ताओं से ₹ ₹20 में दिया जा रहा है जब अधिक मूल्य का कारण पूछता है तो दुकानदार उसे रखने व ठण्डा करने का अतिरिक्त खर्च बताता है। ग्राहक के विरोध करने पर दुकानदार झगड़े में उतारू हो जाते हैं।

Wednesday, 22 May 2019

लो ₹20 वाली राजश्री बिक रही 25 में

राष्ट्र चंडिका सोमेश चौरसिया मंडला. शहर में राजश्री के पाउच में लूटा मारी चालू हो गई है ₹20 वाली राजश्री ₹25 में बेची जा रही है दुकानदार का कहना है कि कंपनी से माल नहीं आ रहा इसलिए हम लोग ₹25 में बेच रहे हैं प्रिंट रेट से अधिक रेटों में ऐसे कई सामान है जो आज भी बाजारों में बेचे जा रहे हैं इसके पहले भी पूर्व में राजश्री की बहुत जोरों से कालाबाजारी हुई थी जिसमें दुकानदारों ने कई लाखों रुपए कमाए थे बड़े बड़े व्यापारियों ने कई गोदाम राजश्री से भर लिए थे और  अधिक दामों में बेच रहे थे आज भी फिर वैसे ही चालू होने वाला है इसलिए बढ़ते दामों के सामानों को ना खरीदें आप अगर समान नहीं खरीदेंगे वैसे ही दाम कम हो जाएगा सूत्र बताते हैं ₹20 वाली राजश्री 25 में अभी अधिक बेची जा रही है मंडला शहर में सब खुली छूट है लूट सको तो लूट लो प्रशासन इस ओर कभी ध्यान नहीं देता इसलिए आपसे निवेदन है कि राजश्री पाउच खाना छोड़ दें 20 वाला राजश्री 25 में ना खरीदें

Friday, 17 May 2019

निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत में मिल रहे दूध, दही के पैकेट, कार्रवाई की मांग

*उत्पादों पर एमआरपी से अधिक की वसूली कर उपभोक्ताओं के साथ ठगी का खेल चल रहा है खुलेआम* 

राष्ट्र चंडिका सिवनी. नगर में दूध विक्रेता हल्दीराम और अन्य दूध के पैकेटों पर निर्धारित छपी कीमत से अधिक वसूली कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस गोरखधंधे में जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है।  लंबे समय से इस दुकानदार की उपभोक्ता द्वारा शिकायत से शिकायत सामने आ रही है.

         नगर के बारापत्थर  क्षेत्र में उपभोक्ताओं के लिए रोजमर्रा के उपयोग में आने वाला सबसे महत्वपूर्ण दूध की जरूरत पूरी करने के नाम पर दुकानदारों द्वारा ठगी की जा रही है। दुकानदारों द्वारा हल्दीराम एवं अन्य दूध ,दही के पैकेटों पर कंपनियों द्वारा मुद्रित की गई दरों से अधिक की वसूली की जा रही है। सफेद दूध का यह काला कारोबार नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहा है तथा उपभोक्ता जहां लूटने को मजबूर है वहीं जिम्मेदार विभागों की सांठगांठ इन दुकानदारों से बनी हुई है।  दूध के स्थानीय विक्रेताओं द्वारा उपभोक्ताओं को बेचे जाने वाले एक लीटर आधा लीटर एवं उससे कम मात्रा वाले दूध के पाउचों पर कंपनियों द्वारा मुद्रित की गई दर से (1 से ₹2  रुपए ठंडे करने के नाम पर) वसूली की जा रही है।  या दुकानदार अपने फ्रिज का  पूरा खर्चा  उपभोक्ताओं से  खुलेआम लूट रहा है .का जिससे उपभोक्ताओं की जेब तो ढीली हो ही रही है वही उनके स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। दुकानदारों के प्रभावी होने एवं विभागीय संरक्षण के चलते इनके द्वारा बेखौफ ढंग से उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है। सिवनी नगर में अनेक कंपनियों का दूध बड़ी मात्रा में रोजाना सप्लाई होता है। दुकानदारों द्वारा निर्धारित कीमत से ज्यादा राशि वसूले जाने पर उपभोक्ताओं द्वारा आपत्ति किए जाने पर दुकानदार अभद्रता पर उतर आते हैं। जिसके कारण उपभोक्ता मजबूरन ज्यादा पैसा देकर दूध खरीद रहे हैं।
अन्य पैक सामग्री भी बिक रही ज्यादा कीमतों पर -क्षेत्र में अन्य प्रकार की पैक सामग्री भी विभिन्न दुकानदारों द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक की वसूली करके बेची जा रही हैं। इन दिनों क्षेत्र में बेची जा रही विभिन्न कंपनियों की कोल्ड ड्रिंक पानी की बॉटल पैक किए हुए दही विभिन्न प्रकार के मिष्ठान आइसक्रीम एवं अन्य उत्पादों पर एमआरपी से अधिक की वसूली कर उपभोक्ताओं के साथ ठगी की जा रही है। 

