क्यों मुस्कुराते हैं हेलमेट पहने मीडियाकर्मी को देखकर तथाकथित पत्रकार
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। अगर आप सिर पर हेलमेट लगाते हैं तो उससे ापकी सुरक्षा दोपहिया वाहन में सुनिश्चि
त मानी जाती है क्योंकि शरीर का मुख्य अंश कहा जाने वाला मस्तिष्क की सुरक्षा से आप अपने आपको नया जीवन देते हैं। अक्सर देखा जाता है कि राष्ट्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडियाकर्मी जब अपने अन्य साथियों को हेलमेट पहने देखते हैं तो उन्हें ऐसा प्रतीत होता है जैसे हेलमेट पहनना उनके लिये अपमान है। हमने हमेशा प्रयास किया है कि शासन अगर जनहित के कार्य करता है तो हम भी उसे सहयोग प्रदान करें और स्वयं भी उनके निर्देशो का पालन करें आखिर शासन के लोग हेलमेट अभियान के माध्यम से लोगों को इसलिए प्रेरित करते हैं कि वे हेलमेट के माध्यम से दुर्घटना से स्वयं को बचाये। मीडियाकर्मियों को चाहिए कि वे दूसरो को प्रेरित करने से पहले स्वयं भी हेलमेट पहने और दूसरों को भी प्रेरित करें। अगर अपना साथी हेलमेट पहना है तो हमें चाहिए कि उसकी पीठ नहीं थपथपा सकते तो कम से कम उन्हें हेय और तिरस्कार की दृष्टि से ना देखें। 