विधायक ने जवाब देने पाल रखे हैं भाट
राष्ट्रचंडिका/सिवनी। सिवनी विधानसभा के विधायक दिनेश राय जिन्होंने अपनी राजनैतिक यात्रा सिर्फ खनकदार सिक्कों से की और आज भी वे इन सिक्को की चमक से हमेशा लोगों को यह बताने का प्रयास करते हैं कि जिले में एकमात्र वे ही नेता हैं जो जिलेवासियों के शुभचिंतक है। हम अपने पाठकों को बताना चाहते हंै कि इन्होंने अपनी राजनैतिक यात्रा का सूत्रपात कैसे किया और यहां तक कैसे पहुंचे।
नगर परिषद लखनादौन अध्यक्ष कैसे बने थे
नगर परिषद लखनादौन में अध्यक्ष का चुनाव लडऩे के पूर्व इन्होंने लखनादौन की गणेश एवं दुर्गा समितियों को आर्थिक सहयोग दिया और इन कमेटियों के सदस्यों को मौखिक रूप से अपना कार्यकर्ता बनाया था और इन कार्यकर्ताओं ने इन्हें विजयश्री दिलवाने एवं इनकी महिमा मण्डित करने में जी जान लगा दिया था, हम इनके सार्वजनिक जीवन में या इनके व्यवसाय के संबंध में टिप्पणी नहीं करूंगा कि ये क्या करते थे या क्या करते हैं? या फिर इस क्षेत्र क लोगों को लुभाने के लिये इन्होंने क्या क्या किया था? यह सब आप सभी अच्छी तरह जानते हैं
विधानसभा में भी यही स्थिति
जिले में तो इनका बड़बोलापन लोग जानते ही है लेकिन विधानसभा में रखने वाले प्रश्रों को चर्चा के पूर्व ही समाचार पत्रों में प्रकाशित कर सुर्खियां बटोरने का वे प्रयास करते रहते हैं। अब तो प्रशासनिक अधिकारी हो या जिले के नेता सभी उनके इस व्यवहार से वाकिफ होने के कारण उनकी बातों को तवज्जों नहीं देते हैं।
पाल रखे हैं भाटो को
राजाओं के कार्यकाल में राजा की प्रशंसा के लिये जिस तरह भाट हुआ करते थे ठीक इसी तरह इन विधायक महोदय को भी भाट पालने का शौक शुरू से रहा है जो गली चौराहों में इनकी भाटगिरी करने से नहीं थकते इतना ही नहीं वाटसएप में इनकी महिमा मंडित करने क लिये एक गु्रप को भी जिम्मेदारी सौंप रखी है जो आमजन द्वारा किये जाने वाले तीखे प्रश्रों का भाटो की तरह जवाब देते हैं।
बड़बोलेपन में माहिर हैं मुनमुन
चुनाव के पूर्व इन्होंने फोरलेन मेडिकल एवं अनेक ऐसी बाते लोंगो के सामने रखी थी तथा अपना घोषणापत्र बांटकर आश्वासन दिया था कि वह उनकी सभी समस्याओं का समाधान करेंगे अगर शासन सहयोग नहीं करेगा तो वे अपने पैसों से यह कार्य को पूर्ण करेंगे लोगों ने विश्वास कर उन्हें विधायक बनाया लेकिन उसक बाद कार्य पूर्ण करने के स्थान पर इन्होंने विज्ञप्तिवीर बनकर अपना बड़बोललापन ही दर्शाया क्योंकि उनके द्वारा जो कहा गया वह सच नहीं हुआ।
सस्ती लोकप्रियता इनकी कमजोरी
सिवनी जिले में आज तक जितने भी नेता हुए चाहे गार्गीशंकर मित्र, विमला वर्मा, रामनरेश त्रिपाठी, प्रहलाद पटेल या फिर महेश शुक्ला, नेहासिंह, हरवंश सिंह इन्होंने हमेशा अपने काम पर विश्वास रखा ना कि फोटो छपवाने पर या फिर बेतुके बयान देकर लोगों को गुमराह करने का काम कभी नहीं किया लेकिन दिनेश राय ने अपने चाटुकारों को मोबाईल थमाकर सस्ती लोकप्रियता के लिये छोटे छोटे कार्यक्रम जिनका कोई औचित्य नहीं है इसकी भी फोटो समाचार पत्रों में भेजकर प्रकाशित करवाने जैसी ओछी हरकत करना इनकी फितरत बन गयी है।