Saturday, 11 May 2019

शताक्षी संगीत विद्यालय में मनाया गया रजत जयंति समारोह


राष्ट्रचंडिका सिवनी। शताक्षी संगीत विद्यालय के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंति समारोह गरिमामयी और संगीत संध्या में उपस्थित श्रोताओं की उपस्थिति में धूमधाम व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया । सिवनी जिले की संगीत प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी संस्था शताक्षी संगीत विद्यालय ने अपने सफलतम 25 वर्ष को पूर्ण कर लिये। इस उपलक्ष्य में संस्था में प्रतिवर्ष होने वाले वार्षिक उत्सव को इस वर्ष रजत जयंति समारोह के रूप में मनाया गया । कार्यक्रम की शुरूआत श्रीमती शांति उपाध्याय, श्रीमती द्रोपदी दुबे एवं संस्था के संचालक श्री नेत्रपाल दुबे के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया । तत्पश्चात सर्वप्रथम विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई । इसके उपरांत मुरलीधर, अक्षत, आशुतोष, अभय, एवं विनायक के द्वारा तबला सोलो की प्रस्तुति दी गई । रजत जयंति समारोह में गीतों की श्रंखला में शताक्षी ने ए वतन वतन, रश्मि बघेल ने राम तेरी गंगा, नम्रता ने लुका छिपी, गणपति, रश्के कंवर, स्वर्णा सोनी हां वंशी बन गये, गोपी, ससुराल गेंदा फूल, वाशु सनोडिया, तेरे संग यारा, मुकुंद ये लाल इश्क, विशाल शु ला ओ रंगरेज, रिसब यादव मोरे राजा, अदिति जब कोई बात, रितु नैनो की ये, रितिका छाप तिलक, खुशी नाहटा दमादम मस्त, सत्यम जीना-जीना, हिमालय रात कली, एवं सौ या तू जो नजरों एवं मुकेश बघेल ने कालो की काल गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी । शताक्षी संगीत विद्यालय समिति ने प्रसिद्ध समाज सेवी श्री हरि प्रसाद सनोडिया का स मान किया । इस अवसर पर श्री एन आर बैस, डॉ आर पी दुबे, श्री राजेश तिवारी, श्री मंगल मालवीय, श्री राघवेन्द्र बैस, श्री मुकुन्द चंद्रा, श्री राजेश करोसिया, श्री आर एस सनोडिया, डॉ एस के नेमा, डॉ आर पी बोरकर, के साथ भारी सं-या में श्रोताओं ने संगीत का आनंद लिया वहीं कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ श्रृति अवस्थी ने किया । 
मेगा ट्रेड के बाहरी व्यापारियों ने नहीं कराया मुसाफिरी दर्ज

