Sunday, 30 December 2018

RASHTRACHANDIKA


*फर्जी पत्रकारों से आमजन ही नहीं अधिकारी हो रहे परेशान*
* प्रातः से ही अपने शिकार के लिये निकल पड़ते दूरस्थ गांवों में*
* हर रोज तथाकथित पत्रकारों का उदय हो रहा हैं*
*कथित पत्रकारों के पास न तो कोई समाचार पत्र होता है और न ही वह पत्रकार होते हैं*
राष्ट्र चंडिका सिवनी.सिवनी नगर में पत्रकार की बाढ़ ऐसी आयी है कि हर कोई खुद को पत्रकार कहता नजर आ रहा हैं। फिर चाहे उसे पत्रकारिता जैसे पवित्र पेशे से दूर दूर तक कोई वास्ता भले ही न हो। ऐसे तथाकथित पत्रकार ग्रामीण अंचलों में प्रातः से ही दस्तक देकर ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव  शासकीय सोसायटीओं में के साथ ही  में पहुंच कर फोटो उतारना शुरू कर देते हैं। जब उन्हें रोकने का प्रयास किया जाता है तो वह खुद को सबसे बड़ा पत्रकार बताने से नहीं चूकते। ऐसे कथित पत्रकारों के पास न तो कोई समाचार पत्र होता है और न ही वह पत्रकार होते हैं। वह तो महज अपने वाट्सऐप पर ब्रेकिंग न्यूज से कुछ लाइनें लिखकर डालते हैं। ऐसे तथाकथित पत्रकारों से आमजन ही नहीं बल्कि अब तो अधिकारी तक परेशान हो रहे हैं। सिवनी में  हर रोज तथाकथित  पत्रकारों का उदय हो रहा हैं। जो खुद को सबसे बड़ा पत्रकार बताकर शासकीय कार्यालयों व शासकीय कार्यक्रमों में ऐसे तथाकथित पत्रकार न तो किसी समाचार पत्र के संवाददाता है और न ही उनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक कोई वास्ता है। बस प्रातः सोकर जागे और अपने बाइक पर सवार होकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में दस्तक देने पहुंच जाते हैं। ऐसे फर्जी पत्रकार अपने बाइकों पर मोटे-मोटे अक्षरों में मीडिया या पत्रकार लिखवाये नजर आ रहे हैं। हालांकि अनेकांे बार ऐसे अवसर भी आये जब ऐसे फर्जी पत्रकारों को पकड़ा गया तो वह माफी मांगने के साथ कभी न आने का आश्वासन भी देने में पीछे नहीं रहते हैं। लेकिन वह अगले दिन फिर दूसरे दूरस्थ गांव में पहुंचकर विकास कार्यों पर सवालियां निशान लगाकर ग्राम पंचायत के सरपंच सचिवों से धनउगाही कर अपनी जेबें भरने में लगे रहते हैं। ऐसे फर्जी तथाकथित पत्रकारों से शासकीय कार्यालयों में शासकीय सोसायटी व  खरीदी केंद्रों में  साथ-साथ सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को भी सचेत रहने की आवश्यकता है।