माने तो मेगा ट्रेड फेयर के संचालक अपने आपको उच्च स्तरीय एप्रोच वाला समझते हैं

   राष्ट्र चंडिका  सिवनी. पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंप के पास स्थित ट्रस्ट की जमीन में नियम विरूद्ध तरीके से मेगा ट्रेड फेयर लगाया गया है जिसमें बाहर से दुकानदारों ने आकर अपनी अपनी दुकान सजाया है। सूत्र बताते हैं कि जितने दुकानदारों ने मेगा ट्रेड फेयर में दुकानें लगाई है उनमें से अधिकांश दूसरे जिले या प्रदेश से आए हुए हैं जिन्होंने थाने में जाकर मुसाफारी दर्ज नहीं कराई। बड़ा सवाल यह है कि आचार संहिता चल रही है और ऐसे में बाहर से आकर कोई व्यक्ति नियम विरूद्ध तरीके से व्यवसाय कैसे कर सकता है? जानकारों की माने तो यदि अन्य प्रदेश या अन्य जिले से आकर कुछ दिनों के लिए दुकान या व्यापार करने वाले लोगों को थाने में जाकर अपने समस्त दस्तावेज दिखाते हुए यह बताना होता है कि वह किस उद्देश्य से आए हैं और कब तक रहेंगे । साथ ही उन्हें मुसाफिर भी दर्ज कराना होता है लेकिन मेगा ट्रेड फेयर में पहुंचे व्यापारियों ने ऐसा नहीं किया। 
सूत्रों की माने तो मेगा ट्रेड फेयर के संचालक अपने आपको   उच्च स्तरीय एप्रोच वाला समझते हैं। बताया जाता है कि उन्हें ना तो शासन का डर है और ना ही प्रशासन का इसलिए वह ना केवल मुसाफिर दर्ज कराए बिना दुकान खोलकर बैठे हैं बल्कि मेगा ट्रेड फेयर में बेखौफ होकर तेज आवाज में डीजे भी बजा रहे हैं। जबकि वह इस बात को अ'छी तरह से जानते हैं कि चंद कदमों की दूरी में जिला अस्पताल मौजूद हैं जहां मरीज भर्ती है और अस्पताल के पास ध्वनि विस्तार यंत्र वर्जित होते हैं पर धन्य है उक्त मेगा ट्रेड फेयर को अनुमति देने वाले विभाग जिन्होंने चंद सिक्कों की खनक के सामने नियमो को दरकिनार रखते हुए अनुमति दे दिया।
कपड़े और पॉलीथिन से घिरी है दुकाने-

जब से गर्मी शुरू हुई है तब से ही जगह-जगह आग लगने का सिलसिला चल रहा है जिसकी तरफ प्रशासन ने ध्यान दिया ही नहीं। यदि प्रशासनिक अधिकारी मेगा ट्रेड फेयर में जाकर निरीक्षण करें तो उन्हें पता चल जाएगा कि मेगा ट्रेड फेयर में आगजनी से बचने के कोई पर्याप्त साधन नहीं है यदि वहां कोई घटना घटती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है जिसका कारण उक्त पूरा पंडाल पॉलिथीन से बना हुआ है। पंडाल के ऊपर  पॉलीथिन बिछी  हुई है साथ ही भीतर जो दुकानें लगी है उनमें से अधिकांश दुकानें कपड़ों की है वहीं फाइबर और लकड़ी के सामान भी बेचे जा रहे हैं यदि अज्ञात कारणों के चलते आगजनी जैसी घटना होती है तो अंदर मौजूद ग्राहकों के बाहर निकलने के लिए भी कोई इमरजेंसी रास्ता नहीं है ऐसे में यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो ना केवल मेगा ट्रेड फेयर में पहुंचने वाले ग्राहक प्रभावित होंगे बल्कि वहां की आग करीब स्थित पेट्रोल पंप तक भी पहुंच सकती है। हालांकि मेगा ट्रेड फेयर के संचालकों के द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है की वहा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं लेकिन हकीकत क्या है यह मौके पर जाकर देखा जा सकता है । आश्चर्य बात का है कि इस मामले को लेकर ना तो एसडीएम सक्रिय नजर आ रहे हैं और ना ही सीएमओ यहां तक कि कोतवाली थाना प्रभारी भी उक्त मेगा ट्रेड फेयर को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे यदि समय रहते अधिकारियों ने मेगा ट्रेड फेयर की लापरवाही पर अंकुश  नहीं लगाया  तो वहां मौजूद व्यापारी लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करते हुए शहर से अ'छा खासा पैसा कमाकर  चले जाएंगे और छोड़ जाएंगे कई सवाल।
तीन दिन बाद भी सीएमओ नही बता पाए अनुमति है अथवा नही
पेट्रोल पंप से चंद कदमों की दूरी में बाहर से आए हुए लोगों ने मेगा ट्रेड फेयर लगाया हुआ है जिसके लिए नगर पालिका परिषद के द्वारा अनुमति ली अथवा नहीं यह पूछने के लिए & दिन पहले प्रभारी सीएमओ गजेंद्र पांडे से चर्चा की गई थी तो उन्होंने बताया था कि मैंने अभी प्रभार लिया है और कार्यालय से बाहर हूं इसलिए फाइल देखकर बता पाऊंगा लेकिन & दिन हो गए अभी तक गजेंद्र पांडे यह नहीं बता पाए कि आखिर पेट्रोल पंप के पास मेगा ट्रेड फेयर के लिए किन शर्तों के आधार पर अनुमति दी गई है अथवा नहीं दी गई है। बहरहाल देखना यह है कि इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर प्रवीण अढ़ायच  गंभीरता से लेते हैं या नहीं।

Friday, 10 May 2019

तो क्या नगर पालिका की बिना अनुमति चल रहा ट्रेड फेयर
पालिका कर्मचारियों को मिल रहे हैं  ट्रेड फेयर के पास
पालिका के अधिकारी ले रहे जमकर डिस्काउंट

सिवनी राष्ट्र चंडिका। गर्मी के मौसम में सर्किट हाऊस के सामने वाले मैदान पर लगी प्रदर्शनी (ट्रेड फेयर) में भीड़ भाड़ के चलते अगर यहाँ कोई दुर्घटना घटित हो जाये तो इससे निपटने के लिये प्रदर्शनी संचालकों के पास किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। लाभ कमाने की गरज से प्रदर्शनी संचालकों के द्वारा सरकारी नियम कायदों को बलाए ताक पर रख दिया गया है। ज्ञातव्य है कि इस साल जनवरी माह में इसी स्थान पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाना प्रस्तावित था। बताया जाता है कि उस समय प्रदर्शनी के संचालक को सुरक्षा कारणों, पार्किंग के अभाव आदि के चलते अनुमति देने में प्रशासन के द्वारा आनाकानी की जा रही थी। बताया जाता है कि इस प्रदर्शनी के आयोजकों के द्वारा जो सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं, वे वेषभूशा तो सुरक्षा कर्मियों की पहने दिखते हैं पर वे किस पंजीकृत सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी हैं यह बात शोध का ही विषय मानी जा सकती है। नियमानुसार इस प्रदर्शनी में स्टॉल लगाने वालों को कोतवाली में अपनी मुसाफिरी दर्ज कराना चाहिये था। बताया जाता है कि इस प्रदर्शनी के आयोजकों के द्वारा जो सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं, वे वेषभूशा तो सुरक्षा कर्मियों की पहने दिखते हैं पर वे किस पंजीकृत सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी हैं यह बात शोध का ही विषय मानी जा सकती है। नियमानुसार इस प्रदर्शनी में स्टॉल लगाने वालों को कोतवाली में अपनी मुसाफिरी दर्ज कराना चाहिये था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम ढलते ही प्रदर्शनी के आसपास शोहदे नुमा असामाजिक तत्वों का जमघट लगने लगता है। इस तरह की प्रदर्शनी वैसे महिलाओं के लिये आकर्षण का केंद्र होती हैं, पर यहाँ असामाजिक तत्वों के जमघट के कारण महिलाएं यहाँ जाकर असहज ही महसूस कर रहीं हैं। इसके अलावा आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिये प्रदर्शनी संचालकों के द्वारा किसी तरह की कोई व्यवस्थाएं नहीं की गयी हैं। यहाँ तक कि आग लगने की स्थिति में आग बुझाने के लिये फायर एक्सटेंग्यूशर एवं प्राथमिक चिकित्सा के लिये भी किसी तरह की व्यवस्थाएं नहीं की गयी हैं। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग से जनापेक्षा है कि इस तरह भीड़भाड़ वाले स्थान पर मुकम्मल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवायी जायें। इस संबंध में जब नगर पालिका के मुख्य अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि उनके पदभार ग्रहण करने के बाद से इस तरह की कोई अनुमति नहीं ली गई है हो सकता है पदभार ग्रहण करने से पूर्व अनुमति दी गई हो मैं फाइल दिखाता हूं. चर्चाएं तो यह भी है इस मेले के पास नगर पालिका व सरकारी कर्मचारियों को दिए गए हैं जिसे मेले में दिखाने उन्हें अच्छा खासा डिस्काउंट भी मिल रहे हैं. इसी के चलते इस मेले पर अनुमति है क्या नहीं कोई जांच नहीं हो रही है.

Saturday, 4 May 2019



"ट्रेड फेयर" में अव्यवस्थाओं और बदइंतिजामी की भेंट
 



*आकस्मिक  आपदा व चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं है ट्रेड फेयर में
*असामाजिक गतिविधियां जारी हैं जैसे कि आवारा युवाओं का जमघट*
राष्ट्र चंडिका। सिवनी बड़े शहरों की तरह अब नगर में भी इन दिनों व्यापार मेला जिन्हें "ट्रेड फेयर" का नाम दिया जाता है के माध्यम से उपभोक्ताओं को लूटने का षड्यंत्र जारी हो चुका है हो रहा है कि किसी स्थानीय प्रायोजक जिसमें  कभी कभी  समाचार पत्र समूह भी सक्रिय हो जाते हैं। इन अस्थाई ट्रेड सेंटरों पर विभिन्न कंपनियों  को  कीमत की एवज में स्टाल आवंटित करते हैं यह कंपनियां बाजार कीमत से कम पर वस्तुएं उपलब्ध कराने का दावा करती है पर जब उपभोक्ता ऐसे फेयर (मेलों )में पहुंचते हैं तो वह ठगा सा रह जाते हैं। बताया जाता है कि इस ट्रेड फेयर के  स्टाल की दुकानों पर सामानों को देखने के पश्चात अगर न लिया जाता तो वहां के कर्मी उनसे अव्यवस्थाओं  और बदइंतिजामी  की भेंट चढ़ता बताया जा रहा है बताते हैं कि यहां सभी प्रकार की असामाजिक गतिविधियां जारी हैं जैसे कि आवारा युवाओं का जमघट रात्रि के समय देखी जा सकती है और तो और यही असामाजिक तत्व महिलाओं से छेड़खानी भी करते देखे जा रहे हैं आयोजन और पुलिस इससे अनजान नहीं है । उन्हें तो बस अपने लाभ की फिक्र है कानून व्यवस्था जाए ,,, में अभी अभी चुनाव की खुमारी से उभरते पुलिस प्रशासन से दरकार है कि इस और  प्रभावी कदम उठाएं।
   आकस्मिक  आपदा व चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं है ट्रेड फेयर में-  एक बात और जो यह कि इस ट्रेड फेयर के साथ मनोरंजन के लिए झूले खानपान के स्टाल आदि भी चल रहे हैं ध्यान दें कि यदि इन साधनों से यदि कोई आकस्मिक दुर्घटना घट जाए गर्मी में अग्नि का प्रकोप हो जाए तो उससे निपटने के आपदा प्रबंधन के कोई इंतजाम नहीं है साथ ही आकस्मिक चिकित्सा की भी कोई व्यवस्था नहीं है जबकि जनता की गहमा-गहमी छुट्टियों के चलते बढ़ चली है